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संत पापा ने बांग्लादेश को स्वतंत्रता की 50 वीं वर्षगांठ पर बधाई

संत पापा फ्राँसिस बांग्लादेश के लोगों को शेख मुजीबुर रहमान के जन्म की शताब्दी और बांग्लादेश की स्वतंत्रता की पचासवीं वर्षगांठ के अवसर पर एक वीडियो संदेश भेजा।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 24 अप्रैल 2021 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने बुधवार 24 मार्च को शेख मुजीबुर रहमान के जन्म शताब्दी समारोह और बांग्लादेश की स्वतंत्रता की पचासवीं वर्षगांठ के अवसर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और देश के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी। संत पापा ने उनके साथ इन वर्षों के दौरान ईश्वर द्वारा दिये गये सभी वरदानों के लिए धन्यवाद दिया।

शेख की विरासत

संत पापा ने कहा कि बांग्लादेश “सोनार बांग्ला” एक अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य और एक आधुनिक राष्ट्र है जो अपने भीतर समुदायों के विभिन्न परंपराओं, भाषा और संस्कृति की एकता में शामिल होने का प्रयास करता है। यह उन विरासतों में से एक है जिसे शेख मुजीबुर रहमान सभी बांग्लादेशियों के लिए पीछे छोड़ गये। उन्होंने मुलाकात और संवाद की संस्कृति को बढ़ावा दिया, जो ज्ञान, अंतर्दृष्टि और विजन की विशालता द्वारा चिह्नित है। वे जानते थे कि केवल ऐसे बहुलतावादी और समावेशी समाज में प्रत्येक व्यक्ति स्वतंत्र, शांति और सुरक्षा में रह सकता है, जहाँ अधिक न्यायपूर्ण और भ्रातृत्व विश्व का निर्माण किया जा सकता है।

परमाध्यक्षों के हृदयों में विशेष स्थान

उन्होंने कहा, ʺबांग्लादेश एक युवा राज्य है और यह परमाध्यक्षों के हृदय में हमेशा एक विशेष स्थान रखता है, जिन्होंने शुरू से ही अपने लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है। उन्होंने शुरुआती प्रतिकूलताओं पर काबू पाने में और राष्ट्र निर्माण एवं विकास के मांगलिक कार्यों में उनका साथ दिया। मेरी उम्मीद है कि परमधर्मपीठ और बांग्लादेश के बीच अच्छे संबंध पनपते रहेंगे। इसलिए, मुझे विश्वास है कि अंतरंग मुलाकात और संवाद बढ़ती जाये, जिसे मैंने अपनी यात्रा के दौरान देखा, विश्वासियों को जीवन के अर्थ और उद्देश्य के बारे में अपनी गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त करने में सक्षम बनाता रहेगा और इस तरह आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने में योगदान देगा जो एक शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण समाज के निश्चित आधार हैं।ʺ

देश की स्वतंत्रता की पचासवीं वर्षगांठ के अवसर पर, संत पापा अपने दृढ़ विश्वास को नवीनीकृत करते हैं कि बांग्लादेश के राजनीतिक जीवन के लोकतंत्र और स्वास्थ्य का भविष्य अनिवार्य रूप से देश के संस्थापक के दृष्टिकोण और संवाद एवं सम्मान की विरासत से जुड़ा हुआ है, न्यायसंगत विविधता जिसे देशवासियों ने इन वर्षों में हासिल की है।

संत पापा: बांग्लादेश के एक मित्र

बांग्लादेश के एक मित्र के रूप में, संत पापा ने प्रत्येक को, विशेष रूप से युवा पीढ़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, ʺआप जिस राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, उस देश की शांति और समृद्धि के लिए काम करने हेतु अपने आप को समर्पित करें। मैं आप सभी से शरणार्थियों, गरीबों, वंचितों और उन आवाज हीन लोगों के लिए उदारता और मानवतावादी कार्य को जारी रखने के लिए कहता हूँ।ʺ

24 March 2021, 15:09