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"लीडर्स पुर ले पे" (शांति के लिए नेता) फाऊँडेशन के प्रतिनिधियों से वाटिकन में संत पापा फ्राँसिस की मुलाकात "लीडर्स पुर ले पे" (शांति के लिए नेता) फाऊँडेशन के प्रतिनिधियों से वाटिकन में संत पापा फ्राँसिस की मुलाकात  

शांति के प्रति प्रतिबद्धता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक, पोप

"लीडर्स पुर ले पे" फाऊँडेशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात करते हुए संत पापा ने उन्हें प्रोत्साहन दिया कि वे गंभीर समस्याओं का सामना करने, शांति निर्माण करने एवं अधिक न्याय एवं भ्रातृत्वपूर्ण समाज का निर्माण करने में नेताओं एवं नागरिकों को उनके कार्यों में मदद दें।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 4 सितम्बर 2021 (रेई)- संत पापा फ्राँसिस ने "लीडर्स पुर ले पे" (शांति के लिए नेता) फाऊँडेशन के प्रतिनिधियों से वाटिकन में मुलाकात की तथा शांति, न्याय एवं भाईचारा के समाज के निर्माण हेतु उनके कार्यों को प्रोत्साहन दिया।

संत पापा ने प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर कहा, "हमारी मुलाकात एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षण में हो रही है। दुर्भाग्य से, महामारी अब तक समाप्त नहीं हुई है और इसके आर्थिक एवं सामाजिक परिणाम, खासकर, गरीबों पर बहुत भारी पड़ रहे हैं।" उन्होंने कहा कि राजनीतिक एवं पर्यावर्णीय संकट के साथ-साथ भुखमरी, जलवायु परिवर्तन और परमाणु हथियार आदि से बिगड़ती स्थिति में आपकी प्रतिबद्धता अधिक आवश्यक एवं महत्वपूर्ण हो गई है।  

संत पापा ने उन्हें नेताओं एवं नागरिकों की सेवा हेतु प्रोत्साहन देते हुए कहा, "कठिन परिस्थिति में नेताओं एवं नागरिकों की मदद करना एक अवसर है," उदाहरण के लिए पर्यावरण संकट जो महामारी के कारण अधिक जटिल हो गया है, जिम्मेदारी को अधिक गम्भीरता से लेने की मांग करता है। संत पापा ने कहा कि वे समस्याओं और उनके मूल कारणों की सही जानकारी को बढ़ावा देकर सामाजिक-राजनीतिक गतिशीलता में भी, वे निर्माणात्मक भूमिका अदा कर सकते हैं। यह शांति के लिए उस ज्ञान का हिस्सा है जो उनके हृदय के अति करीब है।

महामारी से एकाकी और सामाजिक तनाव बढ़े हैं जिसने राजनीतिक कार्रवाई को भी कमजोर कर दिया है किन्तु बेहतर नीति को बढ़ावा देने के लिए, यह भी एक अवसर बन सकता है जिसके बिना एक ऐसे वैश्विक समुदाय का निर्माण संभव नहीं हो सकता जो सामाजिक मित्रता को जीनेवाले भ्रातृत्व को साकार कर सके।  

शांति के निर्माण के लिए दो चीजों की आवश्यकता है ˸"वास्तुकला", "जिसमें समाज के विभिन्न संस्थान हस्तक्षेप करते हैं" और "शिल्प कौशल", जिसमें सभी को शामिल किया जाना चाहिए, यहां तक कि उन क्षेत्रों को भी जिन्हें अक्सर बाहर रखा जाता या अदृश्य बना दिया जाता है।

अतः संत पापा ने कहा कि दो स्तर पर एक साथ काम करने की जरूरत है ˸ सांस्कृतिक एवं संस्थागत स्तर। पहले स्तर पर महत्वपूर्ण है चेहरों की संस्कृति को बढ़ावा देना जो व्यक्ति की प्रतिष्ठा को केंद्र में रखता है, एक-दूसरे के इतिहास का सम्मान करता है खासकर, घायल एवं हाशिये पर जीवनयापन करने की। यह मुलाकात की संस्कृति ही है जिसमें हम अपने भाई-बहनों को सुनते एवं उनका स्वागत करते हैं तथा लोगों के दिलों में अच्छाई के भंडार पर विश्वास करते हैं।

संस्थागत स्तर पर, बहुपक्षीय वार्ता एवं सहयोग को प्रोत्साहित करना आवश्यक है क्योंकि सार्वजनिक हित की देखभाल और सबसे कमजोर राज्यों की सुरक्षा हेतु बहुपक्षीय समझौते द्विपक्षीय समझौतों की तुलना में बेहतर गारंटी देते हैं। संत पापा ने इसके लिए ईशशास्त्रीय विवाद तक सीमित नहीं रहने बल्कि घायलों एवं पीड़ितों से सीधे मुलाकात करने का प्रोत्साहन दिया।

अंत में संत पापा ने उन्हें प्रोत्साहन देते हुए कहा, "मैं शांति, अधिक न्याय और भाईचारापूर्ण समाज हेतु आपकी प्रतिबद्धता के लिए प्रोत्साहन देता हूँ। ईश्वर आपको अपने जीवन में उस आनंद का अनुभव करने की कृपा प्रदान करें जिसकी प्रतिज्ञा उन्होंने शांति-निर्माताओं के लिए की है।"

04 September 2021, 14:43