खोज

Vatican News
विरोध प्रदर्शन करते हुए कोलंबिया के युवा विरोध प्रदर्शन करते हुए कोलंबिया के युवा  (ANSA)

संत पापा संवाद की अपील करते हुए कोलंबिया के लिए प्रार्थना की

संत पापा फ्राँसिस ने शांति और न्याय के मार्ग के रूप में संवाद का संकेत देते हुए संघर्षग्रस्त कोलंबिया के लिए प्रार्थना की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 24 मई 2021 ( वाटिकन न्यूज) : पेंतेकोस्त रविवार को और एक महीने में दूसरी बार संत पापा फ्राँसिस ने कोलंबिया की स्थिति के लिए अपनी चिंता व्यक्त की और विश्वासियों को पीड़ित लोगों के लिए प्रार्थना में शामिल होने को कहा।

संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में स्वर्ग की रानी प्रार्थना का पाठ करने के बाद संत पापा ने कहा: "मैं प्रार्थना करता हूँ कि प्यारे कोलंबिया के लोग पवित्र आत्मा के वरदान प्राप्त करें ताकि गंभीर संवाद के माध्यम से उन सभी समस्याओं का समाधान ढूंढा जा सके जिनसे वे पीड़ित हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो महामारी के कारण गरीबी से जूझ रहे हैं।”

संत पापा ने सभी से "मानवीय कारणों से" सभी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए संभावित खतरनाक व्यवहार से बचने का आग्रह किया, क्योंकि वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के अपने अधिकार का प्रयोग करते हैं।

राष्ट्रव्यापी विरोध और क्रूर कार्रवाई

2017 में संत पापा फ्राँसिस ने कोलंबिया दौरा किया था। सरकार और एफएआरसी विद्रोहियों के बीच वार्ता के बाद देश शांत था।  कोरोनोवायरस महामारी की तीसरी लहर के बीच इवान ड्यूक की सरकार द्वारा करों में वृद्धि के प्रस्ताव के बाद जनता के साथ एफएआरसी भी विरोध प्रदर्शनों में शामिल हो गया है। हालांकि राष्ट्रपति ने जनता के विरोध के कारण विवादास्पद कर सुधार प्रस्ताव वापस ले लिया, लेकिन प्रदर्शन जारी है, एक क्रूर कार्रवाई से बढ़ गया।

कम से कम 40 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हो गए हैं जो सुरक्षा बल और सशस्त्र पुलिस साधारण नागरिकों के कपड़े पहने हुए हैं। कई को गिरफ्तार किया गया है और दर्जनों महिलाओं पर पुलिस अधिकारियों ने कथित रूप से यौन हमला किया है।

कोलम्बियाई धर्माध्यक्षों की अपील

कोलंबिया के लिए प्रार्थना हेतु संत पापा की अपील कोलंबियाई काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा जारी एक अपील के मद्देनजर आती है जो समस्याओं के समाधान हेतु संवाद के मार्ग को अपनाने पर जोर देते हैं।

धर्माध्यक्षों ने कहा, “शांतिपूर्वक विरोध करने वालों की मांगों को सुनना, समझना और कुशलता से समाधान खोजना मौलिक है। हम सभी शांति चाहते हैं और शांति प्राप्त करने का यही एकमात्र तरीका है। ”

24 May 2021, 16:07