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बेरूत में विस्फोट के बाद की स्थिति बेरूत में विस्फोट के बाद की स्थिति 

बेरूत में विस्फोट के प्रथम वर्षगाँठ पर संत पापा की अपील

एक साल पहले आज के ही दिन (4 अगस्त 2020 को) लेबनान की राजधानी बेरूत में भयंकर विस्फोट हुआ था और जान माल की बहुत अधिक क्षति हुई थी। संत पापा फ्रांसिस ने लेबनान की ठोस मदद हेतु अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

संत पापा ने 4 अगस्त को ट्वीट प्रेषित कर कहा, "आज, राजधानी बेरूत में भयंकर विस्फोट के एक साल बाद, मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करता हूँ कि लेबनान के उत्थान की यात्रा को आगे बढ़ाने हेतु ठोस सहायता प्रदान करे, जिससे कि लेबनान पुनः एक बार शांति और भाईचारा का संदेश बन सके।"

संत पापा फ्राँसिस ने बुधवरीय आमदर्शन समारोह के दौरान लेबनान की याद करते हुए कहा, "प्रिय देश लेबनान, अपनी राजधानी बेरूत में भयंकर विस्फोट के कारण मौत एवं विनाश के एक साल बाद, मैं सबसे बढ़कर पीड़ितों एवं उनके परिवारवालों, घायलों और जिन्होंने अपना घर एवं जीविका खो दिया है उनकी याद करता हूँ।"  

पिछले साल 4 अगस्त को बेरूत में 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट से हुए विस्फोट में 200 से अधिक लोग मारे गए थे और 300,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए थे।

इस साल के जुलाई माह में संत पापा फ्राँसिस ने लेबनान के ख्रीस्तीय धर्मगुरूओं से वाटिकन में मुलाकात की थी।

उस दिन की याद करते हुए उन्होंने कहा, "लेबनान के लिए प्रार्थना एवं चिंतन के दिन 1 जुलाई को हम सभी ख्रीस्तीय धर्मगुरूओं ने लेबनान के लोगों की आशा, आकांक्षाओं, कुंठाओं और थकान को दूर करने तथा इस कठिन संकट से उबरने हेतु ईश्वर से आशा के उपहार के लिए प्रार्थना की।"  

संत पापा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि लेबनान के उत्थान के रास्ते पर इसकी ठोस मदद करे।

उन्होंने कहा, "मुझे आशा है कि संयुक्त राष्ट्र के समर्थन से फ्रांस द्वारा आयोजित वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन इस संबंध में उपयोगी साबित होगा।"

अंत में संत पापा ने लेबनान की यात्रा की अपनी इच्छा व्यक्त की तथा उसके लिए प्रार्थना की, "मैं आपके लिए प्रार्थना कर रहा हूँ ताकि लेबनान फिर एक बार पूरे मध्यपूर्व के लिए शांति एवं भाइचारा का एक संदेश बन सके।"

संकट का सामना

काथलिक उदारता संगठन एड टू द चर्च इन नीड (एसीएन) से बात करते हुए, लेबनान में कार्मेलाइट् धर्मसमाज के प्रोविंशिल फादर रेमंड अब्दो ने कहा कि पोप फ्रांसिस एक प्रेरणादायक समर्थक हैं।

"संत पापा ने हमें उम्मीद दिलायी है कि हम संकट का सामना कर सकते हैं, विश्वव्यापी कलीसिया से उनकी अपील के साथ हम, नीचे नहीं जा सकते। संत पापा लेबनान की कलीसिया को नहीं छोड़ेंगे।"

फादर अब्दो ने कहा, "सभी प्रकार की कठिनाइयों के बावजूद हम दृढ़ता को पुनः प्राप्त कर रहे हैं। हमें क्यों किसी चीज से डरना है जब हम येसु ख्रीस्त पर विश्वास करते हैं?  

आर्थिक कठिनाई और पलायन

देश के सामने आर्थिक संकट ने परिवारों को अपना गुजारा करने में उन्हें असमर्थ कर दिया है, जिससे कई ख्रीस्तीय पलायन करने पर विचार कर रहे हैं।

बेरूत से 20 किलो मीटर दूर हॉली फैमिली स्कूल की प्रशासनिक निदेशक सिस्टर ईवा अबू ने कहा कि आर्थिक संकट के कारण जून और जुलाई में उन्होंने अपने 20 शिक्षकों को खो दिया है।   

उन्होंने कहा, "उनमें से अधिकांश लोग पलायन करना चाहते हैं, क्योंकि अपने आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। उनकी खरीद शक्ति बहुत कमजोर हो गई है।

उन्होंने बतलाया कि "जौनीह जो एक ऐसा शहर है जिसे आमतौर पर गरीब नहीं माना जाता है, उसके कुछ परिवार सुबह जल्दी निकल जाते हैं, ताकि वे दिखाई न दें और कूड़ेदान से भोजन बटोरने की कोशिश करते हैं।"

एड दू द चर्च इन नीड

एड दू द चर्च इन नीड ने ख्रीस्तीय समुदाय को £2.3 मिलियन (€2.74 मिलियन) के साथ पुनर्निर्माण में मदद करने का समर्थन दिया है जो विस्फोट से बुरी तरह प्रभावित हैं।

संगठन ने आपातकालीन राहत सहायता में £1.9 मिलियन (€2.25 मिलियन) भी प्रदान किया है।

 

04 August 2021, 16:29