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वाटिकन रेडियो की 90 वीं वर्षगाँठ का लोगो वाटिकन रेडियो की 90 वीं वर्षगाँठ का लोगो 

सत्य की प्रकाशना से न थकें, वाटिकन रेडियो से सन्त पापा फ्राँसिस

वाटिकन रेडियो की नब्बे वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में सन्त पापा फ्राँसिस ने एक सन्देश प्रकाशित कर समस्त रेडियोकर्मियों से आग्रह किया है कि सत्य की प्रकाशना से वे कदापि न थकें।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 12 फरवरी 2021 (रेई, वाटिकन रेडियो): वाटिकन रेडियो की नब्बे वीं  वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में सन्त पापा फ्राँसिस ने एक सन्देश प्रकाशित कर समस्त रेडियोकर्मियों से आग्रह किया है कि सत्य की प्रकाशना से वे कदापि न थकें। उन्होंने लिखा, "आपके काम के लिए धन्यवाद" वाटिकन रेडियो के प्रति धन्यवाद जो सुदूर एवं "खोई हुई जगहों" पर भी पहुंचता है, "साहस और रचनात्मकता के साथ दुनिया से बात करते हुए आगे बढ़ते रहें।"

वाटिकन रेडियो की स्थापना 12 फरवरी 1931 ई. को सन्त पापा पियुस 11 वें द्वारा की गई थी, तब से अब तक वाटिकन रेडियो 44 विभिन्न भाषाओं में सम्पूर्ण विश्व में प्रसारण करता रहा है। हिन्दी भाषा में प्रसारण सन् 1965 ई. में आरम्भ हुआ था।   

भविष्य का निर्माण करें

"प्रिय भाइयो एवं बहनो, आप सबको रेडियो की सालगिरह मुबारक"! इन शब्दों से वाटिकन रेडियो को प्रेषित बधाई सन्देश में सन्त पापा ने लिखा, "इतिहास की स्मृति को बनाए रखना महत्वपूर्ण है, तथापि, अतीत के लिए हमें उदास नहीं होना चाहिए अपितु भविष्य के प्रति हम उत्कंठित रहें जिसके निर्माण के लिये हम बुलायें गये हैं।

सन्त पापा लिखते हैं, "आपके काम के लिये हार्दिक धन्यवाद, उस प्रेम के लिये धन्यवाद जिसकी वजह से आप निष्ठापूर्वक अपना मिशन पूरा करते हैं। रेडियो में यह सुंदरता है: कि यह सबसे दूरस्थ स्थानों में भी शब्द को ले जाता है, और आज तो यह आवाज़ के साथ-साथ छवियों एवं लेखन को भी लोगों तक पहुँचा रहा है। दुनिया के साथ संवाद को जारी रखने के लिये आप साहस और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ते जायें और एक ऐसे सम्प्रेषण माध्यम का निर्माण करें जो चीज़ों के सत्य को प्रकाशित करने में सक्षम है।"

सत्य की अनवरत खोज करें

ग़ौरतलब है कि संदेश का निष्कर्ष, विश्व सामाजिक सम्प्रेषण दिवस मई 2021 के लिए, हाल में प्रकाशित संदेश में सभी मीडिया पेशेवरों को संबोधित आमंत्रण के अनुरूप है, जिसमें "सत्य से भ्रामक स्थिति को अलग करने" का आमंत्रण निहित है, विशेष रूप से, उस सत्य को प्रकाश में लाने का मीडिया से अनुरोध किया गया है जिसे प्रायः इसलिये बताया नहीं जाता क्योंकि सत्य का पता लगाना या तो कठिन होता है या फिर उदासीनता के कारण सत्य का पता लगाने की ज़हमत नहीं उठायी जाती है।

प्रचार क्षेत्र में कार्यरत मीडिया कर्मियों से सन्त पापा फ्राँसिस का प्रस्ताव है कि वे "आयें और देखें" इसलिये कि जो कुछ सामने प्रतीत होता है वह सब सच नहीं होता, इसके लिये व्यक्तिगत रूप से सत्य की खोज आवश्यक है। सन्त पापा कहते हैं, "संचार और सम्प्रेषण माध्यम में व्यक्तिगत रूप से देखने के अलावा और कोई विकल्प नहीं हो सकता।"

12 February 2021, 11:32