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संत जोसेफ मियनद्रिवाजो का उप-महागिरजाघर की आशीष पर संत पापा का संदेश

संत पापा फ्रांसिस ने मडागास्कर के मोरोनदावा धर्मप्रांत स्थित मियानद्रिवाजो के संत जोसेफ उप-महागिरजाघर की आशीष के अवसर पर, एक वीडियो संदेश के माध्यम से वहाँ के विश्वासियों को सम्बोधित किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 1 मई 2021 (रेई)- शनिवार को मडागास्कर के मोरोनदावा धर्मप्रांत स्थित संत जोसेफ उप-महागिरजाघर की आशीष की जा रही है। मजदूर संत जोसेफ के पर्व दिवस पर स्थानीय धर्माध्यक्षों ने 1 मई को संत जोसेफ उप-महागिरजाघर की आशीष की।

संत पापा फ्रांसिस ने एक वीडियो संदेश माध्यम से विश्वासियों के साथ समारोह में भाग लिया। संत पापा ने कहा, "मैं इस कार्य के लिए आप सभी को बधाई देता हूँ जिसको आप आगे बढ़ा रहे हैं और मैं सभी शैक्षणिक, सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों के लिए बधाई देता हूँ।"

स्थानीय किसानों की मदद हेतु परियोजना

संत पापा ने धर्मप्रांत की उस परियोजना की खूब सराहना की जिसमें एक नहर बनाया गया है ताकि स्थानीय फसल के लिए सिंचाई की सुविधा दी जा सके। नहर 50 किलोमीटर लम्बा है और 2,000 हेक्टर से अधिक बड़े क्षेत्र में लगे फसल की सिंचाई की जा सकेगी।   

संत पापा ने अपने संदेश के अंत में इस परियोजना एवं मियनद्रिवाजो के महागिरजाघर पर ईश्वर के आशीष की कामना की है।

उन्होंने कहा, "मैं संत जोसेफ से प्रार्थना करता हूँ कि वे आपकी रक्षा करें। मैं इस नये महागिरजाघर की आशीष के लिए आप सभी के साथ हूँ। ईश्वर आप सभी को आशीष प्रदान करे।"

संत जोसेफ मियनद्रिवाजो का उप-महागिरजाघर
संत जोसेफ मियनद्रिवाजो का उप-महागिरजाघर

संत जोसेफ को समर्पित महागिरजाघर

1 मई को आयोजित इस समारोह का अनुष्ठान धर्माध्यक्ष मरिये फाबिएन रहारिलाम्बोनिअइना ने की जिन्होंने वाटिकन न्यूज को बतलाया कि किस तरह स्थानीय कलीसियाई समुदाय ने उप-महागिरजाघर के निर्माण में अपना सहयोग दिया।

उन्होंने संत पापा फ्राँसिस को शारीरिक रूप से दूर होते हुए भी पिता तुल्य स्नेह प्रकट करने के लिए धन्यवाद दिया।

धर्माध्यक्ष ने कहा, "अपने हृदय से, वे हजारों किलोमीटर दूर में क्या हो रहा है और अधिकांश लोगों की नजरों में नहीं दिखाई देनेवाली चीज को देख सकते हैं। यह उप- महागिरजाघर जिसका निर्माण 200 गरीब मजदूरों, स्त्री और पुरूष दोनों ने की है – लोगों को ईश्वर के निकट होने का एहसास दिलायेगा।"

उन्होंने कहा कि योजना इसीलिए संभव हो पाया क्योंकि संत पापा फ्राँसिस ने 2019 के सितम्बर माह में मडागास्कर की प्रेरितिक यात्रा की थी।  

मोरोनदावा धर्मप्रांत के सेवानिवृत धर्माध्यक्ष जोसेफ ने कहा, "ये सभी परिस्थितियाँ ईश्वर की इच्छा की दिखलाती हैं।"

संत जोसेफ मियनद्रिवाजो का उप-महागिरजाघर
संत जोसेफ मियनद्रिवाजो का उप-महागिरजाघर

सुसमाचार का स्वागत

मियनद्रिवाजो, मोरोनदावा धर्मप्रांत से 300 किलोमीटर दूर है। धर्माध्यक्ष ने कहा कि यह भौगोलिक दूरी स्थानीय लोगों को कलीसिया से दूर महसूस कराती थी। अतः धर्माध्यक्ष ने पाँच साल पहले एक धर्मप्रांतीय सिनॉड का आह्वान किया जिसमें मियनद्रिवाजो के विश्वासियों ने धर्मप्रांत से एक गिरजाघर की मांग की।

इस क्षेत्र के 80 प्रतिशत लोग पूर्वजों के धर्म को मानते हैं और 15 प्रतिशत लोग काथलिक हैं। फिर भी लोग सुसमाचार के लिए खुले हैं। धर्मप्रांतीय सिनॉड के बाद उन्होंने कई धर्मसंघी समुदायों को इस क्षेत्र के मिशन के लिए संलग्न किया।

विश्वास का एक जीवित समुदाय

धर्माध्यक्ष ने कहा, "उन्होंने गाँवों में जाने के संत पापा के आह्वान का उदारता पूर्वक प्रत्युत्तर दिया। उनकी उपस्थिति हमें लोगों के निकट रहने एवं सुसमाचार प्रचार के कार्य में आगे बढ़ने हेतु मदद दिया।"

उन्होंने बतलाया कि वहाँ विभिन्न गाँवों में 50 नये ख्रीस्तीय समुदाय हैं और कुछ ही दिनों पहले 200 लोगों ने बपतिस्मा लिया है।  

धर्माध्यक्ष ने गौर किया कि महामारी के कारण समारोह में विश्वासियों की संख्या कम रही। उन्होंने कहा, "यह हमें संत जोसेफ एवं संत मरियम के जीवन की याद दिलाती है, बालक येसु का जन्म शहर से दूर हुआ था और बहुत कम लोग उनका दर्शन करने पहुँचे थे।" उन्होंने कहा कि भारी भीड़ की कमी होने पर भी ईश्वर की कृपा व्याप्त है।

 

01 May 2021, 14:48