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कार्डिनल हेनरी स्कवेरी कार्डिनल हेनरी स्कवेरी 

कार्डिनल स्कवेरी के निधन पर संत पापा की हार्दिक संवेदना

कार्डिनल हेनरी स्कवेरी के निधन पर संत पापा फ्राँसिस ने गहन शोक व्यक्त किया है तथा कहा है कि सियोन के सेवानिवृत धर्माध्यक्ष स्वीट्जरलैंड में अपने धर्मप्रांत के विश्वासियों के लिए एक बड़े समर्पित चरवाहे थे।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 8 जनवरी 2021 (रेई)- स्वीट्जर्लैंड में सियोन के सेवानिवृत धर्माध्यक्ष कार्डिनल हेनरी का निधन बृहस्पतिवार को 88 साल की उम्र में अपने शहर सेंट लेओनार्ड में हुआ।

संत पापा ने शुक्रवार को कार्डिनल हेनरी के उत्तराधिकारी धर्माध्यक्ष जॉ मेरी लोवे को एक तार संदेश भेजकर, उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। संदेश में संत पापा ने कार्डिनल हेनरी के परिवार के सदस्यों एवं धर्मप्रांत के सभी विश्वासियों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है।  

उन्होंने लिखा है, "मैं करुणावान पिता से प्रार्थना करता हूँ कि वे अपनी शांति एवं प्रकाश में इस ज्ञानी व्यक्ति एवं चरवाहे का स्वागत करें जो अपने धर्मप्रांत का नेतृत्व करने में पूर्ण रूप से समर्पित थे।" संत पापा ने विश्वासियों की आवश्यकता के प्रति कार्डिनल स्कवेरी के समर्पण, पुरोहितीय बुलाहट हेतु उनके प्रोत्साहन और कलीसिया की एकता में उनके प्रयासों की सराहना की।  

संत पापा ने उन सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया जो कार्डिनल हेनरी स्कवेरी के निधन पर शोकित हैं।

संक्षिप्त जीवनी

कार्डिनल हेनरी स्कवेरी, सियोन (स्वीटजरलैंड) के धर्माध्यक्ष का जन्म 14 जून 1932 को संत लेओनार्ड के सियोन धर्मप्रांत में हुआ था।

11 बच्चों में सबसे छोटे हेनरी ने ईशशास्त्र की पढ़ाई सियोन सेमिनरी से की। उसके बाद आगे की पढ़ाई रोम के फ्रेंच सेमिनरी संत क्लेर से की। सन् 1957 में वे पुनः पढ़ाई जारी रखने के लिए स्वीट्जरलैंड वापस बुलाये गये।

उनका पुरोहिताभिषेक 7 जुलाई 1957 को 25 साल की उम्र में हुआ। उसके बाद वे फ्रीबर्ग भेजे गये और वहाँ से उन्होंने गणित और भौतिकी में विश्वविद्यालय का डिप्लोमा प्राप्त किया। 1961 में उन्होंने सियोन में प्रध्यापक का काम किया। 1958 से आठ सालों तक वे युवा विद्यार्थियों के काथलिक एक्शन के धर्मप्रांतीय चैपलिन (नियुक्त पुरोहित) रहे। 1958 और 1977 के बीच वे मिलिटरी चैपलिन रहे। वे कई सालों तक सियोन की माता मरियम के बाल गायक दल के भी चैपलिन एवं बाल गायक दल की स्वीस समिति के सलाहकार भी रहे। 1968 से 1972 तक उन्होंने सियोन के लघु गुरूकुल के निदेशक एवं 1972 से 1977 तक कॉलेज के रेक्टर रहे।  

22 जुलाई 1977 को वे सियोन के धर्माध्यक्ष नियुक्त हुए तथा 17 सितम्बर 1977 को उनका धर्माध्यक्षीय पावन अभिषेक हुआ।

उन्होंने धर्माध्यक्षीय सम्मेलन एवं स्कूल, सेमिनरी एवं विभागों के कार्यालयों में अपनी सेवा दी। मिलिटरी चैपलिन, स्वास्थ्य देखभाल मिशन, स्वीटजरलैंड के बाहर धर्मप्रांत के संबंध एवं यूरोपीय सम्मेलनों में भी कार्य किया। कार्डिनल हेनरी 1 जनवरी 1983 से 31 दिसम्बर 1988 तक स्वीस काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष रहे।

संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने उन्हें 28 जून 1991 की लोक सभा (कनसिस्टरी) में कार्डिनल नियुक्त किया।

कार्डिनल हेनरी ने अप्रैल 2005 के कॉनक्लेव में भाग लिया था, जिसमें संत पापा बेनेडिक्ट 16वें संत पापा चुने गये थे।  

08 January 2021, 16:37