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2022.05.30संत पापा फ्राँसिस  और ईश्वरीय कृपा के गरीब सेवकों के धर्मसंध की धर्मबहनें और पुरोहित 2022.05.30संत पापा फ्राँसिस और ईश्वरीय कृपा के गरीब सेवकों के धर्मसंध की धर्मबहनें और पुरोहित  (Vatican Media)

'ईश्वरीय कृपा के साथ उदासीनता की संस्कृति का मुकाबला करें', संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ईश्वरीय कृपा के गरीब सेवकों के धर्मसंध की महिला और पुरुष सदस्यों को बताते हैं कि भौगोलिक और अस्तित्व संबंधी परिधियाँ जिन्हें प्रभु भेजते हैं, ये वे क्षेत्र हैं जिसमें दया के माध्यम से ईश्वर के प्रेम की घोषणा की जाती है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 30 मई 2022 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार को वाटिकन के संत क्लेमेंटीन सभागार में ईश्वरीय कृपा के गरीब सेवकों के धर्मसंध के सदस्यों से कहा कि कलीसिया को आज ऐसे धार्मिक समुदायों की जरूरत है जो दुनिया के लिए खुले हों और जो समाज में गरीबों और वंचितों की जरूरतों को पूरा करने के लिए भौगोलिक और अस्तित्व की परिधि में जाने से न डरते हों।

संत पापा ने कहा कि वे अपने संस्थापक, संत जोवान्नी कलाब्रिया की विरासत और उनकी एकता की भविष्यवाणी द्वारा निर्देशित होना जारी रखें।

उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा लगता है कि आप इसे इन दिनों अभ्यास में लाना चाहते हैं। "सबसे पहले त्रिएक परमेश्वर के साथ हमारे संबंध में एकता का जन्म और पोषण होता है," फिर "भाईचारे में ठोस रूप से प्रकट होता है।"

धर्मसभा शैली

संत पापा ने कहा कि पुरुष और महिला धर्मसमाजी एकसाथ कलीसियाओं की धर्मसभा शैली को बरकरार रखते हुए कलीसिया के साथ यात्रा कर रहे हैं, "कुछ लोकधर्मियों ने धर्मसभा में सक्रिय रूप से भाग लिया और अपनी पहचान एवं अपनेपन को मजबूत किया है।"

"यह भी एकता की भविष्यवाणी है।"

संत पापा फ्राँसिस ने धर्मसमाज के करिश्मे पर विचार किया और कहा कि धर्मसमाज के सदस्य "विश्व में पिता ईश्वर में विश्वास को पुनर्जीवित करने और उनकी कृपा में खुद को समर्पित करने के विए बुलाये गये है।

उन्होंने कहा कि जब हम येसु के बारे में सोचते हैं" उनके सार्वजनिक जीवन में, उनके प्रचार, यहां तक ​​कि शिष्यों के साथ उनकी बातचीत में, "हम देखते हैं कि उनके पास अपने पिता के बारे में बताने और उनकी भलाई को महसूस कराने की तीव्र इच्छा थी।

उनका पूरा मिशन हमें इस पिता के बारे बताना और हमारे साथ पिता के रिश्ते को मजबूत करना था। पिता हमें हमसे बेहतर जानते हैं और वे ये भी जानते हैं कि हमें क्या चीज चाहिए।

ग़रीब हैं तेरे "मोती"

संत पापा ने उपस्थित लोगों से संत जोवान्नी कलाब्रिया के नक्शेकदम पर चलने का आह्वान किया। उनहोंने कहा, "विशेष रूप से सबसे गरीब, अंतिम, समाज द्वारा परित्यक्त लोगों की संगति में, जो आपके "मोती" हैं, जैसा कि आपके संस्थापक ने उन्हें बुलाया था।"

संत कलाब्रिया को एक भविष्यवक्ता बताते हुए संत पापा ने कहा कि उनके अनुयायियों को उनकी विरासत की रक्षा करनी चाहिए और हमेशा उस समय की कलीसिया में सम्मिलित रहना चाहिए, जो ईश्वर के पितृतव और मातृत्व के चेहरे को प्रकट करते हैं।

कृपा की संस्कृति

संत पापा ने धर्मसंघियों को वर्तमान "उदासीनता की संस्कृति" का मुकाबला करने के लिए आमंत्रित किया, जो विशेष रूप से तथाकथित समृद्ध समाजों को "कृपा की संस्कृति" से प्रभावित करता है।

उन्होंने कहा, "इसका मतलब यह नहीं है कि समस्याओं के समाधान हेतु  हमें स्वर्ग से बारिश की प्रतीक्षा की आवश्यकता है।"

"इसका अर्थ यह है, कि हमारे स्वर्गीय पिता के सदृश हमें पवित्र आत्मा में, अपने प्राणियों की देखभाल करना, विशेष रूप से सबसे कमजोर, सबसे छोटे जीवों की देखभाल करना है। हमारे पास जो कुछ है उसे दूसरों के साथ बांटना ताकि सभी की ज़रूरतों को पूरा किया जा सके।”

"यह देखभाल की संस्कृति है, उदासीनता का मुकाबला करने के लिए पहले से कहीं अधिक आवश्यक है।"

साझा करना

संत पापा ने साझा करने के पहलू पर जोर दिया। उन्होंने कहा, साझा करना "एकता की भविष्यवाणी" का एक अनिवार्य हिस्सा है, जिस पर आप एक साथ चलना चाहते हैं:

उन्होंने कहा,  “मैं अपने बड़ों, हमारे दादा-दादी द्वारा हमें दिए गए उदाहरण को याद करके ऐसा करता हूं। उनके लिए जब घर में अचानक कोई मेहमान आ जाता था, या जब कोई गरीब व्यक्ति मदद के लिए दस्तक देता था, तो उसके साथ सूप या खाना बांटना सामान्य बात थी। यह साझा करने के माध्यम से ईश्वरीय कृपा का अनुभव करने का एक बहुत ही ठोस तरीका था।" इस प्रकार, संत पापा ने उन्हें कुछ मूल्यों को पुनः प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया।

 "गरीब बनकर गरीबों से प्यार करो"

अंत में, खुलकर बोलते हुए, संत पापा फ्राँसिस ने उपस्थित धर्मसमाजियों को याद दिलाया कि वे स्वयं समुदायों के भीतर भी मानवता की भावना की उपेक्षा न करें।

उन्होंने कहा, "मानव बंधुत्व को नष्ट करने वाली चीजों में से एक गपशप है। इससे आप सावधान रहें। एक दूसरे के बारे में कभी गपशप न करें। अगर आपको किसी बहन या भाई से कोई समस्या है, तो जाइए और उन्हें उनके सामने बता दीजिए।”

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30 May 2022, 16:26