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पास्का जागरण, मसीह नए सिरे से शुरू करने में मदद करते हैं

संत पापा फ्राँसिस ने पास्का जागरण मिस्सा के दैरान अपने प्रवचन में पुनर्जीवित प्रभु द्वारा अपने चेलों को गलील जाने के निर्देश के मर्म को समझाया। गलील जाने का अर्थ है फिर से नई शुरुआत करना।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 03 अप्रैल 2021 (रेई)- संत पापा फ्राँसिस ने 03 अप्रैल को संत पेत्रुस महागिरजाघर में संध्या को पास्का जागरण मिस्सा का अनुष्ठान किया तथा येसु के जी उठने का शुभ संदेश दिया।

अपने प्रवचन में संत पापा ने कहा, ʺमहिलाओं ने सोचा कि वे ईसा के शरीर का विलेपन करेंगी, इसके बजाय उन्हें एक खाली कब्र मिली। वे मृतकों का शोक मनाने गई थी,  इसके बजाय उन्होंने जीवन की एक उद्घोषणा सुनी। इस कारण से, सुसमाचार हमें बताता है, वे आश्चर्यचकित होकर काँपती हुई कब्र से बाहर निकली।" (मारकुस,16: 8)। जब उन्होंने कब्र के पत्थर को एक तरफ लुढ़का हुआ देखी तो विस्मित हो उठी। वे कब्र के अंदर गयीं और अदर यह देखकर चकित-सी रह गयीं कि लम्बा श्वेत वस्त्र पहने एक नवयुवक दाहिने बैठा हुआ है। उसने उन से कहा, “डरिये नहीं! आप नासरेत के ईसा नाजरी को ढूँढ़ रही हैं, जो क्रूस पर चढ़ाये गये थे। वे जी उठे हैं। ”(पद 6) और एक संदेश: “वे आप लोगों से पहले गलील जा रहे हैं, वहां आप उसे देखेंगे।”(पद 7) संत पापा ने कहा, ʺआइये, हम भी इस संदेश की स्वीकार करें। यही है, ईस्टर का संदेश। आइए, हम गलील की ओर चलें, जहाँ पुनर्जीवित प्रभु हमसे आगे निकल गए हैं। आखिर "गलील जाने" का क्या अर्थ है?ʺ

नए सिरे से शुरुआत

संत पापा ने कहा, ʺगलील में जाने का अर्थ है, नए सिरे से शुरुआत करना। शिष्यों के लिए इसका अर्थ था उस स्थान पर वापस जाना, जहाँ प्रभु ने उन्हें पहले ढूंढा और उन्हें अपने पीछे आने के लिए बुलाया। उनकी पहली मुलाकात की जगह और उनका पहला प्यार। उस क्षण से, उन्होंने अपने जाल को पीछे छोड़कर, येसु का अनुसरण किया, उनके उपदेशों को सुना और उनके द्वारा किए गए चमत्कारों के साक्षी बने। हालांकि वे हमेशा उसके साथ थे,  फिर भी वे उसकी बातों को पूरी तरह से नहीं समझ पाते थे। बहुधा वे उसकी बातों को गलत समझते थे और अंत में क्रूस के सामने वे उसे छोड़ कर भाग गये थे। फिर भी, पुनर्जीवित प्रभु एक बार फिर वहीं दिखाई देते हैं वे उनके आगे गलील जाते हैं। वे उनसे पहले है। वे उनके सामने खड़े होते हैं और उन्हें लगातार उनका पीछा करने के लिए कहते हैं। वे उनसे कहते हैं: “जहाँ से हमने शुरू किया था वहाँ फिर से शुरू करें। हमें नए सिरे से शुरू करते हैं। मैं चाहता हूं कि तुम सब कुछ के बावजूद मेरे साथ रहो। इस गलील में, हम प्रभु के असीम प्रेम से विस्मित होना सीखते हैं, जो हमारी पराजय के मार्ग के साथ नया मार्ग खोलते हैं।ʺ

संत पापा ने कहा, आपके लिए पास्का का पहला संदेश यह है: नए सिरे से शुरू करना हमेशा संभव होता है, क्योंकि हमारी सभी असफलताओं के बावजूद ईश्वर हममें एक नया जीवन ला सकते हैं। हमारे दिल के मलबे से, ईश्वर नई चीज बना सकते हैं; हमारी मानवता के बर्बाद अवशेषों से ईश्वर एक नया इतिहास रच सकते हैं। दुख, वीरानी और मौत की घड़ी में ईश्वर कभी भी हमसे आगे नहीं जाना चाहते। उनके साथ जीवन में खुशी का आगमन होता है, एक बाप फ्र से इतिहास बदल जाता है, एक उम्मीद का पुनर्जन्म होता है। महामारी के इन अंधेरे महीनों में, आइये, हम पुनर्जीवित प्रभु को सुने। वे हमें नए सिरे से शुरू करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। हम कभी आशा न खोयें।

