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सिस्टरशियन आर्डर ऑफ कॉमन ओभसरभेंस धर्मसमाजियों के संग संत  पापा सिस्टरशियन आर्डर ऑफ कॉमन ओभसरभेंस धर्मसमाजियों के संग संत पापा   (ANSA)

संत पापाः येसु को निहारें

संत पापा फ्रांसिस ने सिस्टरशियन आर्डर ऑफ कॉमन ओभसरभेंस धर्मसमाज के सदस्यों को येसु की ओर देखते हुए विश्वास में मजबूत बने रहने का आह्वान किया।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 17 अक्तूबर 2022 (रेई) संत पापा फ्रांसिस ने सिस्टरशियन आर्डर ऑफ कॉमन ओभसरभेंस धर्मसमाज की आमसभा में सहभागी हो रहे धर्मबंधुओं और धर्मबहनों से मुलाकात करते हुए उन्हें विश्वास में येसु ख्रीस्त के संग आगे बढ़ने का संदेश दिया।  

संत पापा ने अपने संबोधन में कहा कि “कोमन” सामान्य एक विशेषण है जो हमें विचार करने को प्रेरित करता है, यह “विशेष” से अलग है। फिर भी इसका एक समृद्ध अर्थ है जो हमारा ध्यान एकता, समुदाय की ओर आकृष्ट करता है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए आधारभूत सत्य है जो हमें कलीसिया का एक स्वरूप प्रदान करती है, जिसके लिए हम तृत्वमय ईश्वर के प्रति कृतज्ञता के भाव अर्पित करते हैं।

चेलों की भांति येसु को देखें

संत पापा ने धर्मसमाज के सदस्यों का आहृवान करते हुए कहा, “आप येसु को देखें”...उन्हें सुनें”। यह एक बच्चे के भांति हो जो अपने पिता की ओर देखता या एक अच्छे दोस्त की ओर देखता है। उन्होंने कहा कि हम येसु के कार्यों को प्रेम से और शांति में देखें। हम ऐसा व्यक्तिगत रूप में नहीं अपितु एक समुदाय के रुप में करने हेतु बुलाये गये हैं। येसु के बारह शिष्यों कि भांति जिन्होंने येसु को नहीं चुना बल्कि येसु ने उन्हें चुना जो उनके साथ चलते और हमेशा उनक साथ रहते हैं। वे अपने में एक साथ रहते हुए भी अलग-अलग रहते हैं। हमारे समुदाय में भी हमारे साथ ऐसा ही होता है हम एक साथ रहते हुए विभिन्न मनोभावनाओं के होते हैं यद्यपि समुदाय की खुशी हमें आश्चर्यचकित करती है। हम अपने में सर्वश्रेष्ट नहीं फिर भी हम अपने स्वामी और गुरू के पीछे चलने हेतु बुलाये जाते हैं। संत पापा ने कहा कि यही हमारे जीवन आधार है।

व्यक्तिगत परिवर्तन

संत पापा ने धर्मसमाजी के सदस्यों को, समुदाय में परिवर्तन लाते हुए स्वयं से, अपने बंद हृदय और बंद समुदाय से बाहर निकलने का आहृवान किया जिससे वे प्रेरितिक और स्वागत करने वाले समुदाय बन सकें। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में कार्यरत पवित्र आत्मा को पहचाने की जरुरत है जो हमें अपने कार्यों को करने हेतु विभिन्न रुपों में प्रेरित करते हैं। हमें अपने में परिवर्तन लाने की जरुरत है क्योंकि इसके बिना हम समुदाय का निर्माण नहीं कर सकते हैं।

संत पापा ने समुदाय को एक मधुर संगीत की उपमा देते हुए कहा कि आप नर और नारियों के बीच, पूरकता और सांस्कृतिक विविधता के बीच समाजस्य स्थापित करते हुए अपनी प्रेरिताई में समृद्धि ला सकते हैं।

आशा में बने रहें

अपने संबोधन के अंत में संत पापा ने आत्मा और भौतिक चीजों के संबंध में धर्मसमाज के ठोस संकल्प, प्रभु के लिए अधिक उपलब्धता, कमजोरियों और क्षमताओं में भी बुलाहटीय जीवन के प्रति समर्पण हेतु प्रंशसा के शब्द व्यक्त करते हुए कहा “हमारे लिए यह जरुरी है कि हम अपनी आशा को बुराई के द्वारा न खोयें”। शत्रु हमारी आशा को हम से छीन कर अपने हाथों में लेने की चाह रखता है जिससे वह हमें अपने अधिकार में रख सकें।

अपने संबोधन के अंत में संत पापा ने धर्मसमाज को माता मरियम के हाथों में सुपुर्द करते हुए अपने लिए प्रार्थना की विनय की और उन्हें अपने प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान किया।  

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17 October 2022, 18:32