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ईरान द्वारा इस्राएल की ओर मिशाएल भेजते हुए ईरान द्वारा इस्राएल की ओर मिशाएल भेजते हुए  (ANSA)

पोप ने मध्यपूर्व में बातचीत और शांति के लिए हर संभव प्रयास का आह्वान किया

पोप फ्राँसिस ने मध्य पूर्व में हिंसा के चक्र को रोकने और गज़ा में पीड़ित लोगों की सहायता करने के लिए सभी देशों से बातचीत और शांति प्रयासों का समर्थन करने की जोरदार अपील की।

वाटिकन न्यूज

संत पापा ने कहा, “मैं प्रार्थना और चिंता, साथ ही दुःख से, पिछले कुछ घंटों में ईरान के हस्तक्षेप के कारण इज़राइल में स्थिति खराब होने की खबर सुन रहा हूँ। मैं ऐसी किसी भी कार्रवाई को रोकने की हार्दिक अपील करता हूँ जो मध्य पूर्व को और भी बड़े युद्ध संघर्ष में घसीटने के जोखिम के साथ हिंसा को बढ़ावा दे सकती है।

दूसरों के अस्तित्व को खतरा किसी को नहीं पहुँचाना चाहिए। इसके बजाय, सभी देशों को शांति के लिए खड़ा होना और इजरायलियों एवं फिलिस्तीनियों को दो राष्ट्रों में, साथ-साथ, सुरक्षा में रहने में मदद करनी चाहिए। यह उनकी गहरी और वैध इच्छा है, और यह उनका अधिकार है! जो दो पड़ोसी राष्ट्र हैं।

गज़ा में शीघ्र युद्धविराम हो

गज़ा में शीघ्र युद्धविराम हो और दृढ़ता के साथ बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ा जाए।' उस आबादी की मदद की जाए, जो मानवीय आपदा में फंस गई है, और महीनों पहले अपहृत बंधकों को तुरंत रिहा किया जाए। उन्हें कितना कष्ट सहना पड़ रहा है! हम शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। बहुत हो गया युद्ध, बहुत हो गया आक्रमण, बहुत हो गया हिंसा! आइये, हम संवाद के लिए और शांति के लिए हाँ कहें।

पवित्र हृदय यूनिवर्सिटी युवाओं की आवश्यकता के प्रति चौकस

तत्पश्चात् संत पापा ने पवित्र हृदय यूनिवर्सिटी की याद की जो अपनी शतवर्षीय राष्ट्रीय दिवस मना रहा है। उन्होंने कहा, “आज हम इटली में "भविष्य के लिए प्रश्न। आत्मपरख और चाह के बीच युवा।" विषय पर काथलिक यूनिवर्सिटी ऑफ सेक्रेड हार्ट अपना सौवां राष्ट्रीय दिवस मना रहा है। संत पापा ने कहा, “मैं इस महान विश्वविद्यालय को अपनी महत्वपूर्ण शैक्षिक सेवा, अपने मिशन के प्रति वफादार और आज के युवाओं एवं सामाजिक जरूरतों के प्रति चौकस रहने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ।”

प्रथम बाल दिवस

उसके बाद संत पापा ने रोम तथा इटली एवं विश्व के विभिन्न हिस्सों से आये तीर्थयात्रियों का अभिवादन किया।

उन्होंने बच्चों का सस्नेह अभिवादन किया, "मैं दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आए बच्चों का स्नेहपूर्वक अभिवादन  करता हूँ।" और उन्हें याद दिलाया कि 25-26 मई को कलीसिया में पहला विश्व बाल दिवस मनाया जाएगा। संत पापा ने कहा, "मैं सभी को प्रार्थना के साथ इस आयोजन - प्रथम बाल दिवस - की यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूँ और मैं उन लोगों को धन्यवाद देता हूँ जो इसे तैयार करने के लिए काम कर रहे हैं।” संत पापा ने बच्चों को सम्बोधित कर कहा, “और आप, बालक और बलिकाओ, मैं आपकी प्रतीक्षा कर रहा हूँ! हमें विश्व को एक बेहतर, एक शांतिमय दुनिया बनाने के लिए आपकी खुशी और इच्छा की आवश्यकता है।"

आइए, हम उन बच्चों के लिए प्रार्थना करें जो युद्ध से पीड़ित हैं - ऐसे बहुत सारे लोग हैं! - यूक्रेन में, फ़िलिस्तीन में, इज़राइल में, दुनिया के अन्य हिस्सों में, म्यांमार में। हम उनके लिए और शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

और अंत में अपने लिए प्रार्थना का आग्रह करते हुए सभी को शुभ रविवार की मंगल कामनाएँ अर्पित की।

 

 

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14 April 2024, 15:09