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इताली रेडियो ट्रांसीवर सी.बी स्वयंसेवी संघ के सदस्यों से मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस इताली रेडियो ट्रांसीवर सी.बी स्वयंसेवी संघ के सदस्यों से मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

पोप ˸ यूक्रेन युद्ध हम सभी के लिए, पूरी मानवता के लिए शर्मनाक

संत पापा फ्रांसिस ने शनिवार 26 मार्च को इताली रेडियो ट्रांसीवर सी.बी स्वयंसेवी संघ के 700 सदस्यों से मुलाकात की जो संघ की स्थापना की 50वीँ वर्षगाँठ मना रहे हैं। संघ यूक्रेन से पलायन कर रहे शरणार्थियों की भी मदद कर रहा है। संत पापा ने इसके लिए उन्हें बधाई दी एवं उनके कार्यों के प्रति अपना प्रोत्साहन और समर्थन व्यक्त किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटकिन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 26 मार्च 2022 (रेई) ˸ संत पापा ने सदस्यों को सम्बोधित कर कहा, "आपने अपने जुनून को रेडियो के शौकीनों के रूप में समाज की सेवा में रखा। आपने इसे नागरिकों की सुरक्षा एवं एकात्मता का एक प्रभावशाली साधन बनाया, खासकर समाज के जरूरतमंद, कमजोर और सबसे दुर्बल लोगों के लिए। यह कितना खुबसूरत है कि एक व्यक्तिगत जुनून समाज सेवा बन जाता है। सार्वजनिक हित के लिए फल लाना, क्षमता एवं दक्षता का सिद्धांत है।

एक-दूसरे को जोड़ना

संत पापा ने उनके कार्यों की विशेषता पर गौर करते हुए कहा कि इसकी एक विशषता है खोज की तीव्रता। रेडियो सीमाओं को पार करता है, वास्तव में यह कोई व्यक्तिगत कार्य नहीं है, बल्कि उनकी शक्ति अधिक लोगों तक पहुँचने एवं सभी ओर शीघ्रता से समाचार एवं सूचनाएँ फैलाने में प्रकट होता है।

दूसरी विशेषता है स्वतंत्रता। हम सोचते हैं कि यह कैसे निर्णायक हो सकता है जहां एक शासन या सत्ता संचार को नियंत्रित करना चाहता है, स्वतंत्रता को बनाये रखना आवश्यक हो जाता है ताकि यह सचमुच लोगों के आम हित की सेवा कर सके।

यूक्रेन के शरणार्थियों की मदद

संत पापा ने गौर किया कि संघ ने यूक्रेन में युद्ध के कारण भाग रहे भाइयों एवं बहनों की सेवा में सहयोग देने का प्रण किया है। उन्होंने कहा, "मैं इसके लिए धन्यवाद देता हूँ। हम उम्मीद और प्रार्थना करते हैं कि यह युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हो, यह अस्वीकारीय है, इससे हर दिन अधिक मौतें और विनाश हो रहे हैं। कई सामान्य लोग शरणार्थियों की मदद कर रहे हैं, खासकर, पड़ोसी देशों में किन्तु यहाँ इटली में भी, जहाँ हजारों यूक्रेनी पहुँच चुके हैं।"

संत पापा ने कहा, "आपका सहयोग मूल्यवान, ठोस, कलात्मक रूप से शांति स्थापना का रास्ता है" एवं यूरोप के नागरिकों की सुरक्षा पर बात करना है। यूरोप इस युद्ध का जवाब दे रहा है, न केवल उच्च स्तरीय संस्थाओं के स्तर पर बल्कि आम नागरिकों एवं आपके समान स्वयंसेवक संघों के द्वारा भी। यह प्रतिक्रिया मौलिक एवं अपरिहार्य है, यह युद्ध के कारण गहरे और गंभीर घावों के होते हुए भी मानवता एवं समाज के संबंधों का पुनःनिर्माण करता है।"

अंत में, संत पापा ने संघ के सदस्यों को धन्यवाद देते हुए उन्हें स्वतंत्रता तथा एकात्मता एवं सार्वजनिक हित के लक्ष्य को बनाये रखने का प्रोत्साहन दिया। पक्षपातपूर्ण हित को छोड़कर, गरीबों, असहाय एवं हाशिये पर जीवनयापन करनेवाले लोगों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।  

 

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26 March 2022, 14:58