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11 दिनों की बमबारी के बाद जैरूसालेम के अलयअक्सा मस्जिद  में प्रार्थना हेतु लोग एकत्र 11 दिनों की बमबारी के बाद जैरूसालेम के अलयअक्सा मस्जिद में प्रार्थना हेतु लोग एकत्र  (AFP or licensors)

सन्त पापा ने किया नौ देशों के राजदूतों का प्रत्यय पत्र स्वीकार

सन्त पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को वाटिकन में सिंगापुर, ज़िमबाबवे, बंगलादेश, आलजिरिया, श्री लंका, बारबादोस, स्वीडन, फिनलैण्ड और नेपाल के राजदूतों का अभिवादन कर उनका प्रत्यय पत्र स्वीकार किया।

जूलयट जेनेवी क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 21 मई 2021 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को वाटिकन में सिंगापुर, ज़िमबाबवे, बंगलादेश, आलजिरिया, श्री लंका, बारबादोस, स्वीडन, फिनलैण्ड और नेपाल के राजदूतों का अभिवादन कर उनका प्रत्यय पत्र स्वीकार किया। इस अवसर पर सन्त पापा ने न्याय पर आधारित विश्व की रचना में योगदान का आह्वान किया तथा पवित्रभूमि के लिये विशेष प्रार्थनाओं की अपील की।

देख-रेख की संस्कृति पर बल

राजदूतो से सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि कोविद महामारी ने हमें इस तथ्य के प्रति सचेत कराया है कि हम सब एक ही मानव परिवार के सदस्य हैं तथा अपने बीच निवास करनेवाले कमज़ोर एवं निर्धन लोगों की मदद करना हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि हमारे समाजों के समक्ष इस समय एक ठोस चुनौती यह है कि हम साहसपूर्वक एक विश्वव्यापी देख-रेख की संस्कृति का विकास करें जिसके प्रमुख मूल्य एकात्मता, मानव गरिमा, आपसी सहायता तथा सामाजिक न्याय हो।  

सन्त पापा ने कहा कि मानव जाति के समक्ष प्रस्तुत इन नैतिक चुनौतियों का सामना करने के लिये राजदूतों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अपनी ओर से परमधर्मपीठ अपनी कूटनीतिज्ञ सेवाओं के माध्यम से, मानव केन्द्रित विश्व समाज के निर्माण हेतु अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी विकास योजनाओं एवं वित्त सेवाओं का केन्द्र मानव व्यक्ति है।

कलीसिया के कार्यों की चर्चा करते हुए सन्त पापा ने कहा कि काथलिक कलीसिया अपनी कल्याणकारी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा मानव के अखण्ड विकास, तथा न्याय एवं शान्ति पर आधारित समाज के निर्माण में योगदान कर रही है।  

शान्ति हेतु प्रार्थना का आमंत्रण

पवित्रभूमि में इस समय जारी तनावों एवं युद्ध की पृष्ठभूमि में सन्त पापा ने प्रार्थना का आग्रह किया। ईश्वर के प्रति उन्होंने धन्यावद ज्ञापित किया कि इस वक्त सशस्त्र युद्ध एवं हिंसा के कृत्यों पर रोक लगाने का निर्णय ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि वे ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि वार्ता एवं शान्ति का पथ प्रशस्त हो।

सन्त पापा ने बताया कि शनिवार 22 मई को पवित्रभूमि की काथलिक कलीसियाओं द्वारा पेन्तेकॉस्क महापर्व की पूर्वसन्ध्या प्रार्थना जागरण का आयोजन किया गया है। उन्होंने सम्पूर्ण विश्व के काथलिक पल्ली पुरोहितों एवं विश्वासियों का आह्वान किया कि वे जैरूसालेम की कलीसिया के साथ प्रार्थना में एकप्राण होकर शान्ति के लिये प्रार्थना करें ताकि इस्राएली एवं फिलीस्तीनी वार्ता एवं क्षमा का पथ चुनकर धैयर्पूर्वक शान्ति एवं न्याय के निर्माता बन सकें।   

 

21 May 2021, 12:14