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दक्षिण सूडान के नील राज्य में सशस्त्र संघर्ष दक्षिण सूडान के नील राज्य में सशस्त्र संघर्ष   (AFP or licensors)

संत पापा फ्राँसिस ने दक्षिण सूडान में शांति के लिए प्रार्थना की

संत पापा फ्राँसिस ने दक्षिण सूडान के लिए प्रार्थना करने हेतु आग्रह किया, क्योंकि देश के ऊपरी नील राज्य में सशस्त्र संघर्ष बढ़ रहा है, जिससे हजारों लोगों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उनकी अपील तब आती है जब वे पूर्वी अफ्रीकी देश में शांति की एक प्रेरितिक तीर्थ यात्रा करने की तैयारी कर रहे हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 12 दिसंबर 2022 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में रविवार को देवदत प्रार्थना का पाठ करने के उपरांत कहा कि वे हाल के दिनों में हुई हिंसक झड़पों के बारे में दक्षिण सूडान से आ रही खबरों पर चिंता के साथ नज़र रख रहे हैं।

उन्होंने कहा,"आइए हम शांति और राष्ट्रीय सुलह के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें, कि हमले बंद हो जाएं और नागरिकों का हमेशा सम्मान किया जाए।"

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी दक्षिण सूडान के ऊपरी नील राज्य में तीव्र सशस्त्र संघर्ष के कारण बिगड़ती मानवीय स्थिति की चेतावनी दी है, जिसने दसियों हज़ार कमजोर लोगों को विस्थापित कर दिया है और दक्षिण सूडान में शांति के लिए संत पापा की 3 से 5 फरवरी 2023 तक निर्धारित प्रेरितिक तीर्थयात्रा से पहले ये घटनायें हो रही हैं।

संघर्ष और विस्थापन

बढ़ती हुई हिंसा पूरे क्षेत्र में मानवीय पीड़ा का कारण बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी, यूएनएचसीआर का कहना है कि अगस्त से अब तक कम से कम 20,000 लोग पलायन कर चुके हैं, जिनमें कई हजार सीमा पर हैं।

पिछले महीने से, लगभग 9,000 लोग - ज्यादातर महिलाएं और बच्चे - ऊपरी नील के फशोदा काउंटी में सशस्त्र गुटों के बीच लड़ाई के बाद विस्थापित हुए हैं।

गंभीर स्थिति पर रिपोर्ट करते हुए, संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि कुछ लोगों को खतरे से बचने के लिए दलदल और झाड़ियों में छिपने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इस क्षेत्र में हिंसा ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली है। भागने वाले नागरिकों को आघात पहुँचाया जाता है और हत्याओं, चोटों, लिंग आधारित हिंसा, अपहरण, जबरन वसूली, लूटपाट और संपत्ति को जलाने की सूचना दी जाती है।

इस बीच, पड़ोसी देश सूडान में, संयुक्त राष्ट्र ने पिछले सप्ताह बिगड़ते संकट पर चर्चा करने के लिए अफ्रीकी संघ के राजनयिकों के साथ एक बैठक आयोजित की। यह प्रमुख कदम तब आया जब सैन्य नेताओं ने एक मौजूदा राजनीतिक संकट को समाप्त करने के लिए एक नागरिक समूहों को सत्ता वापस सौंपने पर सहमति व्यक्त की।

2019 में सेना द्वारा लंबे समय तक नेता रहे उमर अल-बशीर को अपदस्थ करने के बाद से देश विपत्ति की चपेट में है।

समझौता में मध्यस्त संत इजीदियो

इस बीच, जुबा में, सरकार विद्रोही समूहों के साथ शांति वार्ता से पीछे हट गई, उन पर "युद्ध की तैयारी के लिए समय खरीदने के लिए" वार्ता का उपयोग करने का आरोप लगाया।

सरकार के प्रतिनिधियों और विद्रोही समूहों के गठबंधन के बीच वार्ता, जिसने 2018 के शांति समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किया था, रोम स्थित संत इजीदियो समुदाय द्वारा की गई मध्यस्ता से पांच साल के गृह युद्ध को समाप्त कर दिया गया था। बातचीत 2019 में शुरू हुई थी, लेकिन जनवरी 2020 में संघर्ष विराम पर हस्ताक्षर किए जाने के बावजूद देश के दक्षिण में हिंसा पर अंकुश लगाने में विफल रही।

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12 December 2022, 15:59