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अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी  दिवस 2022 अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी दिवस 2022  (©Asaf Ud Daula)

मानव तस्करी ख्रीस्त एवं मानवता के शरीर पर एक खुला घाव, पोप

संत पापा फ्राँसिस ने 8 फरवरी को मानव तस्करी के खिलाफ प्रार्थना एवं चिंतन विश्व दिवस पर, एक वीडियो संदेश प्रकाशित किया। काथलिक कलीसिया में इसी दिन संत जोसफिन बकीता का पर्व मनाया जाता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 8 फरवरी 2022 (रेई)- मानव तस्करी के खिलाफ प्रार्थना एवं चिंतन विश्व दिवस को मनाने का आह्वान पहली बास संत पापा फ्राँसिस ने 2015 में की थी, जिसका समर्थन परमाधिकारियों एवं परमाधिकारिणियों के अंतरराष्ट्रीय संघ ने किया है। इस साल इसकी विषयवस्तु है, "देखभाल की शक्ति। महिला, अर्थव्यवस्था और मानव तस्करी।"

प्रतिष्ठा एवं अधिकार में असमानता

यह हमारा ध्यान उन महिलाओं एवं बालिकाओं की ओर खींचता है जो कई तरह के शोषण के शिकार हैं जिनमें जबरन विवाह, घरेलू एवं काम की गुलामी आदि शामिल हैं। हजारों महिलाएँ एवं लड़कियाँ जो हर साल मानव तस्करी की शिकार होती हैं उन्हें इसके परिणाम स्वरूप भेदभाव और अधीनता स्वीकार करनी पड़ती है।

संत पापा ने कहा कि विश्व में समाज के संगठन अब भी उस सच्चाई से काफी दूर हैं कि महिलाओं की प्रतिष्ठा एवं अधिकार पुरूषों के समान है। दुर्भाग्य से, ऐसा भी देखा गया है कि महिलाएँ जो बहिष्कार, दुर्व्यवहार एवं हिंसा का सामना करती हैं वे दोहरी गरीबी में हैं क्योंकि उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा हेतु कम अवसर मिलते हैं।

घरेलू एवं यौन शोषण

घरेलू एवं यौन शोषण द्वारा व्यक्ति की तस्करी, घरेलू और यौन सेवाओं के प्रावधान के अधीनस्थों के रूप में, महिलाओं और लड़कियों को उनकी कथित भूमिका में हिंसा का सामना करना पड़ता है। सेवा और आनन्द देनेवाली के रूप में उनकी भूमिका पर पुरूषों की शक्ति हावी होती है। जो आज भी हो रहा है।

संत पापा ने कहा कि व्यक्ति की तस्करी करना एक हिंसा हैं। हर महिला और हर बालिका द्वारा झेली गई हिंसा, ख्रीस्त के शरीर पर एक खुला घाव है, पूरे मानवता के शरीर पर गहरा घाव है जो हम प्रत्येक को भी प्रभावित करता है।

संत पापा ने याद किया कि कई महिलाएँ हैं जिन्होंने हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का साहस किया है। पुरूषों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि हम पुरूष भी ऐसा करने के लिए बुलाये जाते हैं कि हम महिलाओं एवं बालिकाओं की हिंसा को न कहें। हम सभी को एक साथ यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करना चाहिए कि मानव अधिकार को विविधताओं का सम्मान करते हुए एवं हरेक व्यक्ति की प्रतिष्ठा को पहचानते हुए व्यक्त किया जा सके, साथ ही उन लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा सके जिनके मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है।  

ईश्वर की देखभाल की परिवर्तनकारी शक्ति   

संत बकिता परिवर्तन का रास्ता दिखलाती हैं। उनका जीवन बतलाता है कि बदलाव संभव है यदि हम अपने आपमें ईश्वर की चिंता द्वारा इसे बदलने दें। यह करुणामय चिंता है, प्रेममय देखभाल जो हमें गहराई से बतलता एवं दूसरों का स्वागत भाई-बहन के रूप में करने की शक्ति प्रदान करता है। हरेक व्यक्ति की प्रतिष्ठा को पहचानना देखभाल का पहला कार्य है। देखभाल सभी के लिए अच्छा है जो देखभाल करता और जो देखभाल किया जाता उसके लिए भी। क्योंकि यह एक तरफा कार्य नहीं है बल्कि आपस का कार्य है। ईश्वर ने जोसफिन बकिता की देखभाल की, उन्होंने गुलामी के द्वारा किये गये घाव की चंगाई प्रक्रिया में उनका साथ दिया, उनके मन और दिल को मेल-मिलाप, स्वतंत्रता एवं कोमलता के लिए सक्षम बनाया।

मानव प्रतिष्ठा

संत पापा ने सभी महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रोत्साहन दिया जो स्कूलों, परिवारों एवं समाज में बदलाव एवं देखभाल के कार्यों के लिए समर्पित हैं। उन्होंने सभी पुरूषों एवं लड़कों को भी प्रोत्साहन दिया कि वे भले समारितानी के उदाहरण की याद करते हुए बदलाव की इस प्रक्रिया से बाहर न रहें। भले समारी ने भाई के लिए झुकने एवं उसकी देखभाल करने में लज्जा महसूस नहीं किया। इतिहास में देखभाल करना ईश्वर का कार्य है, व्यक्तिगत इतिहास एवं सामुदायिक इतिहास में। ईश्वर ने देखभाल की और आज भी हम सभी की देखभाल करते हैं। इस साथ पुरूषों एवं महिलाओं की देखभाल करना, मानव तस्करी के खिलाफ विश्व प्रार्थना एवं चिंतन दिवस की विय़ वस्तु है। हम एक साथ देखभाल में बढ़ें एवं पूरी शक्ति से हर प्रकार की मानव तस्करी का सामना करें।  

धन की शक्ति से संघर्ष

अंत में, संत पापा ने इस दिवस की प्रार्थना एवं चिंतन में भाग लेनेवाले सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया एवं प्रोत्साहन दिया तथा उनका आह्वान करते हुए कहा, "आइये, हम मानव तस्करी, हर तरह की गुलामी एवं शोषण के खिलाफ संघर्ष में आगे बढ़ें।" इस मोर्चे पर दृढ़ संकल्प के साथ खुद को प्रतिबद्ध करने की ताकत खोजने के लिए हर दिन, अपने उत्साह को बरकरार रखें। हिंसा की उद्दंडता के सामने नहीं डरें, धन और सत्ता के भ्रष्टाचार के लिए समर्पित न हो जाएँ।"

संत पापा ने सभी लोगों को प्रोत्साहन देते हुए, अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

 

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08 February 2022, 16:37