खोज

संत पापा फ्राँसिस  और इटली का राजस्व एजेंसी के प्रतिनिधिमंडल संत पापा फ्राँसिस और इटली का राजस्व एजेंसी के प्रतिनिधिमंडल  (Vatican Media)

राजस्व सार्वजनिक सेवाओं के लिए धन पुनर्वितरण के पक्ष में हो, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने इटली के राजस्व एजेंसी के प्रतिनिधिमंडल को सुसमाचार मूल्यों को लागू करने का आग्रह किया। क्योंकि वे धन के पुनर्वितरण के पक्ष में काम करते हैं और समाज के सबसे जरूरतमंद सदस्यों के लिए सार्वजनिक सेवाओं का समर्थन करते हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 31 जनवरी,2022 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के संत क्लेमेंटीन सभागार में राजस्व एजेंसी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। संत पापा ने उनका अभिवादन करते हुए निर्देशक के परिचय भाषण के लिए धन्यवाद दिया। संत पापा ने आम भलाई के लिए महत्वपूर्ण एवं अत्यधिक सामयिक मुद्दे पर विचार करने की खुशी जाहिर की और कहा, मैं आपके माध्यम से राजस्व एजेंसी के केंद्रीय, क्षेत्रीय और प्रांतीय स्तर के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूँ। मैं आपके साथ सुसमाचार की कुछ शिक्षाओं को साझा करना चाहता हूँ जो आपके काम में आपकी मदद कर सकती हैं और मैं आपकी एजेंसी के मार्गदर्शक सिद्धांतों: वैधता, निष्पक्षता और पारदर्शिता से संकेत लूंगा।”

बाइबिल में राजस्व

संत पापा ने कहा कि बाइबिल में राजस्व विषय के संदर्भ में कोई कमी नहीं है। यह प्राचीन काल से दैनिक जीवन का हिस्सा रहा है। प्रत्येक साम्राज्य जिसने पवित्र भूमि पर शासन किया है और यहाँ तक कि इस्राएल के राजाओं ने भी करों का भुगतान करने की व्यवस्था स्थापित की है।

रोमी शासकों के समय में "चुंगी संग्रहकर्ताओं" के माध्यम से एक बड़े शुल्क के बदले कर एकत्र किया जाता था। सुसमाचार में हम चुंगी लेने वाले जकेयुस के बारे पढ़ते हैं जिससे येसु ने येरिको के मार्ग में मुलाकात की। येसु से मुलाकात करने के बाद उसका जीवन दल गया। (सीएफ. लूकस 19: 1-10) संत पापा ने कहा  कि मत्ती भी एक चुंगी लेने वाला था येसु ने उसे बुलाया और मत्ती अपना काम छोड़ येसु के पीछे हो लिया। उसका जीवन पहले जैसा नहीं रहा। वह येसु का शिष्य, प्रेरित और सुसमाचार लेखक बन गया। (सीएफ, लूकस 9: 9-13)। संत पापा ने कहा कि शायद मत्ती ने अपने स्वयं के सामानों का उपयोग और प्रबंधन करना जारी रखा होगा, लेकिन निश्चित रूप से जैसा कि मास्टर ने उन्हें सिखाया था: जरूरतमंदों की सेवा करना और अपने भाइयों और बहनों के साथ साझा करना।

संत पापा ने कहा कि बाइबिल हमें रुपयों का गुलाम बनने नहीं लेकिन सही उपयोग करने के लिए आमंत्रित करता है। इस संबंध में, दशमांश देने की प्रथा बहुत कम ज्ञात है लेकिन बहुत दिलचस्प है। यह कई प्राचीन समाजों की एक आम प्रथा है, जो किसानों और पशुपालकों द्वारा पृथ्वी के फल या पशुधन के दसवां हिस्सा के सम्राट को भुगतान का प्रावधान करती है। इस संदर्भ में, वैधता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के सिद्धांत एक अनमोल कम्पास बन जाते हैं।

