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वाटिकन के कर्मचारियों एवं उनके परिवारवालों के साथ मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस वाटिकन के कर्मचारियों एवं उनके परिवारवालों के साथ मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

वाटिकन कर्मचारियों से पोप : हमेशा प्रभु में विश्वास रखें और शांति का निर्माण करें

संत पापा फ्राँसिस ने बृहस्पतिवार को वाटिकन के कर्मचारियों एवं उनके परिवारवालों से वाटिकन के पौल षष्ठम सभागार में मुलाकात की और उन्हें क्रिसमस की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने चरनी के पास सभी कर्मचारियों के लिए प्रणाम मरियम की प्रार्थना की।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, २२ दिसम्बर २०२२ (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने बृहस्पतिवार को वाटिकन के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों से वाटिकन के पौल षष्ठम सभागार में मुलाकात की और उन्हें क्रिसमस की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने चरनी के पास सभी कर्मचारियों के परिवारों के लिए प्रणाम मरियम की प्रार्थना की।

संत पापा हर साल क्रिसमस के पूर्व वाटिकन के कर्मचारियों से मुलाकात करते हैं। इसी परम्परा को बनाये रखते हुए उन्होंने वाटिकन के पौल सभागार में सभी कर्मचारियों और उनके प्रियजनों से मुलाकात करते हुए कहा, "इस अवसर पर यहाँ आने के लिए धन्यवाद, जिसमें हम ख्रीस्त जयन्ती के लिए शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।"

चरनी के सामने प्रार्थना करते संत पापा फ्राँसिस
चरनी के सामने प्रार्थना करते संत पापा फ्राँसिस

महामारी से बचने के लिए कृतज्ञता

वाटिकन कर्मचारियों के लिए अपने संदेश में पोप ने ईश्वर के प्रति आभार प्रकट करने की सलाह दी क्योंकि उन्होंने महामारी की इस विकट परिस्थिति से हमें उबारा। पोप ने याद दिलाया कि हम किस तरह बंद होकर रह गये थे लेकिन अब स्थिति सामान्य होने लगी है और हम सब कुछ भूलने लगे हैं, शायद ईश्वर को धन्यवाद देना भी भूल गये हैं। संत पापा ने कहा कि ऐसा व्यवहार ख्रीस्तीय अथवा मानवीय नहीं है। हमें धन्यवाद देना चाहिए क्योंकि हम अपने काम पर वापस जा सके और कठिन समय की कुछ समस्याओं से भी ऊपर उठ पाये।

महामारी के प्रभावों की याद करते हुए संत पापा ने कहा, "हमें इसे इसलिए भी नहीं भूलना चाहिए क्योंकि महामारी के लम्बे समय ने छाप छोड़ दी है, न केवल चीज वस्तुओं, आर्थिक परिणामों की, बल्कि लोगों के जीवन, उनके संबंधों, परिवारों की शांति पर भी। इसीलिए मैं आप प्रत्येक और आपके परिवारों के लिए शांति की कामना करता हूँ।"

ईश्वर की इच्छा पहचानने के कारण शांति

शांति का अर्थ नहीं है कि सब कुछ सही सलामत हो या किसी प्रकार की समस्या अथवा कठिनाई न हो।"येसु, योसेफ और मरियम का परिवार हमें इसे दिखाते हैं। हम कल्पना कर सकते हैं कि जब वे बेतलेहेम पहुँचे, तो माता मरियम का दर्द शुरू हुआ, जोसेफ नहीं जान रहे थे कि कहाँ जाएँ, उन्होंने कई दरवाजों पर दस्तक दी, लेकिन कोई जगह नहीं मिली, फिर भी माता मरियम एवं जोसेफ के दिल में शांति थी। जो ईश्वर की ओर से एवं उनकी इच्छा को पहचानने, प्रार्थना एवं आपसी प्रेम में उन्हें एक साथ खोजने के द्वारा प्राप्त हुई थी।" संत पापा ने उपस्थित सभी लोगों से कहा कि आप सभी का विश्वास ईश्वर पर दृढ़ हो एवं आपके परिवारों में उनसे मदद मांगने, उनसे प्रार्थना करने एवं उन्हें धन्यवाद देने की सरलता हो।  

संत पापा ने बच्चों पर शांति की विशेष कामना की तथा कहा कि उन्हें काफी तनाव से गुजरना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमें उस परिस्थिति को अनदेखा नहीं करना बल्कि उसपर चिंतन करना चाहिए क्योंकि संकट से उबरने के लिए कोई जादू नहीं होता किन्तु उसके लिए धीरज से काम करना पड़ता है। माता-पिता उन्हें इस चरण को पार करने में मदद कर सकते हैं।

शांति के साक्षी और निर्माता बनें

अपने संदेश में दूसरी बात संत पापा ने कही कि हम शांति के साक्षी और निर्माता हैं। दुनिया के इतिहास के इस समय में हम प्रत्येक अपनी ओर से शांति के निर्माता होने की जिम्मेदारी को महसूस करने के लिए बुलाये गये हैं। वाटिकन में रहने और काम करने का एक विशेष अर्थ है क्योंकि ख्रीस्त हमारे प्रभु और गुरू हैं जो हमें एक साथ बुलाते हैं कि हम उनके मेलमिलाप एवं शांति के कार्य में अपना सहयोग दें। हम जहाँ हैं जिनके साथ रहते हैं, परिवार, पल्ली और मित्रों के बीच हम शांति निर्माता बन सकते हैं और उसका ठोस साक्ष्य दे सकते हैं।

दूसरों की शिकायत करने से बचें

संत पापा ने जोर देते हुए कहा, “दूसरों के पीठ पीछे उनकी शिकायत करने से बचें। यदि कोई गतली हो गई हो तो उसके लिए सीधे उस व्यक्ति से खुलकर बात करें। इसके लिए ईमानदार और सच्चे बने रहने की कोशिश करनी चाहिए।“  

अंत में, संत पापा ने पुनः अपनी शुभकामनाएँ देते हुए कर्मचारियों के परिवारवालों खासकर, बच्चों एवं बुजूर्गों को अपना स्नेह प्रदान किया तथा अपनी आशीष दी।

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22 December 2022, 16:51