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पोप पौल VI, जेसु बम्बिनो के बच्चों के साथ प्रथम विश्व शांति दिवस

संत पापा पौल षष्ठम ने 1 जनवरी 1968 को विश्व शांति दिवस की घोषणा की थी जब उन्होंने रोम के बाल अस्पताल जेसु बम्बिनो में शिशु रोगियों से मुलाकात की थी। एक वीडियो में संत पापा पौल छटवें को, बच्चों से मुलाकात करते एवं उनकी पीड़ाओं को पृथ्वी पर सद्भाव के लिए अर्पित करने का आग्रह करते हुए देखा जा सकता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 2 जनवरी 2021 (वीएनएस)- लोसलवातोरे रोमानो ने इस घटना का जिक्र इस प्रकार किया था, "प्रथम विश्व शांति दिवस को संत पापा खास रूप से मनाना चाहते थे, अतः 1 जनवरी 1968 को सुबह 8.30 बजे रोम के बाल अस्पताल पहुँचे। उन्होंने वहाँ के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित किया एवं बीमार बच्चों से मुलाकात की तथा उन्हें सम्बोधित करते हुए, अपनी सांत्वना व्यक्त की।

जेसु बम्बिनो अस्पताल की अध्यक्षा मारिएल्ला एनोक ने संत पापाओं के अस्पताल के साथ गहरे भावनात्मक एवं आध्यात्मिक संबंध को रेखांकित किया है। उन्होंने बतलाया है कि सभी संत पापाओं ने अस्पताल का दौरा किया है और खासकर, संत पापा फ्राँसिस ने अस्पताल की स्थापना की 150वीं वर्षगाँठ पर मुलाकात में, इसे संत पापा का अस्पताल कहा था एवं अस्पताल में भर्ती बच्चों के लिए अपने महान नैतिक कर्तव्य को स्वीकार किया था।

जब संत पापा पौल षष्ठम ने जेसु बम्बिनो अस्पताल का दौरा किया था उन्होंने अस्पताल के प्रार्थनालय में 30 छोटे बच्चों को पाया था जो उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे। तस्वीर में दिखाई पड़ता है कि 20 बच्चे अपने बेड पर थे और डॉक्टर, कर्मचारी, चारिटी की पुत्रियों के धर्मसमाज की धर्मबहनें, अस्पताल में नियुक्त पुरोहित एवं सभी स्टाफ उनके आसपास थे। संत पापा ने ख्रीस्तयाग के दौरान उनका अभिवादन किया एवं उन्हें शुभकामनाएँ दीं तथा अस्पताल प्रशासन के अध्यक्ष जुलियो पाचेल्ली के प्रति आभार व्यक्त किया। संत पापा ने मिशन के सफलता पूर्वक संचालन हेतु सभी को धन्यवाद दिया। उसके बाद उन्होंने बीमार बच्चों के माता-पिताओं एवं अभिभावकों का अभिवादन किया किन्तु बच्चों की विशेष याद की।

वाटिकन दैनिक में लिखा गया था कि पोप की अभिलाषा थी कि वे प्रत्येक बच्चे के साथ समय व्यतीत करें, जो सम्भव नहीं था किन्तु उन्होंने कहा कि ख्रीस्तयाग में भाग लेनेवाले एवं वार्ड के बच्चों को मालूम हो कि वे खासकर, उनके लिए आये थे, वे हमेशा उनकी याद करते हैं तथा उनके लिए अपना हृदय खोलना चाहते हैं।  

ख्रीस्तयाग के बाद विभिन्न वार्ड में बच्चों के साथ मुलाकात

दौरे के रिपोर्ट में बतलाया गया है कि ख्रीस्तयाग के अंत में "शांति के लिए प्रार्थना" की गई। इस प्रार्थना को स्वयं संत पापा पौल छटवें ने तैयार किया था। प्रार्थना के बाद सभी बच्चों के लिए कुछ देर मौन प्रार्थना की गई, तत्पश्चात् प्रत्येक को एक छोटा उपहार भेंट किया गया। अंत में, बच्चों के माता-पिताओं से मुलाकात करने के बाद संत पापा वाटिकन वापस लौटे।

02 January 2021, 15:10