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फ्राँस के दार्शनिक और समाजशास्त्री श्री एडगर मोरिन फ्राँस के दार्शनिक और समाजशास्त्री श्री एडगर मोरिन   (ANSA)

श्री एडगर के 100वें जन्मदिन पर संत पापा ने दी बधाई

संत पापा फ्राँसिस ने फ्राँस के दार्शनिक और समाजशास्त्री श्री एडगर मोरिन को उनके 100वें जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएं भेजा।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार,3 जुलाई 2021 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को श्री एडगर मोरिन को उनके 100वें जन्मदिन के अवसर पर एक संदेश भेजा, जिसमें उन्हें खुशी और स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं दी।

श्री एडगर मोरिन, दार्शनिक और समाजशास्त्री, का जन्म 8 जुलाई, 1921 को हुआ था। उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में उनके विद्वानों के योगदान और कई प्रकाशनों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।

एक तार संदेश, संत पापा फ्राँसिस की ओर से वाटिकन राज्य सचिव, कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन द्वारा भेजा गया। इसे संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन, यूनेस्को में परमधर्मपीठ के स्थायी पर्यवेक्षक, महाधर्माध्यक्ष फ्रांचेस्को फोलो द्वारा पढ़ा गया था। यूनेस्को ने संस्कृति और समाज पर मोरिन के प्रभाव की मान्यता में एक ऑनलाइन पैनल चर्चा का आयोजन किया था।

यूनेस्को ने एडगर मोरिन के 100वें जन्मदिन का जश्न जारी रखा है और दो अन्य कार्यक्रम 8 और 9 जुलाई को होने वाले हैं।

योगदान का एक समृद्ध, लंबा जीवन

सन्देश में संत पापा फ्राँसिस ने उल्लेख किया कि श्री मोरिन के लंबे जीवन ने, "घटनाओं और मुलाकातों में समृद्ध" उन्हें "हमारे विश्व और हमारे समाजों में हुए और अभी भी हो रहे गहन और तीव्र परिवर्तनों के लिए एक विशेषाधिकार प्राप्त गवाह बनने की अनुमति दी है।"

इसलिए वे "निश्चय ही, इन परिवर्तनों के अर्थ का विश्लेषण करने, उनकी आशाओं को बाहर निकालने और उनके जोखिमों और खतरों के बारे में चेतावनी देने में सक्षम हैं।"

बेहतर समाज के लिए एक अधिवक्ता

संत पापा फ्राँसिस ने बताया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रगति और समाज को उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली महान संभावनाओं के सामने, श्री मोरिन ने "आपदाओं से बचने के लिए नैतिक और बौद्धिक प्रगति" प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

संत पापा ने कहा कि श्री मोरिन की मानवता के एक सामान्य भाग्य के बारे में जागरूकता ने उनका ध्यान आकर्षित किया है और उन्हें "सभ्यता की नीति की आवश्यकता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया है जिसका उद्देश्य मनुष्य को केंद्र में रखना है न कि धन की शक्ति को।"

समाज में शताब्दी के योगदान पर आगे बोलते हुए, संत पापा ने कहा कि श्री मोरिन ने नागरिक और राजनीतिक समाज के अनगिनत लोगों के साथ कई कार्यों और बैठकों में सक्रिय रूप से भाग लिया है, जिसका उद्देश्य लोगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना, लोकतंत्र का नवीनीकरण और अधिक न्यायपूर्ण मानवीय समाज का निर्माण करना है।”

संत पापा ने कहा कि श्री मोरिन ने "स्वागत और खुलेपन के दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हुए, आपस में और हमारे शहरों में, एकजुटता, विश्वास और भाईचारे की भावना को फिर से खोजने की आवश्यकता पर जोर दिया है।"

श्री मोरिन के विचारों के कई बिंदु संत पापा फ्राँसिस के सामाजिक शिक्षण - एक अभिसरण - को भी याद करते हैं, जिसे उन्होंने 27 जून 2019 को अपनी बैठक के दौरान साझा किया था। संत पापा ने ग्लोबल कॉम्पैक्ट शिक्षा में भाग लेने के लिए उनके उत्साह और उदार प्रस्ताव को भी मान्यता दी, जो पिछले साल शुरू किया गया था।

संत पापा फ्राँसिस ने आगे एक बेहतर विश्व की सेवा में श्री मोरिन के आजीवन प्रयासों को स्वीकार किया और अपनी इच्छा व्यक्त की कि ईश्वर उन्हें प्रबुद्ध करते रहें, "जिस पथ पर उन्हें अभी भी यात्रा करनी है।" अंत में, संत पापा फ्राँसिस ने श्री मोरिन, उनकी पत्नी और उनके सभी प्रियजनों को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान किया।

03 July 2021, 13:09