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माल्टा से विदाई लेते हुए संत पापा फ्राँसिस माल्टा से विदाई लेते हुए संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

संत पापा फ्राँसिस ने माल्टा से ली विदाई

संत पापा फ्राँसिस ने रविवार शाम को द्वीप राष्ट्र माल्टा से प्रस्थान करते हुए, अपनी दो दिवसीय प्रेरितिक यात्रा का समापन किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वालेट्टा, सोमवार 4 अप्रैल 2022 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने भूमध्यसागरीय माल्टा द्वीप की अपनी लंबे समय से प्रतीक्षित अपनी 36वीं प्रेरितिक यात्रा और 2022 में होने वाली पहली यात्रा को समाप्त किया।

वाटिकन वापसी के लिए, माल्टा के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर, राष्ट्रपति जॉर्ज वेला और अन्य गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिनिधिमंडलों की उपस्थिति में एक संक्षिप्त विदाई समारोह के बाद स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे के बाद एयर माल्टा बोइंग उड़ान भरी।

प्रवासियों का स्वागत, सुरक्षा, प्रोत्साहन, एकीकरण

कोविद प्रतिबंधों के कारण यह यात्रा दो बार विलंबित हुई थी। जैसा कि संत पापा की बैठकों और शब्दों में स्पष्ट था, इस यात्रा ने प्रवासियों के स्वागत, सुरक्षा, प्रोत्साहन और एकीकरण के उनके आह्वान को दोहराने के लिए कई अवसर प्रदान किए।

द्वीप राष्ट्र, रणनीतिक रूप से भूमध्य सागर के केंद्र में स्थित है, हिंसा, जलवायु परिवर्तन, उत्पीड़न और गरीबी से भागकर यूरोप की ओर रुख करने वाले कई लोगों के लिए अपनी खतरनाक यात्रा के दौरान बचाव और आश्रय का एक बंदरगाह है।

यात्रा का विषय, "उन्होंने हमें असामान्य दयालुता दिखाई", द्वीप पर आतिथ्य के मूल्य पर प्रकाश डाला, जहां बाइबिल के अनुसार, संत पौलुस को लगभग 60 ईस्वी के आसपास रोम जाते समय जहाज के टूटने के कारण इस द्वीप में रुकना पड़ा था।

माल्टा में परमाध्यक्षों की यह चौथी यात्रा थी, संत पापा जॉन पॉल द्वितीय  ने दो बार (1990 और 2001 में) दौरा किया और संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें ने 2010 में संत पौलुस के पोतभंग की 1950 वीं वर्षगांठ के अवसर पर दौरा किया था।

युद्ध की निंदा, शांति के लिए प्रार्थना

जैसा कि यूक्रेन में युद्ध जारी है, यात्रा के दौरान संत पापा के विचार, बम विस्फोटों और अन्य हमलों की हिंसा से पीड़ित लोगों की पीड़ा से दूर नहीं थे और उन्होंने बार-बार शांति के लिए प्रार्थना की।

सप्ताहांत की यात्रा के मुख्य आकर्षण में राष्ट्रपति भवन में अधिकारियों के साथ बैठक शामिल थी। उस अवसर पर अपने संदेश में, उन्होंने यूरोप में चल रहे युद्ध की निंदा की और चेतावनी दी कि यह पूरी मानवता के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

साथ ही शनिवार को, संत पापा एक कटमरैन में सवार होकर गोज़ो द्वीप गए जहाँ उन्होंने ता'पीनू की माता मरियम तीर्थालय में प्रार्थना की।

उन्होंने माल्टा के लोगों के लिए पवित्र मिस्सा का अनुष्ठान किया। माल्टा में 85% काथलिक हैं। संत पापा ने रबात में संत पौलुस के ग्रोटो का दौरा किया, शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना की, और हाल फार के "जॉन तेईसवें पीस लैब" प्रवासी केंद्र में प्रवासियों के साथ समय बिताया।

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04 April 2022, 16:32