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संत पापा  और आवर लेडी ऑफ द गार्डन धर्मबहनें संत पापा और आवर लेडी ऑफ द गार्डन धर्मबहनें  (Vatican Media)

संत पापा आवर लेडी ऑफ द गार्डन धर्मबहनों सेः ‘देखभाल करने की प्रेरणा बनें'

संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार को डॉटर्स ऑफ आवर लेडी ऑफ द गार्डन धर्मसमाज की धर्मबहनों से मुलाकात की जो अपने धर्मसमाज के महासभा में भाग लेने के लिए रोम आयी हैं।

माग्रेट सनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 26 मार्च 2022 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 26 मार्च को वाटिकन के कोंचिस्तोरो सभागार में डॉटर्स ऑफ आवर लेडी ऑफ द गार्डन धर्मसमाज की महासभा के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। संत पापा ने वाटिकन में उनका स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि उन्होंने अपनी 20वीं महासभा की शुरुआत संत जोसेफ के पर्व दिवस की संध्या को शुरु की। वे अपने धर्मसमाज के इस महत्वपूर्ण महासभा में हो रहे संवाद, विचार-विमर्श और सभी कार्यों को संत जोसेफ की मध्यस्ता द्वारा ईश्वर को समर्पित करना चाहती हैं, नासरेत के शिल्पकार, संत जोसेफ ने अपने काम के साथ उद्धार की योजना में भाग लिया और उसकी ईमानदारी से सेवा की।

संस्थापक, संत अंतोनी

संत पापा ने कहा कि उनके संस्थापक, संत अंतोनी मारिया जायनेली, संत जोसेफ के समान थे। दोनों ही सुसमाचार के प्रेरित और प्रभु के उत्साही कार्यकर्ता थे, जिन्होंने ईश्वर के वचन की सेवा करने के लिए प्रचार और कार्य दोनों में खुद को समर्पित किया। संत अंतोनी ने उपदेश में ईश्वर की भविष्यवाणी में विश्वास की घोषणा की और दया के कार्यों के साथ उन्होंने पवित्रता का मार्ग दिखाया और लोगों को इसका पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने समाज के कमजोर और हाशिए पर रहने वाले लोगों की देखभाल करने के लिए ठोस दान का उदाहरण दिया।

संत पापा ने धर्मबहनों को अपने संस्थापक के बताए मार्ग पर चलने और दया के कार्यों को करते हुए गरीबों और हाशिये पर जीने वालों की के बीच प्रभु के संदेश को लाने हेतु प्रेरित किया।

गरीबों की देखभाल

इस 20वें महासभा का विषय है: "हमारे दिलों में ईश्वर के साथ दुनिया के प्रति चौकस।"  संत पापा ने विषय पर टिप्पणी करते हुए कहा, कि यह संस्थापक जायनेली की "गरीबों की देखभाल करने,  भला पड़ोसी होने की भावना को प्रदर्शित करता है, जो समर्पित जीवन में निहित है।" संत पापा ने उन्हें "सुदूर क्षेत्रों में जाने" के लिए आमंत्रित किया।

संत पापा ने कहा, "आप निश्चित रूप से सोच रहे हैं कि आत्म-संदर्भ की संस्कृति की वर्तमान चुनौती का जवाब कैसे दिया जाए। यह हमें उदासीनता की ओर ले जाता है, दूसरों की देखभाल नहीं करने के लिए उनकी ओर से नजरें हटाने, गुलामी, अन्याय और शोषण के कई शॉर्टकट खोलता है, जिससे लोगों की गरिमा को ठेस पहुंचती है।"

सुसमाचार प्रचार मिशन

डॉटर्स ऑफ आवर लेडी ऑफ द गार्डन धर्मसमाज की धर्मबहनें कई देशों में दुख और गरीबी की स्थितियों का सामना कर रही हैं।

संत पापा ने कहा, "सुसमाचार प्रचार करने का आपका मिशन भी बाधाओं और प्रतिरोधों का सामना करता है, लेकिन, संत अतोनी जियानेली के उदाहरण का अनुसरण करते हुए, निराश होने के बजाय, आप आत्मविश्वास और आशा के साथ इन कठिनाइयों का सामना करें, यह जानते हुए कि आप स्वयं ईश्वर के पहले गरीब और जरूरतमंद हैं।"

दुनिया के प्रति चौकस

 संत पापा फ्राँसिस ने धर्मसमाज के सदस्यों को चिंतन के लिए कुछ शब्द प्रस्तुत किया जो "दुनिया के प्रति चौकस" पर केंद्रित थी।

उन्होंने कहा कि "संसार के प्रति चौकस होना - सुसमाचार के अर्थ में - वह है जो आश्चर्यचकित होना जानता है, कोई ऐसा व्यक्ति जो वास्तविकता में मौजूद ईश्वर के राज्य के बीज को स्वीकारने के लिए खुला है, उसे परिस्थितियों और लोगों को उसी रुप में लेने के लिए जानना चाहिए।"

दूसरा ध्यान: "दुनिया के प्रति चौकस वह है जो 'बालकनी पर' नहीं रहता है, परंतु लोगों के साथ रहता है, उनकी मदद के लिए पहुंचता है, उन्हें अपने हाथ से छूता है। इसलिए, ध्यान का अर्थ है निकटता, दूसरों के करीब होना, दूसरों की परवाह करना।"

संत पापा ने धर्मबहनों से किसी भी प्रकार की "गपशप" से सावधान रहने का भी आग्रह किया, जो "किसी की पहचान को नष्ट कर देता है।"

विश्वास के साथ आगे बढ़ें

अंत में, संत पापा फ्राँसिस ने धर्मबहनों को "ईश्वर के लोगों के बीच और सबसे गरीब लोगों के बीच उनकी उपस्थिति" के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "समस्याओं और कठिनाइयों को आपको डराने न दें, ईश्वर की सुरक्षा में विश्वास के साथ आगे बढ़ें, हमेशा अपने मूल करिश्मे के प्रति वफादार रहें।"

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26 March 2022, 15:24