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पियत्सा  स्पानिया में निष्कालंक गर्भागमन के पर्व के अवसर संत पापा फ्रांसिस पियत्सा स्पानिया में निष्कालंक गर्भागमन के पर्व के अवसर संत पापा फ्रांसिस 

निष्कलंक गर्भागमन पर्व पर पोप पियत्सा दी स्पानिया नहीं जायेंगे

संत पापा फ्रांसिस 8 दिसम्बर को कुँवारी मरियम के निष्कलंक गर्भागमन महापर्व के अवसर पर रोम के पियत्सा स्पानिया नहीं जायेंगे। इसके बदले, वे रोम शहर, इसके निवासियों एवं विश्व के सभी बीमार लोगों को धन्य कुँवारी मरियम को व्यक्तिगत रूप से समर्पित करेंगे।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 1 दिसम्बर 2020 (रेई)- विदित हो कि परम्परा के अनुसार संत पापा हर साल 8 दिसम्बर को कुँवारी मरियम के निष्कलंक गर्भागमन महापर्व के अवसर पर, पियत्सा स्पानिया स्थित माता मरियम की भक्ति करते और रोम शहर को उन्हें सौंप देते हैं। इस साल कारोनावायरस महामारी के कारण सामाजिक दूरी रखने के नियम को ध्यान में रखते हुए संत पापा वहाँ नहीं जा रहे हैं।   

सोमवार को वाटिकन प्रेस कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि संत पापा द्वारा माता मरियम की भक्ति व्यक्तिगत होगी।

वाटिकन प्रेस कार्यालय के निदेशक मात्तेओ ब्रूनी ने बतलाया कि पर्व के दिन दूसरी बेला पियत्सा दी स्पानिया नहीं जाने का निर्णय, वर्तमान में स्वास्थ्य संकट के कारण लिया गया है तथा इसका मकसद है श्रद्धालुओं की भीड़ के द्वारा संक्रमण फैलने के हर जोखिम को रोकना।

इस भक्ति की परम्परा

यह एक परम्परा रही है कि हर साल 8 दिसम्बर को कुँवारी मरियम के निष्कलंक गर्भागमन महापर्व के उपलक्ष्य में संत पापा वाटिकन से रोम के पियत्सा दी स्पानिया जाते हैं। इस महापर्व में धन्य कुँवारी मरियम के आदिपाप रहित गर्भ में आने की याद की जाती है जो दुनिया के मुक्तिदाता येसु ख्रीस्त की माँ होने हेतु ईश्वर की ओर से उनके लिए एक विशेष कृपा थी।  

निष्कलंक गर्भागमन के डोगमा पर कलीसिया के शुरू से ही विश्वास किया जाता है किन्तु इसे आधिकारिक रूप से सन् 1854 में धन्य संत पापा पीयुस 9वें ने घोषित किया। सन् 1857 में, रोम के स्पीनी सीढ़ी के निकट पियत्सा मिन्यानेली में स्मारक स्तम्भ का निर्माण किया गया। परम्परा के अनुसार 1953 से ही इस पर्व के दिन संत पापा इस स्थान में जाते रहे हैं।

 

01 December 2020, 15:52