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संत पापा बगदाद में संत जोसेफ महागिरजाघर के सामने काथलिकों के बीच से गुजरते हुए संत पापा बगदाद में संत जोसेफ महागिरजाघर के सामने काथलिकों के बीच से गुजरते हुए  (AFP or licensors)

इराकी पीड़ित समुदाय के साथ संत पापा की ऐतिहासिक मुलाकात,चेलाम

लैटिन अमेरिका के धर्माध्यक्षों ने संत पापा के लिए प्रार्थना की, जिन्होंने कोविद -19 महामारी के बावजूद, एक ऐसे देश का प्रेरितिक दौरा किया जहाँ एक छोटी और पीड़ित काथलिक समुदाय रहती है। संत पापा की प्रेरितिक यात्रा "इराक" के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक होगा और यह इराकी भाइयों के दिलों में बनी रहेगी।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

अर्जेंटीना, सोमवार 8 मार्च 2021 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस अपनी 33 वीं अंतर्राष्ट्रीय प्रेरितिक यात्रा समाप्त कर, आज  सुबह इराक से लौटे। संत पापा का विमान करीब 12.45 बजे रोम के चंम्पिनो हवाई अड्डे पर उतरे। इसके बाद वे अपने वाहन द्वारा वाटिकन लौटे। यह एक "ऐतिहासिक" यात्रा थी, इसे कई लोगों द्वारा परिभाषित किया गया था, जिसमें चेलाम (लैटिन अमेरिकी एपिस्कोपल काउंसिल) भी शामिल है।

एक संदेश में, लैटिन अमेरिका के धर्माध्यक्षों ने संत पापा के प्रति आभार प्रकट किया जिन्होंने कोविद -19 महामारी के बावजूद, एक ऐसे देश का प्रेरितिक दौरा किया, "जहाँ एक छोटी और पीड़ित काथलिक समुदाय रहती है।" यात्रा के दिनों में लैटिन अमेरिका की कलीसिया और धर्माध्यक्षों ने संत पापा के लिए प्रार्थना करते हुए अपनी निकटता व्यक्त की। चेलाम लिखता है कि यह "सभ्यता के पालने में एक यात्रा थी जो हमारे पिता अब्राहम के संकेत को एहसास कराता है जो ईसाई, यहूदी और मुस्लिमों को एकजुट करता है और हमें एक ही मानव परिवार का सदस्य बनाता है।"

विश्व भाईचारे के तीर्थयात्री

लैटिन अमेरिकी धर्माध्यक्षों ने "संत पापा फ्राँसिस द्वारा पेश किए गए साहसिक गवाही" को रेखांकित किया, जिन्होंने उन ख्रीस्तियों से मुलाकात की, जो "धार्मिक कट्टरवाद के परिणाम, यहां तक ​​कि शहादत तक भुगते हैं।" संत पापा ने खुद को "विश्व भाईचारे के तीर्थयात्री" के रूप में प्रस्तुत किया। उनकी यात्रा एक ऐसा उपकरण होगा जो निस्संदेह इस सताए हुए और पीड़ित कलीसिया के विश्वास को चेतन करेगा। लैटिन अमेरिकी धर्माध्यक्षों ने कहा कि संत पापा की प्रेरितिक यात्रा "इराक" के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक होगा और यह इराकी भाइयों के दिलों में बनी रहेगी जो कभी नहीं भूलेंगे कि संत पापा स्वयं उनके बीच गए थे।" यह निश्चित है कि यह यात्रा" घृणा और हिंसा को दूर करने में मदद करती है, और जीवन की पवित्रता एवं सम्मान को बढ़ावा देती है।”

लैटिन अमेरिकी धर्माध्यक्षों ने पुनः संत पापा फ्राँसिस को "युद्ध, उत्पीड़न और पीड़ा के परिणामों का सामना करने वाले लोगों के साथ निकटता की गवाही के लिए" धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने लैटिन अमेरिका और कैरिबियन के पुरोहितों,धर्मसंघियों और लोक धर्मियों को संत पापा फ्राँसिस के लिए प्रार्थना करने के आमंत्रण के साथ चेलाम संदेश को समाप्त किया। पेत्रुस के उतराधिकारी की इराक यात्रा प्रचुर मात्रा में प्रेरितिक फल पैदा कर सके और परस्पर अंतर-धार्मिक संवाद को बढ़ावा दे सके।”

08 March 2021, 15:34