खोज

13.05.2022 सन्त पापा नैतिक धर्मशास्त्र पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के सदस्यों के साथ 13.05.2022 सन्त पापा नैतिक धर्मशास्त्र पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के सदस्यों के साथ  (ANSA)

परिवार घरेलू कलीसिया है, सन्त पापा फ्राँसिस

सन्त पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को नैतिक धर्मशास्त्र पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें अपना सन्देश दिया। सन्त पापा ने कहा कि परिवार घरेलू कलीसिया है जिसमें प्रार्थना और प्रेम के माध्यम से, पति-पत्नी और बच्चों को, येसु मसीह के रहस्य को जीने में सहयोग करने का अवसर मिलता है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर - वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 13 मई 2022 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को नैतिक धर्मशास्त्र पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें अपना सन्देश दिया। सन्त पापा ने कहा कि परिवार घरेलू कलीसिया है जिसमें प्रार्थना और प्रेम के माध्यम से, पति-पत्नी और बच्चों को, येसु  मसीह के रहस्य को जीने में सहयोग करने का अवसर मिलता है।

पारिवारिक प्रेम का महत्व

सन्त पापा ने कहा कि पति-पत्नी और उनकी सन्तान रोजमर्रा की जिंदगी की संक्षिप्तता में और परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में, आपसी देखभाल में सक्षम बनते हैं ताकि कोई भी बहिष्कृत और परित्यक्त न हो। उन्होंने कहा कि पारिवारिक प्रेम ही बच्चों को युवा और युवाओं को वयस्क बनाता तथा सभ्य, न्यायोचित एवं प्रेमपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान प्रदान करता है।

युवा दम्पत्तियों को सम्बोधित अपने विश्व पत्र "आमोरिस लेतित्सिया" को उद्धृत कर सन्त पापा ने कहा, "हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि, विवाह के संस्कार के माध्यम से, येसु इस नाव पर यानि पारिवारिक नाव पर मौजूद हैं।" हालाँकि, उन्होंने कहा कि पारिवारिक जीवन आज पहले से कहीं अधिक परखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विगत  कुछ समय से "परिवार सभी समुदायों और सामाजिक संबंधों की तरह ही एक गहन सांस्कृतिक संकट से गुजर रहा है।"

तेज़ी गति से बदलते विश्व की चुनौतियाँ

इसके अलावा, सन्त पापा ने कहा, "तीव्र गति से बदलते विश्व में, कई परिवार रोज़गार की कमी, एक सभ्य घर का कमी या ऐसी भूमि के लिये पीड़ित हैं जहां वे शांति से जीवन यापन कर सकें। ये कठिनाइयाँ पारिवारिक जीवन को प्रभावित करती तथा रिश्तों में समस्याएँ उत्पन्न कर देती हैं। कई परिवार इन कठिन परिस्थितियों से घायल हैं।" उन्होंने कहा, "आज परिवार शुरू करने की संभावना मुश्किल प्रतीत होती है और युवा लोगों के लिए विवाह बन्धन में बँधना और सन्तान उत्पन्न करना बहुत मुश्किल होता है।"

उन्होंने कहा कि वस्तुतः, "हम जिस युग परिवर्तन का अनुभव कर रहे हैं, वह नैतिक धर्मशास्त्र को हमारे समय की चुनौतियों का सामना करने और वार्ताकारों के लिए समझ में आने वाली भाषा बोलने की मांग करता है, जिससे नवीन रचनात्मकता के साथ उन मूल्यों की प्रकाशना हो सके जो ईश प्रजा के अनुकूल हों।"

इस सन्दर्भ में, सन्त पापा ने कहा कि ख्रीस्तीय परिवार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिये हर सम्भव करीके से उनकी मदद की जानी चाहिये।

 

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

13 May 2022, 11:56