खोज

साप्ताहिक आम दर्शन समारोह के दौरान कुछ कलाकारों का प्रदर्शन, फाईल तस्वीर साप्ताहिक आम दर्शन समारोह के दौरान कुछ कलाकारों का प्रदर्शन, फाईल तस्वीर  (ANSA)

सन्त पापा ने किया सौन्दर्य एवं सत्य को प्रोत्साहन देने का आह्वान

सन्त पापा फ्रांसिस ने गुरुवार को वाटिकन में पहले "जीवन सम्बन्धी शिखर सम्मेलन" में भाग ले रहे अंतरराष्ट्रीय फिल्म, मीडिया और संगीत हस्तियों के साथ मुलाकात की और कलाकारों को याद दिलाया कि उन्हें सुसमाचार प्रचार हेतु सौन्दर्य और सत्य का उपयोग करना चाहिए।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 2 सितम्बर 2022 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्रांसिस ने गुरुवार को वाटिकन में पहले "जीवन सम्बन्धी शिखर सम्मेलन" में भाग ले रहे अंतरराष्ट्रीय फिल्म, मीडिया और संगीत हस्तियों के साथ मुलाकात की और कलाकारों को याद दिलाया कि उन्हें सुसमाचार प्रचार हेतु सौन्दर्य और सत्य का उपयोग करना चाहिए।

वाटिकन स्थित कासिना पियो चतुर्थ आवास में दो दिवसीय "जीवन सम्बन्धी शिखर सम्मेलन" का आयोजन "वीते ग्लोबल फाऊन्डेशन" द्वारा किया गया था, जिसके अन्तिम दिन कलाकारों ने सन्त पापा फ्राँसिस का साक्षात्कार कर उनका सन्देश सुना। इस अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य आशा और एकता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कलाओं का उपयोग किस प्रकार किया जाये, इस पर विचार-विमर्श करना था।

सम्मेलन कला, मीडिया और मनोरंजन उद्योगों की कई हस्तियों द्वारा अनुप्राणित किया गया था, जो एक सांस्कृतिक परिवर्तन के दौर में अपनी भूमिका पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए थे। विचार-विमर्श सामान्य जन कल्याण, सार्वभौमिक मूल्यों तथा साक्षात्कार की  संस्कृति को  प्रोत्साहन देने पर केन्द्रित रहा।

सौन्दर्य के प्रचारक

शिखर सम्मेलन के अंत में प्रतिभागियों को सम्बोधित कर सन्त पापा फ्रांसिस ने उन्हें "सौंदर्य के प्रचारक" बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, "सौंदर्य हमारे लिए अच्छा है; सौंदर्य चंगाई प्रदान करता तथा सौन्दर्य हमें अपनी यात्रा में आगे बढ़ने हेतु मदद करता है।"

कलाकारों की सन्त पापा के साथ मुलाकात के बारे में जारी परमधर्मपीठ की एक विज्ञप्ति में प्रकाशित किया गया कि सन्त पापा एवं कलाकारों के बीच वार्ता में उन्होंने युवा लोगों तक पहुँचने, सुसमाचार के संदेश को संप्रेषित करने, तथा साक्ष्यों एवं साथ मिलकर चलने की कहानियों को साझा करने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया।

परमधर्मपीठीय विज्ञप्ति में कहा गया कि सन्त पापा फ्राँसिस ने संचार के उन रास्तों को अपनाने की आवश्यकता की ओर इशारा किया जो सत्य, अच्छाई और, विशेष रूप से, कलाकारों को सौंदर्य और चिंतन के मार्ग की ओर ले जाते हैं। इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए कि कला उन लोगों को प्रेरणा प्रदान कर सकती है जो इस जागरूकता में यात्रा करते हैं कि ईश्वर हमारी प्रतीक्षा कर रहे हैं, उन्होंने कहा, "यात्रा पर जाता व्यक्ति सदैव खोज की यात्रा पर होता है।"  

कला की नैतिकता

संत पापा ने आशा व्यक्त की कि "कला दरवाज़ों को खोल सके, दिलों को छू सके, और लोगों को आगे बढ़ने में मदद कर सके।" उन्होंने कलाकारों के लिए एक नैतिक विवेक की आवश्यकता पर बल दिया। सन्त पापा ने कहा,  कला का मिशन "लोगों के प्रति सम्मान" को प्रोत्साहित करना होना चाहिए और उन्हें "खरीदने के बजाय आगे बढ़ने" के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कला की भूमिका "हृदय में एक कांटा आरोपित करना होना चाहिये जिसकी चुभन हमें चिंतन के लिये प्रोत्साहित कर सके।"

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

02 September 2022, 11:08