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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस  (Vatican Media)

कलीसिया परिवारों को सुनने, देखभाल में शामिल करने हेतु आमंत्रित

संत पापा फ्राँसिस ने प्रेरितिक उदबोधन अमोरिस लेतिसिया पर विचार करने के लिए एक मंच पर प्रतिभागियों को एक वीडियो संदेश में प्रचार मिशन में पुरोहितों, विवाहित जोड़ों और परिवारों को शामिल करने के लिए सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 09 जून 2021(वाटिकन न्यूज) :  संत पापा फ्राँसिस ने प्रेरितिक प्रबोधन अमोरिस लेतिसिया के प्रकाशन के पांच साल बाद, लोकधर्मी, परिवार और जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय विभाग द्वारा आयोजित फोरम को संबोधित किया। संत पापा ने महामारी के कारण व्यावहारिक कठिनाइयों के बावजूद पहल करने के लिए विभाग को धन्यवाद दिया। संत पापा ने फोरम में उपस्थित 60 से अधिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों और 30 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय आंदोलनों के पारिवारिक कार्यालयों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया, जो इस बैठक में जुड़े हुए हैं। वेबिनार 9 से 12 जून तक चलेगी।

परिवार पर कलीसियाई विवेक को बढ़ावा देना

संत पापा ने कहा, "अमोरिस लेतिसिया परिवार वर्ष" के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहलों के परिदृष्य में, फोरम परमधर्मपीठ, धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों, आंदोलनों और पारिवारिक संघों के बीच संवाद के एक आवश्यक समय का प्रतिनिधित्व करता है। पवित्र आत्मा इसे कलीसिया, पुरोहितों और लोक धर्मियों के लिए एक साथ आने, परिवारों की ठोस जरूरतों को सुनने और कलीसिया की घोषणा को नवीनीकृत करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को शुरू करने में एक दूसरे की मदद करने के लिए एक उपयोगी क्षण बनाता है।

संत पापा ने कहा, "आप खुद से जो सवाल पूछते हैं - अमोरिस लेतिसिया के उपयोग में हम कहां खड़े हैं?" - का उद्देश्य नवीन सुसमाचार प्रचार के दृष्टिकोण से शैली और पारिवारिक प्रेरिताई देखभाल के उद्देश्यों पर एक उपयोगी कलीसियाई विवेक को प्रोत्साहित करना है। प्रबोधन अमोरिस लेतिसिया विवाह और परिवार पर धर्मसभा के एक गहन मनन चिंतन का फल है, अतः  मिशनरी कार्यान्वयन और हृदयपरिवर्तन में धैर्यपूर्वक काम करने की आवश्यकता है। यह फोरम धर्मसभा पथ की निरंतरता के लिए बनाया गई है, जिसे स्थानीय कलीसियाओं में लागू करने में सक्षम होना चाहिए और जिसके लिए सहयोग, जिम्मेदारी साझा करने, विवेक की क्षमता और परिवारों के करीब रहने की इच्छा की आवश्यकता होती है।

सुसमाचार प्रचार में परिवारों को शामिल करना

संत पापा ने कहा कि महामारी के इस कठिन दौर से गुजरते परिवारों की कठिनाईयों को सुनना और उनकी प्रेरितिक देखभाल का उत्तरदायित्व स्थानीय कलीसिया का है। लोगों की वास्तविक समस्याओं के संबंध के बिना केवल सैद्धांतिक संदेश को अलग रखना आवश्यक है, साथ ही इस विचार को, कि सुसमाचार प्रचार एक प्रशिक्षित वर्ग के लिए ही आरक्षित है। सभी बपतिस्मा प्राप्त व्यक्ति "सुसमाचार के वाहक" हैं। परिवारों और युवाओं के लिए ईश्वर के प्यार लाना है, जो भविष्य में परिवारों का निर्माण करेंगे। हमें स्वयं परिवारों की मदद, उनके जीवन और सहभागिता के ठोस अनुभव की आवश्यकता है। हमें अन्य परिवारों के साथ चलने के लिए, कमजोर लोगों की मदद करने के लिए और सुसमाचार की घोषणा करने के लिए पुरोहितों के साथ-साथ दम्पतियों की भी आवश्यकता है। मसीह विवाह के संस्कार में मौजूद है और जीवन की हर परिस्थिति में सभी को कोमलता, धैर्य और आशा देते हैं।

