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2022.09.05 स्पेन कारितास के प्रतिनिधिमंडल के साथ संत पापा फ्राँसिस 2022.09.05 स्पेन कारितास के प्रतिनिधिमंडल के साथ संत पापा फ्राँसिस  (Vatican Media)

संत पापा कारितास स्पेन से: प्रेम सबसे आवश्यक गुण है

अपनी 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर कारितास स्पेन के प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए, संत पापा फ्राँसिस ने राष्ट्र के काथलिक उदार कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कारितास नाम प्रेम के आवश्यक गुण को याद करता है जिसे हमें वहन करना चाहिए, यह ईश्वर के असीम प्रेम की छवि में बनाया गया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 5 सितम्बर 2022 (वाटिकन न्यूज) : वाटिकन का दौरा करने वाले कारितास स्पेन प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को बधाई देते हुए, संत पापा फ्राँसिस ने उन्हें अपनी संस्था की स्थापना के 75वें सालगिरह और स्पानी समाज द्वारा विश्वासों और विचारधाराओं से परे अर्जित सम्मान के लिए बधाई दी। संत पापा ने कहा कि कारितास प्यार को प्रकट करता है, जो ईश्वर की छवि में बनाये गये मनुष्य का सबसे आवश्यक गुण है।

ईश्वर और एक दूसरे के साथ एकता

संत पापा ने कहा कि प्रेम का दिव्य मार्ग कारितास के कार्य के लिए आगे का मार्ग दिखाता है। और जैसा कि मसीह हमें ईश्वर और हमारे भाई-बहनों के साथ एकजुट होने के लिए बुलाते हैं, इस एकता को बनाने के कारितास का प्रयास कभी-कभी व्यक्तियों और समाज में खो जाता है।

उन्होंने इस एकता को बढ़ावा देने की चुनौतियों पर प्रकाश डाला, सबसे पहले उनकी सेवा करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके काम को देखते हुए, उनकी क्षमताओं को विकसित करना चाहिए। न केवल परिणामों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, बल्कि उनकी जरूरतों के समय वहाँ मौजूद होना चाहिए।

फिर उन्होंने उन लोगों का गर्मजोशी से स्वागत करने के महत्व पर ध्यान दिया, जिन्हें सहायता की आवश्यकता है, उन्हें सुधार के लिए आगे के रास्ते खोजने में मददका जरुरत है। उनकी और हमारी अपनी सीमाओं के बावजूद, ईश्वर और दूसरों के लिए खुलेपन के साथ उनकी क्षमता को प्राप्त करने में मदद करनी चाहिए।

खुद को देना

संत पापा ने तब उनके उदार पहुंच में दूसरी चुनौती के बारे में बात की, जो न केवल उनकी जरूरतों को पूरा करने, बल्कि उनके विकास को बढ़ावा देने वाली सेवाओं को प्रदान करने से संबंधित है जो लोगों के जीवन पर प्रभाव डालती है। जैसा कि येसु ने सिखाया था, देना महत्वपूर्ण है, लेकिन सबसे बढ़कर खुद को और अपने जीवन को पूर्ण रुप से देना जो ठोस कार्रवाई से परे है, यह व्यक्ति को एक नए जीवन और आशा के परिप्रेक्ष्य के लिए एक खुला द्वार दिखाता है।

संत पापा ने आगे कहा, प्रभु हमें "न्याय, प्रेम और शांति के राज्य का खमीर" बनने का आह्वान करते हैं और हमें सिखाते हैं कि जो वास्तव में महान बनना चाहता है, उसे सभी का सेवक बनना चाहिए।

मसीह की मदद के लिए हाथ देना

संत पापा ने जिस अंतिम चुनौती का उल्लेख किया, वह कलीसिया के लिए मसीह के रहस्यमय शरीर के रूप में कार्यों का एक ठोस चैनल होने के प्रयास से संबंधित है। उन्होंने कहा, कारितास जरूरतमंदों को अर्पित किए गए मसीह द्वारा बढ़ाये गये हाथ को दिखाता है और वह बढ़ा हुआ हाथ भी मसीह का है जब वह हमारे पीड़ित भाइयों और बहनों द्वारा हमें बुलाता है।

इस मदद के लिए हाथ होने का मतलब संसाधनों और कार्यक्रमों को अच्छी तरह से और जिम्मेदारी से प्रबंधित करने से कहीं अधिक है, इसे एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए - एक वास्तविक बुलाहट - सभी के लिए प्रभु के निमंत्रण का जवाब देने के लिए दूसरों को हमारी मदद की जरूरत है।

अपने संदेश को समाप्त करते हुए संत पापा ने कहा कि अच्छे सामरी की तरह, जो लुटेरों के हाथों में पड़ने वाले की मदद करने के लिए अपनी परवाह न करते हुए, उस पर दया की। येसु हम से कहते हैं, "जाओ और तुम भी ऐसा ही करो।"

 

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05 September 2022, 16:06