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संत पापा फ्राँसिस मूलवासियों के बीच संत पापा फ्राँसिस मूलवासियों के बीच  (2022 Getty Images)

कनाडा में मूलवासियों के साथ एक नया संबंध बना रहे हैं ओएमआई

फादर मार्क डेसुरोल्ट, ओएमआई, कनाडा के मूलवासियों के साथ उपचार और मेल-मिलाप की दिशा में संत पापा फ्राँसिस द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदम के महत्व को दर्शाते हैं, और उनके धर्मसमाज द्वारा मूलवासियों के साथ बनाये गये नए संबंधों के बारे में बोलते हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सटी

इकालुइत, शनिवार 30 जुलाई 2022 (वाटिकन न्यूज) : मिशनरी ओब्लेट्स ऑफ मेरी इम्माकुलेट (ओएमआई) धर्मसमाज पूरे कनाडा में मूलवासी आवासीय विद्यालयों को खोलने और संचालित करने में शामिल था। आज, धर्मसमाज आवासीय विद्यालयों की तुलना में प्रकटीकरण की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है और कनाडा के सत्य और सुलह आयोग में भाग लिया है जिसने कुछ विशेष रूप से विश्वास समुदायों के लिए निर्देशित 2015 में 94 कॉल टू एक्शन के साथ अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की।

ओएमआई कनाडा भर के मूल समुदायों के साथ जमीन स्तर पर सहायक मंत्रालयों में साथ देना जारी रखा हैं और कनाडाई समाज में टीआरसी कॉल्स टू एक्शन को पूरा करने की दिशा में वकालत की रणनीतियों में आगे बढ़ने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

संत पापा फ्राँसिस के "प्रायश्चित तीर्थयात्रा" के महत्व पर विचार करते हुए, कनाडा के फादर मार्क डेसुरोल्ट, ओएमआई ने वाटिकन रेडियो को बताया कि ओब्लेट्स 1991 में मूलवासियों के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगने वाले पहले विश्वासी समुदायों में से थे।

"यह स्पष्ट है कि संत पापा फ्राँसिस की यह यात्रा ओब्लेट्स के रूप में हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि यह हमारे लिए एक नया कदम था जिसे हमने 1991 में आधिकारिक माफी, और सबसे पहले माफी के अनुरोध के साथ शुरू किया था।"

फादर डेसुरोल्ट बताते हैं कि ओब्लेट्स पूरे कनाडा में मौजूद हैं,और इसलिए संत पापा की यह तीर्थयात्रा, "चाहे वह पश्चिम में हो, एडमोंटन में, लेक संत अन्ना के क्षेत्र में, या पहले राष्ट्रों के पवित्र हृदय पल्ली में" संत पापा का स्वागत करने और उन्हें धन्यवाद देने के लिए ओब्लेट्स मौजूद थे।

वे बताते हैं कि कनाडा के एडमॉन्टन में मूलवासियों का एकमात्र पवित्र हृदय गिरजाघर में संत पापा का स्वागत करने वाले पुरोहित भारत के ओब्लेट फादर सुसाई हैं जो पिछले दस वर्षों से कनाडा में अपनी सेवा दे रहे हैं और पहले राष्ट्र के लोगों की प्रेरिताई में गहराई से शामिल हैं।

एक नया रिश्ता

उन्होंने इस तथ्य पर जोर दिया कि, ओब्लेट्स के लिए, यह तीर्थयात्रा एक नए कदम का प्रतिनिधित्व करती है, "एक नया संबंध जो हम बना रहे हैं," "जानने और अधिक अनुकूलन की आवश्यकता के बारे में बहुत अधिक जागरूक होने के आधार पर" और प्रथम राष्ट्रों के साथ अधिक निकटता बनाना है। उनका विश्वास प्रामाणिक है और जिस तरह से वे राष्ट्र के रूप में अपनी आध्यात्मिकता के माध्यम से अपने विश्वास को जीते हैं, उसका भी बहुत मायने रखता है। ”

इसलिए, वे कहते हैं, "हम जहां कहीं भी हैं, हमने पूजन धर्मविधि में मूलवासियों की संस्कृति और भाषा को समाहित किया है।"

"तो हमारे लिए, यह स्पष्ट है कि आज की दुनिया में उन लोगों के साथ उपस्थित होने और मिशनरी होने का कोई दूसरा तरीका नहीं है। इसलिए, यह यात्रा हमारे लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम था।"

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30 July 2022, 13:34