खोज

इटली के लाजियो क्षेत्र के विश्वविद्यालय के रेक्टरों के साथ संत पापा फ्राँसिस इटली के लाजियो क्षेत्र के विश्वविद्यालय के रेक्टरों के साथ संत पापा फ्राँसिस   (ANSA)

विकास मॉडल पर पुनर्विचार करें और सामुदायिक सेवा को प्रेरित करें, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार को इटली के लाजियो क्षेत्र के विश्वविद्यालय के रेक्टरों से मुलाकात की, उन्हें अपने संस्थानों को आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मॉडल पर पुनर्विचार करने के लिए आमंत्रित किया जो मानव व्यक्ति को केंद्र में वापस लाते हैं। संत पापा ने उन्हें उन छात्रों और शिक्षकों का स्वागत करना जारी रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया जो युद्ध और उत्पीड़न के शिकार हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 16 मई 2022 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्रँसिस ने सोमवार 16 मई को रोम और लाज़ियो के सरकारी और गैर-सरकारी तेरह विश्वविद्यालयों के रेक्टरों से मुलाकात की। संत पापा ने टस्किया विश्वविद्यालय के रेक्टर, प्रोफेसर स्टीफानो उबेरटिनी को उनके परिचय भाषण के लिए धन्यवाद दिया।

संत पापा ने कहा कि इस विशेष ऐतिहासिक क्षण में विश्वविद्यालयों को बड़ी जिम्मेदारी का काम सौंपा गया है। महामारी के वर्ष, यूरोप में "टुकड़ों में तीसरे विश्व युद्ध" का प्रसार, वैश्विक पर्यावरणीय प्रश्न, असमानताओं की वृद्धि, हमें एक अभूतपूर्व और त्वरित तरीके से चुनौती देती है। एक चुनौती जिसका एक मजबूत सांस्कृतिक, बौद्धिक और नैतिक निहितार्थ है। आज के परिदृश्य में युवा पीढ़ी निराशा, आत्मविश्वास की कमी, नशीली वस्तुओं की लत में पड़ने का जोखिम उठाती है।

शैक्षिक निवेश

संत पापा ने कहा कि आज के युवा हमें हमारी जिम्मेदारियों की याद दिलाते हैं। अब एक प्रमुख शैक्षिक निवेश का समय है। इस कारण से, ग्लोबल कॉम्पेक्ट ऑन एजुकेशन विकसित किया जा रहा है, जो कि वैश्विक स्तर पर एक संयुक्त कार्य परियोजना है, जिसमें प्रमुख धर्मों से लेकर अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों और व्यक्तिगत शैक्षणिक संस्थानों तक कई वार्ताकार शामिल हैं। इस भावना से 4 फरवरी, 2019 को अबू धाबी में मानव भाईचारे पर दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करते हुए, हम इस बात पर सहमत हुए कि "हम एक अभिन्न प्रशिक्षण को आगे बढ़ाते हैं जो स्वयं को, किसी के भाई और सृष्टि को जानने में निहित है।"

विकास मॉडल पर पुन:विचार

ठोस शब्दों में, यह शांति का क्षितिज है, जिसके सच्चे और अभिन्न विकास के लिए, स्वतंत्रता, स्वस्थ आलोचना और संवाद की आवश्यकता है। वास्तव में, तकनीकी और वैज्ञानिक विकास सुनिश्चित करने, साथ ही इसके मानवीय स्थायित्व को सुनिश्चित करने के लिए भी बहुत कुछ करना है। मानव व्यक्ति के केंद्रीय मूल्य को पुनः प्राप्त करने के लिए हमें अपने आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मॉडल पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है और विश्वविद्यालय "ज्ञान के अभिसरण का एक विचार भी है, जो दुनिया में सभी पुरुषों और महिलाओं के बीच सच्चाई और संवाद को अर्थ प्रदान करता है।"

सुनना

विश्वविद्यालय के रेक्टरों को अपने संबोधन के दौरान, संत पापा ने उन्हें अपने छात्रों और सहयोगियों को सुनने के लिए आमंत्रित किया।

उन्होंने उनसे "सामाजिक और संस्थागत वास्तविकता, पड़ोसी और विश्व को सुनने का आग्रह किया, क्योंकि विश्वविद्यालय की कोई सीमा नहीं है: ज्ञान, अनुसंधान, संवाद और टकराव सभी बाधाओं को दूर कर सकते हैं और सभी को गले लगा सकते हैं।"

स्वागत का स्थान

एक अन्य सलाह में, संत पापा ने युवाओं को सम्मान में प्रशिक्षण देने के महत्व पर बल दिया: "स्वयं के लिए सम्मान, अपने पड़ोसी के लिए सम्मान, सृष्टि के लिए सम्मान और सृष्टिकर्ता के लिए सम्मान।"

उन्होंने विश्वविद्यालयों से छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों तक पहुंचने और उनका स्वागत करने का आह्वान किया, जो "दुनिया के विभिन्न देशों में उत्पीड़न, युद्ध और भेदभाव के शिकार हैं।"

संत पापा ने कहा, "मैं आशा करता हूं कि आप सहयोग, आदान-प्रदान और संवाद के फलदायी माहौल में जीवित समुदाय, पारदर्शी, सक्रिय, स्वागत करने वाले, जिम्मेदार समुदाय होंगे और प्रत्येक को महत्व देंगे।"

एकत्रित लोगों के लिए अलिखित टिप्पणी में, संत पापा ने विचारधाराओं के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि वे रचनात्मकता और किसी के दिल को नष्ट कर देते हैं क्योंकि वे केवल एक ही रास्ता दिखाते हैं और सार्वभौमिक परिदृश्य को बंद कर देते हैं।

साझा लक्ष्य

अंत में, संत पापा फ्राँसिस ने 2025 की जयंती को याद किया, जिसका आदर्श वाक्य "आशा के तीर्थयात्री" है।

संत पापा ने आशा व्यक्त की कि यह आयोजन कलीसिया और विश्वविद्यालयों को जीवन, अच्छाई और बंधुत्व के साझा लक्ष्यों की दिशा में मिलकर काम करने का अवसर प्रदान करेगा।

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

16 May 2022, 16:07