खोज

Vatican News
संत पापा फ्राँसिस के साथ रोम के विकर अंजेलो दी दोनातिस संत पापा फ्राँसिस के साथ रोम के विकर अंजेलो दी दोनातिस  (Vatican Media)

संत जॉन लातेरन महागिरजाघर से संलग्न इमारत संग्रहालय के लिए समर्पित

रोम धर्मप्रांत के विकर कार्डिनल अंजेलो दी दोनातिस को लिखे एक पत्र में, संत पापा फ्राँसिस ने संत जॉन लातेरन महागिरजाघर से संलग्न इमारत को संग्रहालय एवं विभिन्न रूपों और सामग्रियों में सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए निर्दिष्ट किया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 16 मार्च 2021 (रेई)- संत पापा फ्रांसिस ने रोम के विकर कार्डिनल अंजेलो दी दोनातिस को एक पत्र लिखकर, संत जॉन लातेरन महागिरजाघर से संलग्न इमारत को संग्रहालय एवं संस्कृति-संबंधी उद्देश्य के लिए अधिकृत किया है।

संत पापा ने पत्र में लिखा है, "सदियों से, कलीसिया ने विश्वास के अनुभवों और ईश्वर को सम्मान देने के लिए उपकरणों के रूप में, कलाकारों की प्रतिभा और निपुणता को बढ़ावा देने के लिए हमेशा काम किया है।"

"यह न केवल कला के प्रति प्रेम के कारण बल्कि चुनौतियों एवं खतरों के सामने सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा के लिए किया गया है जो उसे उसके कार्य एवं मूल्य से वंचित करता है।"

कलीसिया, कला एवं सुन्दरता

संत पापा ने गौर किया है कि इस विशेष जिम्मेदारी के साथ "स्थान, इमारत और कार्य की सावधानी पूर्वक देखभाल जुड़ी है जो मानवीय भावना की अभिव्यक्ति और मानव की संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है "जो अपने पूर्ववर्तियों के द्वारा विभिन्न पीढ़ियों के लिए सौंपने में सक्षम है," एवं उन्हें संरक्षित करने, कार्य करने एवं आगंतुकों और विद्वानों के लिए उपलब्ध कराया है।

इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए संत पापा ने विरासत की रक्षा हेतु रोम के धर्माध्यक्ष को सौंप दिया है।

कला एक व्यापक भाषा

संत पापा फ्राँसिस ने कई अवसरों पर कला जो आशा, सौहार्द एवं शांति की ओर अग्रसर करता है उसके महत्व तथा सुन्दरता पर जोर दिया है।

फरवरी 2018 को, "सुन्दरता के दियाकोनिया" के सदस्यों से मुलाकात करते हुए संत पापा ने जोर दिया कि "जो वरदान उन्होंने प्राप्त किया है वह हरेक के लिए एक जिम्मेदारी एवं मिशन है।"  

7 मई 2020 को प्रेरितिक आवास संत मर्था में ख्रीस्तयाग के दौरान संत पापा ने कलाकारों के लिए प्रार्थना की तथा उनपर ईश्वर की आशीष की याचना की। उपदेश में उन्होंने कहा था कि सुन्दरता के बिना व्यक्ति सुसमाचार को कला के कार्य के रूप में नहीं समझ सकता जो हम सभी में सकारात्मक भावना उत्पन्न करता है।  

17 March 2021, 15:56