नए रास्तों पर निकलना

संत पापा ने गलील में जाने का अर्थ समझाते हुए कहा, ʺगलील के लिए निकलना मतलब, नए रास्तों पर निकलना। इसका अर्थ है कब्र से दूर चलना। महिलाएं कब्र में येसु को ढूंढ रही थीं, वे उनके साथ व्यतीत किये हुए दुखद घटना की याद में कब्र के पास गई थी। परंतु उनका यह अनुभव सुखद स्मृति में बदल गया। एक तरह का विश्वास है जो किसी चीज़ की स्मृति बन सकता है। बहुत से लोग इस तरह के "यादों के विश्वास" का अनुभव करते हैं, जैसे कि येसु उनके अतीत में थे,  युवा समय के एक पुराने दोस्त जो अब बहुत दूर है, एक घटना जो बहुत पहले हुई, जब वे एक बच्चे के रूप में धर्मशिक्षा में भाग लेते थे। एक विश्वास जो आदतों से बना है, अतीत की बातें, बचपन की प्यारी यादें, लेकिन अब कोई विश्वास नहीं है जो मुझे आगे ले जाए, या मुझे चुनौती दे। दूसरी ओर, गलील में जाने का अर्थ है कि उस विश्वास को महसूस करना, अगर उसे जीवित रखना है, तो सड़क पर वापस आना चाहिए। हमारे दैनिक जीवन के हर पहलों को पहली मुलाकात के विस्मय के साथ नवीनीकृत करना चाहिए और यह विश्वास करना जारी रखना चाहिए कि ईश्वर अपने तरीके से हमें आश्चर्यचकित करते हैं। आइए, हम गलील जाएं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ईश्वर को हमारे बचपन की यादों में नहीं रखा जा सकता है, लेकिन वे जीवित हैं और आश्चर्य से भरे हैं। पुनर्जीवित प्रभु, हमें विस्मित करना कभी नहीं छोड़ते।ʺ

येसु यहां और अभी जीवित हैं

संत पापा ने कहा, पास्का का दूसरा संदेश है: विश्वास अतीत की यादों का एक एल्बम नहीं है; येसु पुराने नहीं हैं। वे यहां और अभी जीवित हैं। वे हर दिन आपके साथ चलते हैं, हर परिस्थिति में आप अनुभव कर रहे हैं, हर परीक्षण में आपको अपनी गहरी आशाओं और सपनों में सहना पड़ता है। वे नए दरवाजे खोलते हैं जब आप कम से कम इसकी उम्मीद करते हैं, वे आपसे आग्रह करते हैं कि वर्तमान की निंदा न करें या अतीत के लिए उदासीन न हों। यहां तक कि अगर आपको लगता है कि सब खो गया है, तौभी आप अपने को येसु द्वारा लाए गए नएपन पर आश्चर्यचकित होने के लिए खुला रखें: वे निश्चित रूप से आपको आश्चर्यचकित करेंगे।

परिधियों का गलील

गलील में जाने का मतलब परिधि में जाना भी है। गलील दूर-दराज ग्रमीण क्षेत्र था, उस क्षेत्र में रहने वाले लोग येरूसालेम की अनुष्ठान शुद्धता से दूर थे। फिर भी वहीं येसु ने अपना मिशन शुरू किया। वहां उन्होंने दिन-प्रतिदिन, बहिष्कृत, कमजोर और गरीबों का संघर्ष करने वालों के लिए अपना संदेश लाया। वहाँ वह ईश्वर के चेहरे और उपस्थिति को उन लोगों के बीच लाया जो हतोत्साहित या हारे हुए हैं। ईश्वर अस्तित्व की परिधि में जाते हैं, क्योंकि उनकी नजर में कोई भी कम नहीं है, किसी को भी परिधि में नहीं रखा गया है। पुनर्जीवित प्रभु हमें अब फिर से वहां जाने के लिए कह रहे हैं, जहाँ हम हर दिन सड़कों पर, अपने शहरों के गलियों में जाते हैं। वहां प्रभु हमसे आगे निकल जाते हैं और अपने आस-पास के लोगों,  हमारे घर, हमारे काम, हमारी कठिनाइयों को साझा करता है। गलील में हम अपने भाइयों और बहनों के चेहरे में प्रभु को पाते हैं, उन लोगों के उत्साह में, जो सपने देखते हैं और जो हतोत्साहित होते हैं, उनके त्याग का आनंद पा सकते हैं, उन लोगों की मुस्कुराहट में जो आनन्दित हैं और जो पीड़ित हैं और सबसे ऊपर गरीबों में हम पुनर्जीवित प्रभु को पाते हैं

सीमाओं से परे प्यार करने वाले मसीह

संत पापा ने कहा, पास्का का तीसरा संदेश है: पुनर्जीवित प्रभु हमें सीमाओं से परे प्यार करते हैं और हमारे जीवन के हर क्षण में उपस्थित है। खुद हमारी दुनिया में उपस्थित होने के बाद, वे हमें रोज़मर्रा की जिंदगी को फिर से हासिल करने के लिए बाधाओं को दूर करने, पूर्वाग्रहों को दूर करने का निमंत्रण देते हैं। आइए, हम उसे अपने गलील में, रोजमर्रा की जिंदगी में पहचानें। उसके साथ, जीवन बदल जाएगा। सभी पराजयों, बुराईयों और हिंसा, सभी दुखों और मृत्यु से परे, पुनर्जीवित प्रभु रहते हैं। पास्का के संदेश को आप विस्मय के साथ अपने हृदय में ग्रहण करें। प्रभु आपकी निराशा को आशा में, दुख को सुख में और फिर से नई शुरुआत करने हेतु गलील में आपका इन्तार कर रहे हैं।

04 April 2021, 10:20