वैधता

आज, कर संग्रहकर्ता समाज में एक शत्रु के रूप में देखे जाने का जोखिम उठाते हैं और दुर्भाग्य से संदेह की एक निश्चित संस्कृति उन लोगों तक फैल सकती है जो कानूनों को लागू करने के प्रभारी हैं। फिर भी यह एक मौलिक कार्य है, क्योंकि कानून सभी की रक्षा करता है। कानून निष्पक्षता के सिद्धांत को बनाए रखना संभव बनाते हैं जहां हितों का तर्क असमानताओं को उत्पन्न करता है। राजस्व क्षेत्र में वैधता सामाजिक संबंधों को संतुलित करने, भ्रष्टाचार, अन्याय और असमानता से ताकतों को घटाने का एक तरीका है। लेकिन इसके लिए कुछ प्रशिक्षण और सांस्कृतिक परिवर्तन की आवश्यकता है। वास्तव में, कर देना वैधता और न्याय का प्रतीक है। आइए, हम आम भलाई की संस्कृति की बढ़ाने के लिए काम करें, जिसे कलीसिया का सामाजिक सिद्धांत भी सिखाता है, यह पवित्रशास्त्र और धर्माचार्यों से विरासत में मिला है।

निष्पक्षता

संत पापा ने कहा कि उनका काम एक ऐसे समाज की नज़र में कृतघ्न प्रतीत होता है जो निजी संपत्ति पर पूर्ण रूप से ध्यान केंद्रित करता है और इसे सभी की भलाई के लिए साझा करने में विफल रहता है। कर चोरी, अवैध भुगतान, व्यापक अवैधता के मामलों के साथ-साथ कई लोग ईमानदारी से कर भुगतान करते हैं और आम भलाई में अपना योगदान करते हैं। यह सामाजिक न्याय का एक मॉडल है। निष्पक्षता की बात करते हुए, संत पौलुस रोमियो से कहते हैं,"जिसे राजकर देना चाहिए उसे राजकर दिया जाए...जिसपर श्रद्धा रखनी चाहिए उसपर श्रद्धा रखें और जिसे सम्मान देना चाहिए उसे सम्मान दें।”(13,7)। यह किसी शक्ति को वैध ठहराने का प्रश्न नहीं है, बल्कि दुनिया की दृष्टि में अच्छा आचरण करने का ध्यान रखें। (रोमियों 12:17)।

पारदर्शिता

संत पापा ने जकेयुस के मनपरिवर्तन पर चिंतन करते हुए कहा कि जकेयुस न केवल गरीब लोगों को ठगने के अपने पाप को पहचानता है, बल्कि अपने लिए जमा किये गये धन को लौटा देता है और दूसरों से साझा करता है। येसु के निःस्वार्थ प्रेम ने उसके हृदय को छू लिया, जो सीधे उसके घर जाना चाहता था और फिर जकेयुस खुलेआम घोषणा करता है कि वह जो कुछ उसके पास है उसका आधा कंगालों को दे देगा और जिनसे उसने धन लूटा था उन्हें चार गुना लौटा देगा। इस तरह वह अपने हाथ से गुजरने वाले रुपये को पारदर्शी बनाता है। संत पापा ने कहा कि टैक्स जमा करने वालों को अक्सर नकारात्मक तरीके से देखा जाता है क्योंकि लोग यह नहीं समझते हैं कि सार्वजनिक धन कहाँ और कैसे खर्च किया जाता है। संदेह और असंतोष को हवा देने का जोखिम है। जो कोई भी सभी के धन का प्रबंधन करता है, उसकी गंभीर जिम्मेदारी है कि वह अमीर न बने।

अंत में संत पापा कहा कि संत मत्ती आपकी रक्षा करें और वैधता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के पथ पर आपकी प्रतिबद्धता का समर्थन करें। संत पापा ने शुभकामनाओं के साथ उन्हें अपना आशीर्वाद दिया।  

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

31 January 2022, 15:53