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संत पापा बेनेदिक्त 16वें संत पापा बेनेदिक्त 16वें   (ANSA)

संत पापाः रैत्जिंगर धर्मसिद्धांत भविष्य हेतु फलप्रद

संत पापा फ्रांसिस ने रैत्जिंगर पुरस्कार समारोह में भाग लेते दो पुरोहितों को पुस्कार प्रदान किया।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

संत पापा फ्रांसिस ने सन् 2022 रैत्जिंगर पुरस्कार पुरस्कार समारोह में सहभागी होते हुए- फादर. मिशेल फेदोऊ, येसु समाजी और प्रध्यापक जोसेफ एचएच वेइलर के कार्यों की प्रंशसा की- और उनके अध्ययन और अध्यापन कार्यों की प्रतिबद्धता हेतु उन्हें रैत्जिंगर प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।

संत पापा ने पुरस्कार समारोह में अपनी सहभागिता पर खुशी जताते हुए कहा कि सेवानिवृत संत पापा की आध्यात्मिक उपस्थिति और उनका प्रार्थनामय सहचर्य पूरी कलीसिया को आगे बढ़ने में मदद करता है, हम इसका अनुभव अपने जीवन में करते हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हमने द्वितीय वाटिकन महासभा की 60वीं वर्षगाँठ मनाई है। संत पापा बेनेदिक्त 16वें एक विशेषज्ञ के रुप में इस धर्मसभा में सहभागी होते हुए कुछ दस्तावेजों की उत्पत्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कलीसियाई दस्तावेजों को गहराई से अध्ययन करने में हमारी मदद की है।

संत पापा बेनेदिक्त 16वें के कार्यों की प्रंशसा करते हुए संत पापा फ्रांसिस ने कहा कि उनके कार्य हमें कलीसियाई यात्रा में एक ठोस ईशशास्त्रीय आधार प्रदान करते हैं। “एक जीवित कलीसिया जिसे वे हमें देखने और अनुभव करने का आहृवान करते हैं, जो पवित्र आत्मा के द्वारा प्रेरित की जाती जिसके फलस्वरुप हम सुसमाचार की प्रेरिताई और दुनिया की सेवा में आगे बढ़ते हैं, जहाँ हम निवास करते हैं।”

संत पाप फ्रांसिस ने धन्य जोन पॉल प्रथम और संत जोन पॉल द्वितीय के नाम पर स्थापित वाटिकन फाउंडेशन के आलवे जोसेफ रैत्जिंगर फाउंडेशन के बीच सहयोग का आहृवान करते हुए कहा कि बेनेडिक्ट 16वें फाउंडेशन की सेवा को इस दृढ़ विश्वास के परिप्रेक्ष्य में रखा गया है कि उनके धर्मसिद्धांत और विचार “अतीत की ओर निर्देशित नहीं करते, लेकिन वे भविष्य के लिए उपयोगी हैं, जिसके फलस्वरुप कलीसिया और दुनिया के बीच संवाद, सबसे सामयिक वाद-विवाद के क्षेत्रों, जैसे कि अभिन्न पारिस्थितिकी, मानवाधिकार, और विभिन्न संस्कृतियों के बीच मिलन स्थापित की जा सकती है।

पुरस्कार पाने वाले

संत पापा फ्राँसिस ने इसक उपरांत पुरस्कार विजेताओं - फादर मिशेल फेदोऊ और प्रध्यापक जोसेफ हालेवी होरोविट्ज़ वेइलर की ओर ध्यान आकर्षित कराया जिन्होंने अध्ययन और शिक्षण के क्षेत्र में उपलब्धि हसिल की है जो रैत्जिंगर संस्थान के क्षेत्र में “अति महत्वपूर्ण विषय” हैं।

फादर मिशेल फेदोऊ

फादर मिशेल फेदोऊ के बारे में संत पापा ने कहा कि उन्होंने ख्रीस्तीय ईशशास्त्र के अध्ययन में महारत हासिल करते हुए अध्ययन और अध्यापन के लिए अपने जीवन को समर्पित किया है, विशेष रूप से पूर्वी और पश्चिमी कलीसियाई आचार्यों के कार्यों और ईशज्ञान के विकास के लिए। इसके अलावे विश्वास के संबंधित उनके ज्ञान में एक जीवित विचार का पोषण है, जो सार्वभौमिकता और अन्य धर्मों के साथ संबंधों में वर्तमान मुद्दों को संबोधित करने की योग्यात रखता है।

फादर फेदोऊ में, संत पापा ने कहा, “हम फ्रांसीसी धर्मशास्त्र की महान परंपरा के एक विद्वान उत्तराधिकारी को पहचानते और सम्मानित करते हैं, जिन्होंने फादर हेनरी डी लुबाक के कद को कलीसिया में ठोस रुप से और अधिक ऊंचाई प्रदान की है। “इस फ्रांसीसी धर्मशास्त्र के योगदान के बिना द्वितीय वाटिकन धर्मसभा को समृद्धि, गहराई और विस्तृत रुप में चिंतन करना संभव नहीं था, हम उम्मीद करते हैं कि यह लंबे समय तक फल देना जारी रखेगा।”

प्रध्यापक वेइलर

संत पापा फ्रांसिस ने प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित होने वाले यहूदी धर्म के अनुयायी प्रध्यापक वेइलर की सराहना की। संत पापा ने बेनेडिक्ट सोलहवें ने कार्य को घोषित करते हुए वेइलर के अभिवादन में कहा, “उनके व्यक्तिगत धर्मशास्त्रीय कार्य का एक उद्देश्य शुरू से ही ईसाइयों और यहूदियों के बीच सुलह के सभी कदमों को साझा करना और बढ़ावा देना रहा।”

संत पापा ने अन्य मुद्दों में बेनेडिक्ट सोलहवें और प्रो. वेइलर के बीच सामंजस्य का उल्लेख किया, जिसमें समकालीन दुनिया में विश्वास और न्यायिक कारण के बीच संबंध, न्यायिक प्रत्यक्षवाद का संकट और व्यक्तिपरक अधिकारों के असीमित विस्तार से उत्पन्न संघर्ष; और एक ऐसी संस्कृति में धार्मिक स्वतंत्रता के प्रयोग की उचित समझ जो धर्म को निजी क्षेत्र में ले जाती है, शामिल हैं।

संत पापा ने कहा कि प्रो. वेइलर ने न केवल उन पर गहन अध्ययन किया है, बल्कि शैक्षिक स्तर से लेकर साहसी रूप में इसका उपयोग विचार-विमार्श हेतु किया है जो आत्म-परीक्षण में मददगार सिद्ध होते हुए मूलभूत मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम सहमति और जनसामान्य के हित में संघर्षों के निदान में सहायक हुआ है।

अंत में, संत पापा फ्राँसिस ने पुरस्कार विजेताओं को पुनः बधाई देते हुए उनके प्रयासों को जारी रखने हेतु शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनके परिवारों और दोस्तों पर, और रैत्जिंगर फाउंडेशन के सदस्यों और समर्थकों पर भी ईश्वर की कृपा का आह्वान किया।

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01 December 2022, 16:01