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बंधुत्व का द्वार खोलने हेतु यहूदियों के प्रति संत पापा आभारी

संत पापा फ्राँसिस ने उत्पीड़न के शिकार स्लोवाक यहूदियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उपचार एवं बंधुत्व के दरवाजे खोलने के लिए ब्रातिस्लावा में यहूदी समुदाय को धन्यवाद दिया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

ब्रातिस्लावा,मंगलवार 14 सितंबर 2021 (रेई,वाटिकन न्यूज) : अपनी प्रेरितिक यात्रा के दूसरे दिन सोमवार, 13 सितंबर को संत पापा फ्राँसिस ने ब्रातिस्लावा के सेंट्रल रयबने नेमेस्टी स्क्वायर में ब्रातिस्लावा के यहूदी समुदाय के साथ मुलाकात की। यह वही स्थान है जहां 1969 में सरकार द्वारा शहर के नियोलॉग सिनागॉग को ध्वस्त कर दिया गया था। संत पापा फ्राँसिस ने स्लोवाक यहूदियों को मेल-मिलाप और दोस्ती के मार्ग पर बने रहने की इच्छा के लिए धन्यवाद दिया।

यहूदी समुदायों के केंद्रीय संघ के अध्यक्ष की अध्यक्षता में समुदाय को संबोधित करते हुए संत पापा ने कहा कि वे एक तीर्थयात्री के रूप में उस पवित्र भूमि का दर्शन करने उनके बीच उपस्थित हैं,जहां एक बार एक आराधनालय राज्याभिषेक महागिरजाघर के सामने खड़ा था। उन्होंने कहा, "दो समुदायों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की अभिव्यक्ति, एक असामान्य और विचारोत्तेजक प्रतीक और हमारे पिता ईश्वर के नाम पर एकता का एक महत्वपूर्ण संकेत है। कई लोगों की तरह यहाँ मैं भी मानव बंधुत्व के पवित्र स्थान में" अपने जूते हटाने "की इच्छा महसूस करता हूँ।"

मानवीय गरिमा का हनन- ईशनिंदा

संत पापा ने अपना दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि "द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक लाख से अधिक स्लोवाक यहूदी मारे गए थे, घृणा के उन्माद में ईश्वर के नाम का अपमान किया गया था।" फिर, उन्होंने कहा, समुदाय के हर निशान को मिटाने के प्रयास में, आराधनालय को ध्वस्त कर दिया गया था, जब भी ईश्वर द्वारा अपने छवि में बनाये गये मानव व्यक्ति की अनूठी और विशिष्ट गरिमा का उल्लंघन होता है, तो ईशनिंदा की जाती है।" यहूदी लोगों के इतिहास पर विचार करते हुए उन्होंने कहा कि हम शर्म के साथ स्वीकार करते हैं कि कितनी बार सर्वशक्तमान ईश्वर के अवर्णनीय नाम का इस्तेमाल अमानवीयता के अकथनीय कृत्यों के लिए किया गया है! कितने उत्पीड़कों ने कहा है: "ईश्वर हमारे साथ हैं, तौभी वे ही थे, जो ईश्वर के साथ नहीं थे!”

संत पापा ने कहा, "प्रिय भाइयों और बहनों, आपका इतिहास हमारा इतिहास है, आपके कष्ट हमारे कष्ट हैं। मैं उन लोगों में शामिल होता हूँ जो अपने प्रियजनों की स्मृति का सम्मान करते हैं और याद रखने के महत्व को बनाए रखते हैं।"

उन्होंने कहा, "स्मृति विस्मृति को रास्ता नहीं दे सकती और न ही देना चाहिए, क्योंकि बंधुत्व की कोई स्थायी सुबह नहीं होगी जब तक कि हम पहले रात के अंधेरे को साझा और दूर नहीं करते।" अभी वह उपयुक्त समय है हम अपने विश्वास को व्यक्त करते हुए, मानवता में चमकते हुए ईश्वर की छवि को अब और धूमिल होने नहीं दे। आइए, हम इस प्रयास में एक दूसरे की मदद करें।"

झूठी मूर्तियाँ यहोवा का अपमान करती हैं

उन्होंने कहा कि इतनी सारी खोखली और झूठी मूर्तियाँ हैं जो परमेश्वर के नाम का अपमान करती हैं: "शक्ति और धन की मूर्तियाँ जो मानवीय गरिमा पर प्रबल होती हैं; उदासीनता की भावना और हेरफेर के रूप, जो सत्ता की सेवा में धर्म का दुरुपयोग करते हैं या फिर इसे अप्रासंगिकता में बदल देते हैं। लेकिन अतीत की विस्मृति, अज्ञानता, क्रोध और घृणा कुछ को भी सही ठहराने के लिए तैयार है।” संत पापा ने सभी प्रकार की हिंसा और यहूदी-विरोधी तत्वों की निंदा करने के लिए अपने निमंत्रण को दोहराया, साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने हेतु प्रेरित किया कि मानवता में मौजूद ईश्वर की छवि, कभी भी अपवित्र न हो।

संत पापा फ्राँसिस ने इस तथ्य पर विचार किया कि यद्यपि इस स्थल पर आराधनालय को तोड़ दिया गया था, फिर भी यहूदी समुदाय जीवित है और संवाद के लिए खुला है।

उन्होंने 2017 में यहूदी और ईसाई समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ रोम में अपनी बैठक को याद किया और काथलिक कलीसिया के साथ बातचीत के लिए एक आयोग की स्थापना के लिए अपनी प्रशंसा व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि पिछले घावों को ठीक करना, प्राप्त किये गये अच्छे उपहारों को याद रखना" एवं "स्मृति की शुद्धिकरण के बंधुत्व पथ के साथ, सच्चाई और ईमानदारी में आगे बढ़ना अच्छा है। संत पापा ने याद किया कि "तल्मूड के अनुसार, जो कोई भी नष्ट कर देता है एकल व्यक्ति पूरी दुनिया को नष्ट कर देता है, जबकि जो कोई एक व्यक्ति को बचाता है वह पूरी दुनिया को बचाता है। हर व्यक्ति मायने रखता है और आप अपने महत्वपूर्ण आदान-प्रदान के माध्यम से कार्य कर रहे हैं, यह बहुत मायने रखता है।" उन्होंने कहा, "आपने दोनों तरफ जो दरवाजे खोले हैं, उसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूँ।"

स्लोवाकिया: मुलाकात की भूमि

संत पापा ने अपने गहरे विश्वास को दोहराते हुए कहा कि इस दुनिया को खुले दरवाजे की जरूरत है, उन्हें उम्मीद है कि स्लोवाकिया में, पूर्व और पश्चिम, उत्तर और दक्षिण के बीच मुलाकात की भूमि, "इज़राइल के बच्चों का परिवार इस मिशन को बढ़ावा देना जारी रखे और पृथ्वी के सब कुलों के लिये आशीष का चिन्ह ठहरे।”

परम पिता ईश्वर उन भाइयों और बहनों के परिवारों को आशीर्वाद देते हैं जो एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और एक-दूसरे से प्यार करते हैं और एक साथ काम करते हैं और उनके आशीर्वाद का आह्वान करते हैं "ताकि, हमारी दुनिया को दूषित करने वाली सभी कलहों के बीच, आप हमेशा एक साथ, शांति का साक्ष्य दें। शालोम!"

14 September 2021, 13:15