मिशन के लिए सह-जिम्मेदारी

संत पापा फ्राँसिस ने कहा, "पुरोहिताई की तरह, विवाह संस्कार भी ईश्वर के लिए लोगों को तैयार करता है और पति-पत्नी को कलीसिया के विकास में एक विशेष मिशन प्रदान करता है। इस प्रकार परिवार, एक 'घरेलू कलीसिया' है जहां मसीह की पवित्र उपस्थिति पति-पत्नी, माता-पिता और बच्चों के बीच कार्य करती है और परिवारों में प्रेम का अनुभव कलीसिया के जीवन के लिए शक्ति का एक बारहमासी स्रोत है। इसलिए, विवाह संस्कार के आधार पर, हर परिवार पूरी तरह से कलीसिया का विस्तार करता है।"

इस परिप्रेक्ष्य में, मिशन की सह-जिम्मेदारी, घरेलु कलीसिया की देखभाल में सहयोग करने के लिए विवाहित जोड़ों, नियुक्त पुरोहितों और विशेष रूप से धर्माध्यक्ष की आवश्यकता होती है।

संत पापा ने कहा, "हम पुरोहितों को स्वयं को पवित्र आत्मा से प्रबुद्ध होने देना चाहिए, ताकि इस उद्धारक उद्घोषणा को विवाहित जोड़ों द्वारा महसूस किया जा सके, जो अक्सर वहां होते हैं, तैयार होते हैं, लेकिन बुलाए नहीं जाते हैं।" जिस तरह "पुरुष और स्त्री, अपनी पूरकता में, परिवार को बनाते हैं, वैसे ही पुरोहिताई संस्कार और विवाह संस्कार कलीसिया को परिवारों के परिवार बनाने के लिए अनिवार्य हैं।"

अमोरिस लेतिसिया पर एक नया रूप

आगे प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, संत पापा ने उन्हें अमोरिस लेतिसिया "एक नए सिरे से देखने" के लिए आमंत्रित किया ताकि "उनमें इंगित प्रेरितिक प्राथमिकताओं में से, जो प्रत्येक स्थानीय कलीसिया की ठोस जरूरतों के अनुकूल हो। मिशनरी उत्साह और रचनात्मकता के साथ उन्हें शुरु करें।”

उन्होंने कहा, "इवांजली गौडियम के कार्यक्रम संबंधी मूल्यों और परिवारिक देखभाल के लिए अमोरिस लेतिसिया द्वारा उल्लिखित ठोस प्रेरितिक कार्यक्रमों के मद्देनजर, मुझे आशा है कि सभी समुदाय एक प्रेरितिक और मिशनरी मनपरिवर्तन के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए आवश्यक प्रयास करेंगे। चीजों को नहीं छोड़ सकता है जैसा कि वे वर्तमान में हैं।”

संत पापा फ्राँसिस ने लोकधर्मियों, विशेषकर जीवनसाथी और परिवारों के निर्माण में विशेष प्रयास करने का भी आह्वान किया, ताकि वे अपनी कलीसियाई प्रतिबद्धता और विवाहित जोड़ों और परिवारों से प्राप्त मिशन के महत्व को बेहतर ढंग से समझ सकें।

संत पापा ने परिवार पर कलीसिया की कुछ चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए कहा, जिसके लिए नए सिरे से प्रेरितिक प्रोत्साहन की आवश्यकता है, जिसमें "विवाह की तैयारी, युवा विवाहित जोड़ों की संगत, शिक्षा, बुजुर्गों का ध्यान, टूटे परिवारों के साथ निकटता या उन लोगों के साथ निकटता शामिल है,जो ख्रीस्तीय अनुभव को पूर्ण रूप से जीना चाहते हैं।"

अंत में, संत पापा फ्राँसिस ने आशा व्यक्त की कि बैठकें विचारों और प्रेरितिक अनुभवों को साझा करने के साथ-साथ एक ऐसा नेटवर्क बनाने का अवसर होगा जो समय के संकेतों के जवाब में परिवार के सुसमाचार को सबसे प्रभावी तरीके से प्रचार करने में मदद कर सके।

अपने लिए प्रार्थना करने के अनुरोध के साथ, संत पापा ने मंच के प्रतिभागियों को माता मरियम और संत जोसेफ की मध्यस्थता में सौंपते हुए अपना संबोधन समाप्त किया।

कलीसिया परिवारों को सुनने, देखभाल में शामिल करने हेतु आमंत्रित
09 June 2021, 21:17