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रोम की वापसी यात्रा के दौरान सन्त पापा फ्राँसिस, 15.09.2022 रोम की वापसी यात्रा के दौरान सन्त पापा फ्राँसिस, 15.09.2022 

चीन के साथ संबंध सुधारने का मौका खोये जाने पर अफ़सोस

कज़ाकिस्तान की तीन दिवसीय प्रेरितिक यात्रा के दौरान चीन के साथ सम्बन्ध सुधारने का मौका खोये जाने पर सन्त पापा फ्राँसिस ने अफ़सोस जताया है। गुरुवार को सन्त पापा ने पत्रकारों से कहा कि वे चीन के इस व्यवहार को समझने में असमर्थ थे तथापि चीन के निर्णय का सम्मान करते हैं।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 16 सितम्बर 2022 (रेई, एपी): कज़ाकिस्तान की तीन दिवसीय प्रेरितिक यात्रा के दौरान चीन के साथ सम्बन्ध सुधारने का मौका खोये जाने पर सन्त पापा फ्राँसिस ने अफ़सोस जताया है। गुरुवार को सन्त पापा ने पत्रकारों से कहा कि वे चीन के इस व्यवहार को समझने में असमर्थ थे तथापि चीन के निर्णय का सम्मान करते हैं।

चीन ने कहा समय नहीं

सार्वभौमिक काथलिक कलीसिया के शीर्ष सन्त पापा फ्राँसिस मंगलवार से कज़ाकिस्तान की प्रेरितिक यात्रा पर थे तथा यात्रा के अन्तिम दिन गुरुवार को वे विश्व के विभिन्न धर्मों के नेताओं के साथ अन्तरधार्मिक सम्मेलन में उपस्थित थे।

बुधवार को ही चीन के राष्ट्रपति शी जिंग पिन कज़ाकिस्तान की राजधानी नूर सुल्तान की राजकीय यात्रा पर थे। परमधर्मपीठ ने बैजिंग को "उपलब्धता की अभिव्यक्ति" भेजी थी कि सन्त पापा फ्रांसिस चीनी नेता की बुधवार को कजाख राजधानी नूर-सुल्तान की संक्षिप्त राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने के लिए उपलभ्य थे, किन्तु चीन ने उत्तर में कहा कि इसके लिये समय पर्याप्त नहीं होगा।

खोए हुए अवसर के मद्देनज़र, चीन में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर कठोर कार्रवाई और काथलिक कलीसिया के साथ जारी तनावपूर्ण संबंधों के बीच, सन्त पापा फ्राँसिस से चीन में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति का आकलन करने के लिए कहा गया, इसके उत्तर में सन्त पापा ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति राजकीय यात्रा पर थे किन्तु मैंने उन्हें नहीं देखा। वाटिकन के अधिकारियों ने इसे सम्बन्धों के सुधार का मौका गँवा देना निरूपित किया है।

लगभग पाँच दशकों से परमधर्मपीठ तथा चीन के बीच कोई कूटनैतिक सम्बन्ध नहीं है। चीनी काथलिकों को केवल सरकार समर्थिक देशभक्त चीनी कलीसियाई गिरजाघरों में भक्ति और धर्मपालन की अनुमति है, जो विश्वासी देशभक्त चीनी कलीसिया के साथ मिलकर नहीं रहते तथा रोमी काथलिक कलीसिया के प्रति निष्ठा व्यक्त करते हैं, उन्हें नाना प्रकार उत्पीड़ित किया जाता है।

सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा, "चीनी मानसिकता को समझना आसान नहीं है, लेकिन इसका सम्मान किया जाना चाहिए। मैं इसका सम्मान करता हूं।"

मामला कार्डिनल ज़ेन का

उन्होंने हांगकांग के कार्डिनल जोसफ ज़ेन के आगामी मुकद्दमें पर टीका करने से इनकार करते हुए कहा कि वे यह निर्धारित करने के योग्य नहीं हैं कि चीन लोकतांत्रिक है अथवा नहीं। चीन की साम्यवादी पार्टी के कट्टर आलोचक कार्डिनल ज़ेन को मई में अर्ध-स्वायत्त चीनी शहर हाँगकाँग में गिरफ्तार कर लिया गया था।

सन्त पापा ने कहा, "यह सच है कि कुछेक चीजें हैं जो हमें अलोकतांत्रिक लगती हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि वाटिकन बैजिंग के साथ बातचीत का रास्ता अपनाने के लिये कृतसंकल्प है। उन्होंने यह भी बताया कि एक द्विपक्षीय आयोग धर्माध्यक्षों के नामांकन से सम्बन्धित 2018 के समझौते पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि "यह कुछ मन्द गति से चल रहा है तथापि बातचीत का रास्ता हमेशा एक कदम आगे बढ़ाता है।"

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16 September 2022, 11:33