खोज

Vatican News
नसीरिया के अस्पताल में आग लगने के बाद क्षतिग्रस्त नसीरिया के अस्पताल में आग लगने के बाद क्षतिग्रस्त 

इराक में लगी आग से पीड़ित लोगों के प्रति कार्डिनल लुइस की संवेदना

कार्डिनल लुईस रफाएल साको ने इराक की मदद हेतु एकता का आह्वान किया है ताकि इराक अपने पैरों पर खड़ा हो सके एवं भविष्य में इस प्रकार के खतरे न हों।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

इराक, बृहस्पतिवार, 15 जुलाई 2021 (वीएनएस)- इराक की खलदेई कलीसिया के प्राधिधर्माध्यक्ष एवं विश्वासियों ने नसीरियाह के अस्पताल में लगी आग से मौत के शिकार लोगों के प्रति गहरी संवेदना और दुःख व्यक्त किया है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि नसीरियाह के अल-हुसैन टीचिंग अस्पताल में सोमवार को लगी आग में कई अन्य लोग घायल हो गए हैं, जो एक त्रासदी है जिसमें कई लोगों ने इराक के अस्पतालों में दशकों के युद्ध, प्रतिबंधों और कुप्रबंधन के बाद व्यापक लापरवाही और कुप्रबंधन पर आवाज उठायी है। वार्ड को तीन महीना पहले खोला गया था और 3 बड़े हॉल में 70 बेड रखे गये थे।  

खलदेई कलीसिया के प्राधिधर्माध्यक्ष के वेबसाईट पर मंगलवार को जारी एक संवेदना संदेश में कार्डिनल लुईस रफाएल साको ने मृतकों के परिवारों को अपनी संवेदना और सहानुभूति प्रकट की है तथा उन्हें कलीसिया के सामीप्य और प्रार्थना का आश्वासन दिया है ताकि उन्हें ईश्वर की दया प्राप्त हो।    

अंतःकरण को जगाना

खलदेई कलीसिया के शीर्ष की आशा है कि यह राष्ट्रीय घटना इराक के अधिकारियों के अंतःकरण को जायेगी और उन्हें व्यर्थ आंतरिक कलाह से मुक्त करेगी। उन्होंने प्रार्थना की कि जिन लोगों को अधिकार प्राप्त है वे एकजुट होकर बल प्राप्त करें एवं समस्याओं से ऊपर उठने हेतु जिम्मेदारी लें ताकि देश अपनी पूर्ण सुरक्षा, स्थिरता और सेवा की गारांटी पा सके तथा यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपदा भविष्य में फिर कभी न दुहराया जाए। 

एरबिल के महाधर्माध्यक्ष

एरबिल के खदलेई महाधर्माध्यक्ष बशर अत्ती वार्दा ने त्रासदी पर अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, "हमारी प्रार्थना और गहरी सहानुभूति उन लोगों के लिए है जो इराक के नसीरियाह शहर में अल-हुस्सैन अस्पताल के कोविड-19 वार्ड में आग में मारे गए अथवा घायल हो गए है।" हम उनके परिवारवालों और अस्पताल के कर्मचारियों के लिए भी प्रार्थना करते हैं जिन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए बड़ा बलिदान किया है।

इराक के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को आग में 92 लोगों के मारे जाने की सूचना दी थी। लेकिन बुधवार को इतालवी समाचार एजेंसी एएनएसए ने मरने वालों की संख्या को संशोधित कर 60 बताया।

अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा

12-13 जुलाई की रात को अस्पताल के निकट अस्थायी कोविड-19 वार्ड में लगी। अधिकारियों ने कहा कि आग शोर्टसर्किट से लगी थी दूसरे अधिकारी ने कहा कि आग उस समय लगी जब ऑक्सिजन सिलेंडर में विस्फोट हुआ।  

अपने मृतकों को दफनाने वाले शोकग्रस्त परिवारों ने बगदाद में राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों को दोषी ठहराया और कहा कि आपदा को रोका जा सकता था।

इससे पहले अप्रैल में, बगदाद के एक अस्पताल में आग लगने से कम से कम 82 लोग मारे गए थे और 110 घायल हो गए थे, जब एक ऑक्सीजन टैंक में विस्फोट हो गया था।

इस बीच, इराक एक और गंभीर कोविड -19 उछाल के बीच है। पिछले सप्ताह से प्रति दिन नये मामले 9,000 पर पहुंच गए हैं। इराक की युद्ध-अपंग स्वास्थ्य प्रणाली ने वायरस को रोकने के लिए संघर्ष किया है। देश में 17,000 से अधिक मौतें और 1.4 मिलियन पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं।

15 July 2021, 14:59