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यहूदी-ईसाई संवाद के लिए समर्पित एक फ्रांसीसी समूह के सदस्यों के साथ संत पापा फ्राँसिस यहूदी-ईसाई संवाद के लिए समर्पित एक फ्रांसीसी समूह के सदस्यों के साथ संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

संत पापाः यहूदियों और ख्रीस्तियों के बीच मित्रता बढ़ती रहे

यहूदी-ईसाई संवाद के लिए समर्पित एक फ्रांसीसी समूह के सदस्यों के साथ एक मुलाकात में, संत पापा फ्राँसिस ने आपसी सम्मान के महत्व पर जोर दिया और यहूदी-विरोधी तत्वों के "पुनरावृति" की चेतावनी दी।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार 13 दिसंबर 2022 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा ने सोमवार 12 दिसंबर को दो धार्मिक परंपराओं के बीच संवाद और सहयोग के लिए समर्पित फ्रांसीसी ईसाइयों और यहूदियों के एक समूह, ‘एमिटी जूडियो-क्रेतिने’ के सदस्यों का वाटिकन में स्वागत किया। समूह को अपने संबोधन में, संत पापा ने संगठन के संस्थापक द्वारा दिए गए उदाहरण,  उनके काम के महत्व और यहूदी-विरोधी "चिंताजनक पुनरावृति" पर चर्चा की।

जूल्स इसहाक की विरासत

संत पापा ने यहूदी इतिहासकार जूल्स इसहाक पर चर्चा करते हुए अपना संबोधन शुरू किया, जिन्होंने ‘एमिटी जूदेव-क्रेतिने’ की स्थापना की और "द्वितीय विश्व युद्ध की त्रासदी के बाद यहूदियों और ईसाइयों के बीच मेल-मिलाप में एक प्रमुख भूमिका निभाई।"

संत पापा ने विशेष रूप से सेलिग्सबर्ग सम्मेलन में यहूदी-विरोध पर युद्ध के बाद की परिषद में उनके काम का उल्लेख किया। संत पापा फ्राँसिस ने कहा, इस सम्मेलन के कुछ काम - जिसमें ईसाई और यहूदी धर्मशास्त्री दोनों शामिल थे, कलीसिया और अन्य धर्मों के बीच संबंधों को दूसरी वाटिकन महासभा के दस्तावेज़ ‘नोस्त्रा एताते’ में लिया गया है। इसहाक ने संत पापा पियुस बारहवें और संत पापा जॉन तेईस्वें के साथ मुलाकात की थी। संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि उन्हें प्रोफेटिक टेक्स्ट  का प्रारूप बनाने के लिए बुलाया था।

एमिटी का काम

इसके बाद,संत  पापा ने एमिटी जूदेव-क्रेतिने के काम के बारे में बात करते हुए कहा कि इसने सत्तर वर्षों तक "अथक परिश्रम" किया, ताकि "यहूदियों और ईसाइयों को आपसी ज्ञान, समझ, सम्मान और दोस्ती में बढ़ने हेतु मदद मिल सके।"

उन्होंने कहा, कि इस संगठन ने, "यहूदियों और ईसाइयों को एक ही पिता के बच्चों, भाइयों के रूप में खुद को फिर से खोजने में मदद करने में बहुत योगदान दिया", जो "उस दिन की प्रतीक्षा करते हैं, जिसे केवल ईश्वर ही जानता है, जब सभी लोग एक स्वर से प्रभु को पुकारेंगे।"

यहूदी-विरोध बढ़ना

संत पापा फ्राँसिस ने फिर जोर देकर कहा कि इस संगठन का कार्य आज भी बहुत महत्वपूर्ण है: "कार्य पूरा नहीं हुआ है।"

"मैं आपको संवाद, बंधुत्व और संयुक्त पहल के इस रास्ते पर बने रहने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। यह खूबसूरत काम, जिसमें बंधन बनाना शामिल है, नाजुक है, और इसे हमेशा जारी रखने और समेकित करने की आवश्यकता है।"

उन्होंने कहा, यह सच है,कि "इन शत्रुतापूर्ण समय में, जिसमें खुद को बंद करने और दूसरे को अस्वीकार करने के दृष्टिकोण अधिक से अधिक होते जा रहे हैं, यहूदी-विरोधीवाद की चिंताजनक पुनरावृति, विशेष रूप से यूरोप में।"

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13 December 2022, 16:02