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स्लोवाकिया में सन्त पापा फ्राँसिस, तस्वीर-15.09.2021 स्लोवाकिया में सन्त पापा फ्राँसिस, तस्वीर-15.09.2021  (AFP or licensors)

स्लोवाकिया, राजनीति के लिये धर्म का दुरुपयोग न किया जाये

सन्त पापा फ्राँसिस ने मंगलवार को कहा कि क्रूस का उपयोग राजनैतिक प्रतीकों के लिये नहीं किया जाना चाहिये। विजयी होने के लिये अनवरत प्रयासरत ख्रीस्तीयों को भी उन्होंने चेतावनी दी तथा पक्षपातपूर्ण उद्देश्यों के लिये धर्म के दुरुपयोग की कटु आलोचना की।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

स्लोवाकिया, बुधवार, 15 सितम्बर 2021 (रॉयटर्स): सन्त पापा फ्राँसिस ने मंगलवार को कहा कि क्रूस का उपयोग राजनैतिक प्रतीकों के लिये नहीं किया जाना चाहिये। विजयी होने के लिये अनवरत प्रयासरत ख्रीस्तीयों को भी उन्होंने चेतावनी दी तथा पक्षपातपूर्ण उद्देश्यों के लिये धर्म के दुरुपयोग की कटु आलोचना की।   

क्रूस का यथार्थ मर्म  

सार्वभौमिक काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा फ्राँसिस, रविवार 12 सितम्बर को आरम्भ, हंगरी और स्लोवाकिया की अपनी यात्रा के अन्तिम चरण में पहुँच चुके हैं। यह प्रेरितिक यात्रा सन्त पापा फ्राँसिस की 34 वीं विदेश यात्रा थी। मंगलवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने ब्रातिलावा के कोसिके तथा प्रेसोव नगरों के लिये प्रस्थान किया था। पूर्वी स्लोवाकिया के प्रेसोव नगर में सन्त पापा ने बिज़ेनटाईन रीति की धर्मविधि की अध्यक्षता कर पवित्र क्रूस का यथार्थ मर्म समझाया। धर्मविधि में एकत्र लगभग 30,000 श्रद्धालुओं को सम्बोधित कर उन्होंने ख्रीस्तीय पहचान और अस्मिता पर अपना प्रवचन केन्द्रित रखा तथा इस तथ्य पर खेद व्यक्त किया कि ख्रीस्तीयों द्वारा क्रूसों एवं क्रूस की प्रतिमाओं का उपयोग प्रायः सतही रूप से किया जा रहा था।

सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि क्रूस और क्रूस की प्रतिमाओं को अपने घरों की दीवारों पर टाँग देना ही पर्याप्त नहीं है अपितु, इसके यथार्थ मर्म को समझकर क्रूसित येसु के प्रति अपने मन के द्वारों को खुला रखा जाना चाहिये। उन्होंने कहा, क्रूस को केवल पूजा का लक्ष्य न बनाया जाये बल्कि क्रूसित येसु में समाहित पीड़ितों के प्रति उदार रहा जाये। राजनैतिक प्रतीक अथवा सामाजिक स्थिति के प्रदर्शन हेतु क्रूस के दुरुपयोग के प्रति भी उन्होंने चेतावनी दी और कहा, "क्रूस लहराया जानेवाला कोई झण्डा नहीं है, अपितु यह नये तरीके से जीने का शुद्ध स्रोत है।"

भेदभाव की निन्दा

ग़ौरतलब है कि यूरोप की कई राजनैतिक पार्टियाँ पार्टी के प्रतीक रूप में क्रूस का उपयोग कर रही हैं। सन्त पापा की उक्त चेतावनी ज़ाहिरा तौर पर इन्हीं राजनैतिक पार्टियों के लिये थी जो क्रूस का प्रदर्शन तो करते हैं किन्तु क्रूस के वास्तविक अर्थ के भुलाकर निर्धनों एवं हाशिये पर जीवन यापन करनेवालों को दरकिनार कर देते हैं। मंगलवार को ही सन्त पापा फ्राँसिस ने स्लोवाकिया के दरिद्र एवं निर्धन खानाबदेश समुदाय की भेंट की तथा उनके विरुद्ध पूर्वधारणाओं एवं भेदभाव की निन्दा की। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण रोमाणी समुदाय को खताई में डालना सरासर ग़लत है।

युवाओं के बीच स्वागत

मंगलवार देर सन्ध्या, प्रेरितिक यात्राओं के दौरान राष्ट्र विशेष के युवाओं से मुलाकात की परम्परा को जारी रखते हुए, सन्त पापा फ्राँसिस कोसिके शहर के लोकोमोटिवा स्टेडियम पधारे। अपनी पापामोबिल गाड़ी से दर्शन देते हुए वे स्लोवाकिया के लगभग 20,000 युवाओं के सागर के बीच से होकर गुज़रे। युवाओं ने वाटिकन एवं स्लोवाकिया के ध्वज फहराकर, तालियों, जयगीतों और  जयनारों से अपने बीच प्रतीक्षित मेहमान का भव्य स्वागत किया। युवाओं से सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि प्यार जीवन का सबसे महान सपना है, प्यार के द्वारा ही वे अपने जीवन को एक सुन्दर उपहार बनायें।

15 September 2021, 11:39