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कनाडा के एडमनटन में कॉमन वेल्थ स्टेडियम में सन्त पापा फ्राँसिस का आगमन, 26.07.2022 कनाडा के एडमनटन में कॉमन वेल्थ स्टेडियम में सन्त पापा फ्राँसिस का आगमन, 26.07.2022  (AMBER BRACKEN)

बुज़ुर्गों के प्रति सम्मान का सन्त पापा ने किया आह्वान

कनाडा की "विनाशकारी" आवासीय स्कूल प्रणाली में मिशनरियों के सहयोग के लिये, काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष सन्त पापा फ्राँसिस द्वारा, मांगी गई ऐतिहासिक माफ़ी की महागूँज के बीच, मंगलवार को, एडमनटन के कॉमन वेल्थ स्टेडियम में, सन्त पापा फ्राँसिस ने 50,000 श्रद्धालुओं के लिये ख्रीस्तयाग अर्पित किया तथा बुज़ुर्गों के प्रति सम्मान सम्बन्धी देशज लोगों की नेक परम्परा की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

एडमनटन, कनाडा, बुधवार, 27 जुलाई 2022 (रॉयटर, एपी, रेई): कनाडा की "विनाशकारी" आवासीय स्कूल प्रणाली में मिशनरियों के सहयोग के लिये, काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष सन्त पापा फ्राँसिस द्वारा, मांगी गई ऐतिहासिक माफ़ी की महागूँज के बीच, मंगलवार को, एडमनटन के कॉमन वेल्थ स्टेडियम में, सन्त पापा फ्राँसिस ने 50,000 श्रद्धालुओं के लिये ख्रीस्तयाग अर्पित किया तथा बुज़ुर्गों के प्रति सम्मान सम्बन्धी देशज लोगों की नेक परम्परा की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

वयोवृद्धों के सम्मान का आह्वान

सार्वभौमिक काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा फ्राँसिस कनाडा की प्रेरितिक यात्रा पर हैं। कनाडा के देशज एवं मूल निवासियों पर यूरोपीय उपनिवेशवादियों द्वारा ढाई गई सांस्कृतिक हिंसा की याद करना और इसके लिये क्षमा याचना करना इस यात्रा का केन्द्रबिन्दु था। मंगलवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने वयोवृद्धों के प्रति सम्मान दर्शाने तथा उनके अनुभवों से सीख लेने की देशज परम्परा की सराहना करते हुए कहा कि बुज़ुर्गों की विरासत को आधुनिक समाज के "भूलने की धुंध" में नहीं खोया जाये।

कनाडा के देशज समुदाय के लिये सन्त पापा फ्राँसिस के उक्त शब्द विशेष रूप से अर्थगर्भित एवं मार्मिक सिद्ध हुए  क्योंकि 1870 से 1996 तक चले आवासीय विद्यालयों ने, देशज जनजातियों की संस्कृतियों के लिए अनमोल, पीढ़ियों के बीच संबंधों को नष्ट कर डाला था। ख्रीस्तयाग प्रवचन में सन्त पापा ने उम्मीद की कि इस प्रकार की हिंसा फिर कभी दुहराई न जाये, उन्होंने "एक ऐसे भविष्य की आशा की जिसमें हमारे देशज भाइयों और बहनों द्वारा सही गई हिंसा, उत्पीड़न और हाशिए पर जाने के इतिहास को फिर कभी दुहराया न जाए।"

एडमनटन के कॉमन वेल्थ स्टेडियम में सन्त पापा फ्राँसिस के आगमन पर देशज ढोलों के थपथपाने की लय, जयनारों एवं करतल ध्वनि से सारा वातावरण गूँज उठा। अपनी पापामोबिल गाड़ी पर सवार सन्त पापा ने श्रद्धालुओं को दर्शन दिये तथा कई बार गाड़ी से उतर कर वहाँ उपस्थित नन्हें बच्चों का चुम्बन किया।

कभी न भूलें, लेकिन क्षमा करें

कॉमन वेल्थ स्टेडियम में सन्त पापा फ्राँसिस के पहुँचने से पहले भूतपूर्व फर्स्ट नेशन राष्ट्रीय प्रमुख की सभा के नेता  तथा आवासीय स्कूल के उत्तरजीवी फिल फोनटेन ने सोमवार को मास्कवाचिस में सन्त पापा फ्राँसिस द्वारा की गई क्षमा याचना पर चिन्तन किया। उन्होंने कहा, "मेरे दोस्तों, मैं आपसे कहना चाहता हूं कि हम वास्तव में जिस बारे में बात कर रहे हैं वह है क्षमा। क्षमा के बिना हम कभी भी पुनर्मिलन और सुलह तक नहीं पहुंचेंगे।" उन्होंने कहा, "हम कभी नहीं भूलेंगे, हम भूल नहीं सकते किन्तु हमें क्षमा करना चाहिए। काथलिक कलीसिया को हम, हमारे और सभी कनाडाई लोगों के, टूटे हुए संबंधों के पुनर्निर्माण के लिए आमंत्रित करते हैं।"

बड़ों से सीखें अच्छाई, कोमलता, प्रेम

 26 जुलाई को माता मरियम की मां सन्त अन्ना के महापर्व के दिन सन्त पापा ने अपने ख्रीस्तयाग प्रवचन को वयोवृद्धों की देखभाल, उनकी सेवा तथा उनके प्रति सम्मान को समर्पित रखा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने दादा-दादी के ज्ञान और अनुभव को उनके अस्तित्व के लिए मौलिक समझें, और बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए उनके द्वारा सिखाये गये पाठों को संजोएं रखें।

सन्त पापा ने कहा, "अपने दादा-दादी के प्रति हम आभारी रहें, जिनसे हमें इतिहास से एक दुलार मिला है, जिनसे हमने सीखा कि अच्छाई, कोमलता, प्रेम और ज्ञान मानवता की ठोस जड़ें हैं।" उन्होंने कहा कि हम इस तथ्य को कदापि न भूलें कि "हम बच्चे हैं क्योंकि हम किसी के पोते हैं।"

सन्त पापा फ्राँसिस ने हमेशा से ही विश्वास को युवा पीढ़ियों तक हस्तान्तरित करने में दादा-दादियों की भूमिका को सराहा है, और बोयनस आयरस में रहते कई बार अपनी दादी रोज़ा के साथ ख़ुद अपने घनिष्ट सम्बन्धों का भी ज़िक्र किया है। कई मौकों पर उन्होंने दादा-दादी के ज्ञान को संजोने और आज की "अपशिष्ट संस्कृति" के हिस्से के रूप में उनके परित्याग के प्पलोभन से बचने का सन्देश दिया है।

सन्त पापा फ्राँसिस की छः दिवसीय कनाडा यात्रा एडमनटन के अलावा उन्हें केबेक शहर, इकालुइत और नूनावुत भी ले जा रही है। आवासीय स्कूलों में काथलिक कलीसिया के मिशनरियों के सहयोग हेतु क्षमा याचना से पूर्ण इस प्रेरितिक यात्रा को इसीलिये "प्रायश्चित तीर्थयात्रा" निरूपित किया गया है। काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष की यह यात्रा कनाडा के सत्य और सुलह आयोग की एक प्रमुख सिफारिश को पूरा करती है, जिसने कनाडा की धरती पर सन्त पापा से क्षमा याचना की मांग की थी।

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27 July 2022, 11:34