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संत पापा मेरी मेजर में प्रार्थना संत पापा मेरी मेजर में प्रार्थना 

संत पापा का माता मरियम के प्रति कृतज्ञता

संत पापा फ्रांसिस ने बहरीन की प्रेरितिक यात्रा की सफलता हेतु माता मरियम के प्रति कृतज्ञता के भाव प्रकट किये।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 07 नवम्बर 2022 (रेई) संत पापा फ्रांसिस ने बहरीन की अपनी प्रेरितिक यात्रा का समापन रोम के मेरी मेजर महागिरजाघर की भेंट कर, माता मरियम को अपनी कृतज्ञता अर्पित करते हुए पूरी की।

संत पापा ने रविवार को बहरीन की प्रेरितिक यात्रा से सकुशल रोम लौटने के उपरांत, अपनी परांपरा के अऩुसार रोम में माता मरियम को समर्पित महागिरजाघर संत मेरी मेजर की भेंट की और माता मरियम को उऩके सकुशल सहचर्य के लिए कृतज्ञता की भेंट अर्पित की।

वाटिकन प्रेस विभाग के अनुसार संत पापा ने प्राचीन रोम की निशानी मरियम सालुस पोपुली रोमानी, माता मरियम रोमवासियों की मुक्ति, प्रतिमा के समाने खड़ा होकर, बहरीन की सफलता प्रेरितिक यात्रा हेतु अपने हृदय के उद्गार प्रकट करते हुए प्रार्थना की।

एक यादगारी भरी यात्रा

संत पापा फ्रांसिस ने रविवार को दोपहर में विदेश की अपनी 39वीं प्रेरितिक यात्रा पूरी कर रोम लौटे। यह मध्य-पूर्वी खाड़ी प्रांत के देशों की उनकी दूसरी यात्रा थी वहीं कलीसिया के सार्वभौमिक धर्मगुरू के रुप में उन्होंने 58वें देश की प्रेरितिक यात्रा पूरी की।

संत पापा खाड़ी एयर बोइंग 787 विमान में अपने वाटिकन प्रतिनिधियों और पत्रकारों के संग मुस्लिम बहुल द्वीप बहरीन की चार दिवसीय यात्रा पूरे करने के बाद करीबन 4.45 बजे रोम  पहुंचें। इस प्रेरितिक यात्रा का मुख्य उद्देश बहरीन में आयोजित एकतावर्धक सम्मेलन में भाग लेना था इसके साथ ही संत पापा के बहरीन में काथलिकों के अल्पसंख्यक समुदाय को अपनी निकटता का सहचर्य दिया।

अपनी इस प्रेरितिक यात्रा में संत पापा फ्रांसिस ने स्थानीय कलीसिया को एक विशेष प्रोत्साहन दिया, वहीं उन्होंने विश्वासी समुदाय के संग ख्रीस्तयाग अर्पित किया जिसमें करीबन 111 देशों के 30,000 विश्वासियों ने भाग लिया। यह संत पापा का खाड़ी प्रांत में दूसरा मिस्सा बलिदान था इसके बले उनहोंने सन् 2019 में अबु धाबी में विश्वासी समुदाय के लिए ख्रीस्तयाग अर्पित किया था।

अपने इस प्रेरितिक यात्रा में संत पापा ने युवाओं को अपने विश्वास को जीने और मसीह के निकट रहने के लिए आमंत्रित किया, वहीं उन्होंने कलीसिया के चरवाहों और लोकधर्मियों को ईश्वर प्रदत्त आनंद को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस खुशी को विस्तृत करने का आहृवान करते हुए कहा कि ईश्वर से संग रहना हमें किसी भी चीज़ पर विजयी होने में मदद करता है।

एकतावर्धक सम्मेलन में दिये गये संदेश में संत पापा ने धार्मिक नेताओं को उनके उत्तरदायित्व, विशेष रूप से शांति स्थापित करने हेतु पहल करते हुए संकट में पड़ी मानवता की सेवा करने का आहृवान किया।  

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07 November 2022, 09:45