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पृथ्वी दिवस पर विडियो सन्देश प्रसारित करते सन्त पापा फ्राँसिस, 22.04.2021 पृथ्वी दिवस पर विडियो सन्देश प्रसारित करते सन्त पापा फ्राँसिस, 22.04.2021  (© Servizio Fotografico Vaticano)

पृथ्वी दिवस पर संयुक्त कार्य का आह्वान

51 वें "पृथ्वी दिवस" के उपलक्ष्य में सन्त पापा फ्रांसिस ने 22 अप्रैल को दो विडियो सन्देश जारी कर धरती की सुरक्षा हेतु एकजुट होकर काम करने की अनिवार्यता पर बल दिया।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021 (रेई,वाटिकन रेडियो): 51 वें "पृथ्वी दिवस" के उपलक्ष्य में सन्त पापा फ्रांसिस ने 22 अप्रैल को दो विडियो सन्देश जारी कर धरती की सुरक्षा हेतु एकजुट होकर काम करने की अनिवार्यता पर बल दिया।

जलवायु पर विचार विमर्श हेतु विश्व नेताओं के शिखर सम्मेलन को प्रेषित सन्देश में सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि यह पहल विश्व के नेताओं को स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो में नवम्बर 2021 के लिये निर्धारित कॉप 26 बैठक की तैयारी का सुअवसर प्रदान करेगा।  

गुरुवार को पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में विश्व के जी-20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने एक ऑनलाईन  सम्मेलन में भाग लिया।

सन्त पापा ने कहा कि विश्व के नेताओं का शिखर सम्मेलन राष्ट्रों को "सृष्टि की सुरक्षा और देखभाल के लिये प्रोत्साहित करेगा, जो हमें वरदान स्वरूप प्रदान की गई है।" उन्होंने कहा कि सृष्टि पर हुए घावों का हमें उपचार करना होगा और उसकी देखभाल के लिये एकजुट होकर काम करना होगा।  

सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा, "हमारी चिंता पर्यावरण को स्वच्छ, शुद्ध और संरक्षित करने तथा प्रकृति का ख्याल रखने के प्रति होना चाहिये जो हमारी जीवन की रक्षा करती है।"  

पृथ्वी दिवस 2021

पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में जारी एक अलग विडियो सन्देश में सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा, "उन बातों को सदैव याद रखना हितकर होगा जो हम एक दूसरे से पहले कह चुके हैं, ताकि वे गुमनामी में न पड़ जायें।" उन्होंने कहा, "विगत कुछ समय से, हम इस बात के बारे में अधिक जागरूक हो रहे हैं कि प्रकृति संरक्षित होने के योग्य है। अस्तु, ईश प्रदत्त जैव विविधता के साथ मानवीय सहभागिता को अत्यंत सावधानी और सम्मान के साथ ध्यान में रखा जाना चाहिए।"

कोविद महामारी से सीख

जलवायु परिवर्तन एवं प्रकृति पर उसके दुष्प्रभावों के सन्दर्भ में सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि कोविद महामारी ने दर्शा दिया है कि पृथ्वी को जीवन की आवश्यकता है, जिसके लिये सृष्टि की सुरक्षा अनिवार्य है।

सन्त पापा ने कहा, "कोविद-महामारी एवं इसके प्रभावों से हम सभी, विविध और असमान रूप से, किसी न किसी प्रकार, प्रभावित हुए हैं और इसलिए यह समझना नितान्त आवश्यक है कि इससे हमें एक और अधिक न्यायसंगत तथा पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित ग्रह बनाने हेतु शिक्षा मिली है।" उन्होंने कहा कि हमें एक और न्यायसंगत, पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित ग्रह बनाने के लिए हमें और भी कुछ सिखाता है।

उन्होंने कहा कि कोविद-19 महामारी ने हमें एक दूसरे पर निर्भरता तथा हमारे ग्रह की रक्षा का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जलवायु की आपातकालीनता तथा कोविद महामारी दोनों वैश्विक त्रासदियाँ हमें यही दर्शा रही हैं कि अब समय आ गया है कि धरती की सुरक्षा तथा एक न्यायसंगत समाज के निर्माण हेतु हम एकजुट होकर काम करें।

अधिकारियों से अपील

अपना सन्देश समाप्त करते हुए सन्त पापा ने विश्व के नेताओं का आह्वान किया कि वे साहस एवं न्याय के साथ अपने दायित्वों का सम्पादन करें तथा लोगों से सदैव सच बोलें, जिससे लोग स्वतः को तथा सृष्टि को विनाश से बचा सकने में समर्थ बन सकें।

सन्त पापा ने कहा "हमारे पास साधन हैं, अब सक्रिय होने का समय है, हम विनाश की कगार पर खड़े हैं।" उन्होंने कहा कि यह याद रखा जाये कि "ईश्वर सब समय माफ़ कर देते हैं, मनुष्य कभी-कभी माफ़ करते हैं जबकि प्रकृति कभी माफ़ नहीं करती।"  

 

23 April 2021, 11:21