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वाटिकन में सन्त पापा से दानी दायान और याद वाशेम प्रतिनिधि, 09.06.2022 वाटिकन में सन्त पापा से दानी दायान और याद वाशेम प्रतिनिधि, 09.06.2022  (Vatican Media)

याद वाशेम: सामीवाद विरोधी लड़ाई में सन्त पापा फ्राँसिस सहयोगी

जैरूसालेम स्थित विश्व नरसंहार स्मरण केन्द्र "याद वाशेम" के अध्यक्ष दानी दायान ने गुरुवार को वाटिकन में सन्त पापा फ्राँसिस का साक्षात्कार कर सामीवाद विरोधी लड़ाई में सहयोग करने हेतु उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 10 जून 2022 (रेई, वाटिकन रेडियो): जैरूसालेम स्थित विश्व नरसंहार स्मरण केन्द्र "याद वाशेम" के अध्यक्ष दानी दायान ने गुरुवार को वाटिकन में सन्त पापा फ्राँसिस का साक्षात्कार कर सामीवाद विरोधी लड़ाई में सहयोग करने हेतु उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।  

सन्त पापा एक मित्र एवं सहयोगी

वाटिकन में सन्त पापा फ्राँसिस से मुलाकात के उपरान्त वाटिकन रेडियो से बातचीत में "याद वाशेम" के अध्यक्ष दानी दायान ने सन्त पापा को सामीवाद विरोधी भावनाओं को पराजित करने सम्बन्धी उनके मिशन में एक महान सहयोगी एवं मित्र निरूपित किया।

जैरूसालेम स्थित "याद वाशेम" विश्व नरसंहार स्मरण केंद्र को शिक्षा, प्रलेखन और अनुसंधान के अंतिम स्रोत के रूप में सार्वभौमिक मान्यता प्राप्त है।

सन्त पापा फ्राँसिस ने 2014 में जैरूसालेम की तीर्थयात्रा के दौरान याद वाशेम स्मरण केन्द्र की भेंट कर श्रद्धा अर्पित की थी। इस अवसर पर अपने प्रवचन में उन्होंने सर्वशक्तिमान् ईश्वर से प्रार्थना की थी कि प्रभु "हमें मनुष्यों के दुष्कर्मों पर शर्मिन्दा होने की कृपा प्रदान करें, उन्होंने आर्त याचना की थी कि "फिर कभी, हे प्रभु, फिर कभी ऐसा नहीं हो!"

इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए कि सन्त पापा से मुलाकात करनेवाले श्री दायान याद वाशेम के पहले अध्यक्ष थे, उन्होंने बताया कि पापा बेरगोलियो की तरह ही उनका जन्म स्थल भी बोएनुस आयरस है तथा सन्त पापा के साथ स्पानी भाषा में विचारों का आदान-प्रदान अत्यन्त हर्ष का विषय रहा।    

वाटिकन अभिलेखागार

अध्यक्ष दयान ने कहा कि उन्होंने सन्त पापा पियुस 12वें सम्बन्धी वाटिकन अभिलेखागार के हिस्से को खोलने के लिए सन्त पापा फ्राँसिस के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। मार्च 2020 में, वाटिकन प्रेरितिक अभिलेखागार में सुरक्षित परमधर्मपीठ के कई अन्य दस्तावेज़ों सहित सन्त पापा पियुस 12 वें अर्थात् 1939 से लेकर 1958 तक दस्तावेज़ों को विद्वानों द्वारा परामर्श के लिए खोल दिया गया था।

श्री दायान ने कहा कि जब उन्होंने सन्त पापा को यहूदी नरसंहार की प्रासंगिक अवधि के दस्तावेज़ों को शोधकर्त्ताओं के लिये खोलने के लिये धन्यवाद दिया तब उन्होंने बड़ी सरलता से कहा कि वाटिकन अभिलेखागार में सुरक्षित इन दस्तावेज़ों को उजागर करना न्याय का कार्य था।  

श्री दायान ने पत्रकारों से कहा कि सन्त पापा फ्राँसिस ने इस बात की पुनरावृत्ति की है कि "कलीसिया इतिहास से डरती नहीं है, अपितु इतिहास से प्यार करती है।" उन्होंने बताया कि सन्त पापा ने उनके समक्ष यह स्पष्ट किया कि वे इस बात के प्रति सचेत हैं कि जैसा कि अन्य संगठनों में होता वैसा कि कलीसिया में भी "ऐसे लोग थे जिन्होंने सही काम किया, और ऐसे लोग भी जिन्होंने नहीं किया।"

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10 June 2022, 11:46