खोज

Vatican News
काबुल हवाईअड्डे के पास एकत्रित लोग देश से बाहर निकलने के इन्तजार में काबुल हवाईअड्डे के पास एकत्रित लोग देश से बाहर निकलने के इन्तजार में  (AFP or licensors)

अफगानियों के भविष्य एवं सुरक्षा हेतु संत पापा की अपील

संत पापा फ्राँसिस ने अफगानिस्तान से पलायन कर रहे कमजोर लोगों के लिए, आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के लिए और युवा अफगानों की गरिमा और भविष्य के लिए प्रार्थना की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 6 सितम्बर 2021 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने रविवार को दुनिया भर के देशों से उन कमजोर अफगानों का स्वागत करने और उनकी रक्षा करने को कहा जो अपने देश से भाग रहे हैं।

संत पेत्रुस प्रांगण में देवदूत प्रार्थना के बाद, संत पापा ने कहा, "इन मुश्किल समय में, हम अफगानों को शरण मांगते हुए देखते हैं, मैं उनमें से सबसे कमजोर लोगों के लिए प्रार्थना करता हूँ। मैं प्रार्थना करता हूँ कि कई देश नए जीवन की तलाश करने वालों का स्वागत और रक्षा करें।"

संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि वे देश में आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों के लिए भी प्रार्थना कर रहे हैं कि "उन्हें सहायता और आवश्यक सुरक्षा मिल सके।"

मानव गरिमा, शांति, बंधुत्व

उन्होंने कहा, "युवा अफगान शिक्षा प्राप्त करें, जो मानव विकास के लिए आवश्यक है और सभी अफगान, चाहे घर पर हों, पारगमन में हों या मेजबान देशों में हों, अपने पड़ोसियों के साथ शांति और भाईचारे एवं सम्मान के साथ रहें।"

पिछली अपील

15 अगस्त को तालिबान द्वारा काबुल पर नियंत्रण करने के तुरंत बाद संत पापा फ्राँसिस ने अफगानिस्तान की स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की थी। उस अवसर पर उन्होंने सभी को "शांति के ईश्वर" से प्रार्थना करने के लिए एकजुट होने को कहा ताकि हथियारों का कोलाहल बंद हो जाए और बातचीत की मेज पर समाधान खोजा जा सके।

अधिकारों के लिए महिलाओं का विरोध

इस बीच, अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना की वापसी के बाद देश पर नियंत्रण करने वाले तालिबान ने काबुल में महिलाओं द्वारा अधिकारों की मांग के प्रदर्शन को तोड़ दिया है।

काबुल और हेरात में महिलाओं द्वारा किए गए कई विरोध प्रदर्शनों में यह नवीनतम है। महिलाएँ,जो काम करने के अधिकार और सरकार में शामिल होने का आह्वान करते हुए एक पुल से राष्ट्रपति के महल तक मार्च कर रही थीं, तभी तालिबान ने उनके उपर आंसू गैस और काली मिर्च स्प्रे किया।

पिछले महीने अफगानिस्तान के अधिग्रहण के बाद से, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने जोर देकर कहा है कि तालिबान को महिलाओं सहित मानवाधिकारों का सम्मान करना चाहिए और देश को आतंकवादियों का अड्डा नहीं बनने देना चाहिए।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वैश्विक समुदाय को अफगानिस्तान में मौजूदा समस्याओं को हल करने के प्रयासों में शामिल होना चाहिए। पुतिन ने इस क्षेत्र में खर्च किए गए संसाधनों और समय को देखते हुए, काबुल से अमेरिका के हटने को विनाशकारी बताया।

इस बीच, अफगानिस्तान में तालिबान शासन के खिलाफ अंतिम क्षेत्र पंजशीर घाटी में लड़ाई जारी है। तालिबान विरोधी यह गढ़ लगभग 200,000 लोगों का घर और छिपा हुआ पहाड़ी इलाका है।

मानवीय और कूटनीतिक प्रयास

जैसा कि अफगानिस्तान में नाजुक स्थिति जारी है, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि मानवीय तबाही से बचने के लिए संयुक्त राष्ट्र 13 सितंबर को जिनेवा में एक अंतरराष्ट्रीय सहायता सम्मेलन आयोजित करेगा।

06 September 2021, 15:11