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जर्मनी के अहर नदी के बाढ़ में तुफान से उखड़ा बहता हआ पेड़ जर्मनी के अहर नदी के बाढ़ में तुफान से उखड़ा बहता हआ पेड़  (AFP or licensors)

बाढ़ प्रभावित पश्चिमी यूरोप के करीब हैं संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने जर्मनी, बेल्जियम और अन्य पश्चिमी यूरोपीय देशों में बाढ़ प्रभावित आबादी के प्रति अपना सामीप्य व्यक्त किया, जहां 180 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 19 जुलाई 2021(वाटिकन न्यूज) : रविवार को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में देवदूत प्रार्थना का पाठ करने के बाद संत पापा फ्राँसिस ने कहा, "मैं विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित जर्मनी, बेल्जियम और हॉलैंड की आबादी के प्रति अपनी निकटता व्यक्त करता हूँ।"

उन्होंने कहा कि वे प्रार्थना कर रहे हैं "पिता ईश्वर मृतकों को अपने राज्य में स्वागत करे और उनके प्रियजनों को सांत्वना दें, गंभीर क्षति का सामना करने वालों की मदद करने वालों को शक्ति देता कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचकर हर तरह से राहत और आराम दे सकें।"

संत पापा ने गुरुवार शाम को पहले ही एक टेलीग्राम भेजा था जिसमें उन्होंने कहा था कि जर्मनी में "नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया और राइनलैंड-पालाटिनेट में भीषण तूफान और बाढ़ की खबर" सुनकर वे "अत्यंत त्रस्त" हैं।

 भारी बारिश ने बेल्जियम में भी विनाशकारी बाढ़ ला दी है और नीदरलैंड के कुछ क्षेत्रों को बहुत नुकसान किया है। रविवार तक, पश्चिमी जर्मनी और बेल्जियम में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 184 हो गई, जब नदियों के फटने और अचानक आई बाढ़ से घर ढह गए और सड़कें और बिजली की लाइनें टूट गईं।

सैकड़ों अन्य लोग अभी भी लापता हैं या पहुंच से बाहर हैं क्योंकि उच्च जल स्तर के कारण कई क्षेत्र पहुँच से बाहर थे जबकि कुछ स्थानों पर संचार अभी भी बंद है।

जर्मनी

बुधवार को शुरू हुई बाढ़ ने मुख्य रूप से जर्मन राज्यों राइनलैंड पालाटिनेट, नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया के साथ-साथ बेल्जियम के कुछ हिस्सों को प्रभावित किया है। जर्मन सरकार कथित तौर पर तत्काल राहत में 300 मिलियन यूरो से अधिक और ढहे हुए घरों, सड़कों और पुलों को ठीक करने के लिए अरबों यूरो देने के लिए तैयार है।

बेल्जियम

बेल्जियम मंगलवार को राष्ट्रीय शोक दिवस मनाएगा। वहाँ रविवार से जल स्तर गिर रहा है और सफाई अभियान चल रहा है। सेना को पूर्वी शहर पेपिनस्टर में भेजा गया, जहां एक दर्जन इमारतें ढह गई हैं, ताकि किसी और पीड़ित की तलाश की जा सके। हजारों लोग बिजली के बिना हैं और बेल्जियम के अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति भी एक बड़ी चिंता है।

नीदरलैंड

नीदरलैंड में आपातकालीन सेवाओं के अधिकारियों ने कहा कि लिम्बर्ग प्रांत के दक्षिणी हिस्से में स्थिति कुछ हद तक स्थिर हो गई है, जहां हाल के दिनों में हजारों लोगों को निकाला गया था, हालांकि उत्तरी भाग अभी भी हाई अलर्ट पर है।

19 July 2021, 14:39