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2022..06.01वैश्विक शैक्षिक संधि पर सम्मेलन के प्रतिभागी और संत पापा फ्राँसिस 2022..06.01वैश्विक शैक्षिक संधि पर सम्मेलन के प्रतिभागी और संत पापा फ्राँसिस   (Vatican Media)

संत पापा फ्राँसिस: संकट सुसमाचार प्रचार का अवसर

संत पापा फ्राँसिस ने वैश्विक शैक्षिक संधि पर एक सम्मेलन में प्रतिभागियों से मुलाकात की, एक परियोजना जिसे उन्होंने 2019 में लॉन्च किया था। जिस संकट का हम अनुभव कर रहे हैं वह नवीन सुसमाचार प्रचार करने का एक अनुकूल क्षण बन सकता है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 01 जून 2022 (वाटिकन न्यूज) : युवा लोगों के साथ वर्तमान संकट को जीना और उनके साथ इसे दूर करना सीखना "एक महान सच्चाई है और हम इसके वाहक हैं। इसका साक्ष्य देना और संचार करना हमारा कर्तव्य है," यह बात संत पापा फ्राँसिस ने बुधवारीय आम दर्शन समारोह से पहले, "वैश्विक शैक्षिक संधि के विकास की रेखाएं" सम्मेलन में भाग लेने वाले सदस्यों से कहा।

संकट सुसमाचार प्रचार का अवसर

संत पापा ने कहा कि संकटों को प्रबंधित किया जाना चाहिए और हमें संकटों को संघर्ष में बदलने से रोकना चाहिए। संकट आपको फेंक देते हैं, आपको बड़ा बना देते हैं, या संघर्ष आपको दबा देता है, यह एक विकल्प है; बिना समाधान के एक विकल्प। युवाओं को संकट का सामना करने के लिए शिक्षित करना बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए, संकट "एक उपयुक्त क्षण होना चाहिए जो हमें नए रास्ते लेने के लिए प्रेरित करे।"

वर्तमान समय में तकनीकी और उपभोक्तावाद हमें उपयोगकर्ता और उपभोक्ता बनाते हैं, संकट एक बार फिर से मनुष्य, जीवन और दुनिया के अर्थ को प्रचार करने का एक अनुकूल क्षण बन सकता है। प्राणी के रूप में व्यक्ति की केंद्रीयता को पुनः प्राप्त किया जा सकता है, जसे ईश्वर ने अपने सदृश, अपने प्रतिरुप बनाया।

शिक्षकों के लिए एनीस का उदाहरण

संत पापा ने विभिन्न पक्षों और विश्वविद्यालयों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर गहन अध्ययन के माध्यम से, वैश्विक शैक्षिक संधि पर ध्यान देने की सराहना की, जैसे कि "व्यक्ति की गरिमा और मानवाधिकार, बंधुत्व और सहयोग, प्रौद्योगिकी और अभिन्न पारिस्थितिकी, शांति और नागरिकता, संस्कृतियों और धर्मों पर अध्ययन"। संत पापा ने  परियोजना को आगे बढ़ने का आग्रह किया और संकट से निपटने के लिए एक प्रतीकात्मक मॉडल को प्रस्तुत किया। "एनीस की पौराणिक आकृति, जो ट्रॉय के जलते शहर से भागता है" अपने बुजुर्ग पिता एंकिस को अपने कंधों पर लेता है और अपने युवा बेटे असकैनियो का हाथ पकड़ सुरक्षित स्थान की ओर आगे ले जाता है। उसने दोनों को बचाया।" यानी वह खुद को "अकेले नहीं, बल्कि उस पिता को बचाता है जो उसकी कहानी का प्रतिनिधित्व करता है और बेटे को जो उसका भविष्य है।" संत पापा ने कहा कि शिक्षक, "अतीत की रक्षा करने और युवाओं के साथ-साथ चलने के लिए बुलाये गये हैं।"

वैश्विक शैक्षिक संधि के मूल सिद्धांत

संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि एनीस की भूमिका, वैश्विक शैक्षिक संधि के कुछ मूलभूत सिद्धांतों की याद दिलाता है: व्यक्ति की केंद्रीयता, सेवा में सर्वोत्तम ऊर्जा और शिक्षा पर रचनात्मक और जिम्मेदार निवेश। संत पापा ने रेखांकित किया कि "हर शैक्षिक प्रक्रिया में हमें हमेशा लोगों को केंद्र में रखना चाहिए"। एनीस अपने साथ संपत्ति नहीं लेता है, "लेकिन केवल पिता और पुत्र को, याने अतीत और भविष्य को।" संत पापा दूसरी बार अतीत में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हैं, इसे एक लंबे समय तक चलने वाली परियोजना के साथ समृद्ध करते हैं "जहां अतीत और वर्तमान एक नए मानवतावाद की रचना में एक साथ आते हैं।"

कलीसिया में "पिछड़ापन"

संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि दुर्भाग्य से, आज कलीसिया के जीवन में, "आगे बढ़ने के लिए जड़ों से खींचने" के बजाय, हम पीछे की ओर जाते हैं, हम "पीछे हटते हैं"।

यह पीछे हटना जो हमें एक संप्रदाय बनाता है, जो आपको बंद कर देता है, जो आपके क्षितिज को छीन लेता है, जो कहते है कि वे परंपराओं के संरक्षक हैं, लेकिन मृत परंपराओं के। इसके विपरीत संत पापा के लिए, सच्ची काथलिक परंपरा बच्चों के साथ आगे बढ़ना ही निरंतर विकास है।

फेंकने की संस्कृति

एक अन्य मौलिक तत्व, उन्होंने रेखांकित किया, "सेवा के लिए शिक्षित करने की हमारी आवश्यकता है।"

संत पापा फ्राँसिस ने कहा, "फेंकने की संस्कृति" हमें विश्वास दिलाती है कि, जैसे ही कुछ चीज ठीक से काम नहीं करता है, उसे बाहर निकाल दिया जाना चाहिए और उसका आदान-प्रदान किया जाना चाहिए। हम उपभोग्य वस्तुओं के साथ यही करते हैं।”

“दुर्भाग्य से, यह एक मानसिकता भी बन गई है जो लोगों के साथ हम जो करते हैं उसे प्रभावित करती है। उदाहरण के लिए, यदि कोई विवाह अब "सफल" नहीं हुआ, तो आप उसे बदल देते हैं; अगर दोस्ती में दरार आयी, तो आप कटने लगते हैं; यदि कोई वृद्ध व्यक्ति अब आत्मनिर्भर नहीं है, तो आप उसे अलग कर देते हैं।”

"हालांकि, नाजुकता महान मूल्य का पर्याय है: बुजुर्ग और युवा नाजुक फूलदानों की तरह हैं, जिन्हें सावधानीपूर्वक संरक्षित किया जाना है।"

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01 June 2022, 16:31