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यांगून में तख्तापलट के बाद विरोध प्रदर्शन यांगून में तख्तापलट के बाद विरोध प्रदर्शन   (AFP or licensors)

तख्तापलट की बरसी पर संत पापा फ्रांसिस ने म्यांमार के लिए की प्रार्थना

एशियाई राष्ट्र म्यांमार सैन्य तख्तापलट के एक वर्ष पूरे कर रहा है। संत पापा फ्राँसिस ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से म्यांमार में परस्पर विरोधी दलों के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए काम करने की अपील की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 2 फरवरी 2022 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के संत पापा पॉल षष्टम सभागार में बुधवारीय आमदर्शन समारोह के दौरान म्यांमार में शांति सुलह के लिए काम करने हेतु म्यांमार के धर्माध्यक्षों से अपील की।

संत पापा ने कहा, “पिछले एक साल से हम म्यांमार की खूनी हिंसा को दर्द के साथ देख रहे हैं। मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए संबंधित पक्षों के बीच सुलह की दिशा में काम करने के लिए बर्मी धर्माध्यक्षों की अपील करता हूँ। इतने सारे भाई-बहनों के कष्टों के सामने हम अपनी दृष्टि कहीं और नहीं लगा सकते। हम उस पीड़ित आबादी की सांत्वना हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। हम शांति के प्रयासों को उन्हें सौंपते हैं।”

क्रूर अधिग्रहण

तातमाडॉ-म्यांमार के सशस्त्र बलों ने 1 फरवरी 2021 को आंग सान सू की की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अपदस्थ कर दिया। सीनियर जनरल मिन आंग हलिंग के नेतृत्व में सेना ने सत्ता संभाली और प्रदर्शनकारियों और विद्रोही मिलिशिया पर खूनी कार्रवाई के साथ इसे बेरहमी से पकड़ लिया।

राजनीतिक बंदियों के लिए सहायता (एएपीपी) के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,500 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं और लगभग 12,000 अन्य को गिरफ्तार किया गया है।


यांगून के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल चार्ल्स बो ने जुनटा से लगातार अपील की है कि वे राष्ट्र के लोकतांत्रिक रास्ते पर लौट आएं और मानवाधिकारों का सम्मान करें। उन्होंने म्यांमार के काथलिकों का साथदेने हेतु धर्माध्यक्षों की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की है, जिनमें से कई ने सेना के कठोर शासन को सहन किया है और उनके कई गिरजाघरों को जलते देखा है।

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02 February 2022, 15:05