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अफ्रीका के एक स्कूल घर में बच्चे अफ्रीका के एक स्कूल घर में बच्चे 

शिक्षा एक आशा का कार्य, संत पापा फ्राँसिस

संत पापा फ्राँसिस ने मिशन 4.7 और शिक्षा के लिए वैश्विक संधि द्वारा प्रवर्तित एक परियोजना के शुभारंम्भ का समर्थन करते हुए एक विडीयो संदेश प्रेषित किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटकिन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 17 दिसम्बर 2020 (रेई)- वाटिकन युवा संगोष्ठी को प्रेषित विडीयो संदेश में संत पापा ने कहा, "शिक्षा हमेशा आशा का कार्य है, यह वर्तमान से भविष्य की ओर देखती है।" संगोष्ठी में मिशन 4.7 और शिक्षा के लिए वैश्विक संधि के बीच सहयोग से एक योजना शुरू की गई है।

मिशन 4.7

मिशन 4.7 दुनिया भर में सतत् विकास के लिए शिक्षा के कार्यान्वयन में तेजी लाने और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में शिक्षा के महत्व को उजागर करने हेतु सरकार, शैक्षणिक, नागरिक समाज और व्यापार क्षेत्रों के नेताओं को एक साथ लाता है।

वार्षिक वाटिकन युवा संगोष्ठी 16-17 दिसम्बर को वर्चुवल रूप में कसिना पियो चतुर्थ में आयोजित की गई है जो एक नई प्रकार की शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर प्रकाश डालेगी, जो उदासीनता एवं फेंकने की संस्कृति के वैश्विकरण से ऊपर उठने में सक्षम हो।

शिक्षा पर महामारी का प्रभाव

इस बात पर गौर करते हुए कि 2020 कोविड-19 के साथ पीड़ा का असाधारण साल रहा जो एकाकीपन एवं बहिष्कार, आध्यात्मिक परेशानी के साथ कई लोगों को मरने के लिए मजबूर किया। अपने संदेश में संत पापा ने कहा कि महामारी ने शैक्षणिक संकट को भी उत्पन्न किया है।

"एक अरब से अधिक बच्चों ने अपनी शिक्षा में बाधा महसूस की है। सामाजिक और संज्ञानात्मक विकास के अवसरों में लाखों बच्चों को पीछे छोड़ दिया गया है और कई स्थानों पर, जैविक, मनोवैज्ञानिक और आर्थिक संकट के साथ राजनीतिक और सामाजिक संकट भी बढ़ गए हैं।"

संत पापा ने संगोष्ठी में भाग लेनेवाले सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया कि वे उस आशा के कार्य के लिए एक साथ आये, जो घृणा, विभाजन और अज्ञान के आवेगों का सामना करता है। नई ग्लोबल कॉम्पैक्ट फॉर एजुकेशन जिसे अक्टूबर में लॉन्च किया गया है "सामाजिक न्याय और आपसी प्रेम पर आधारित शैक्षिक अवसरों की नई लहर" के द्वारा उनपर विजय पाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, "सबसे बढ़कर, मैं आपलोगों को आज हमारी साझा उम्मीदों एवं योजनाओं में बढ़ने हेतु एक नई शिक्षा की योजना बनाने के लिए एक साथ आने हेतु धन्यवाद देता हूँ, जो "मानव व्यक्ति की श्रेष्ठता, अभिन्न और सतत मानव विकास, पारस्परिक एवं धार्मिक संवाद, ग्रह की रक्षा, शांति और ईश्वर के लिए खुलापन को बढ़ावा देता है।"   

यूएन की भूमिका एवं जिम्मेदारी

संत पापा फ्राँसिस ने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका एवं सहयोग पर भी गौर किया जो विश्व की सरकारों एवं नागरिक समाजों को नई तरह की शिक्षा के लिए आशा एवं कार्रवाई का एक खास अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने संत पापा पौल षष्ठम के 1965 में प्रकाशित संदेश का हवाला दिया जिसमें उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की सराहना की थी। उन्होंने कहा था, "सजनो, आपने एक बड़ा काम किया है और एक महान कार्य को पूरा करने जा रहे हैं। आप लोगों को शांति की शिक्षा देते हैं। संयुक्त राष्ट्र एक महान स्कूल है जहाँ लोग यह शिक्षा प्राप्त करते हैं।"

उन्होंने 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में यूनेस्को द्वारा अपनाये गये संविधान की याद की। संविधान की प्रस्तावना में स्वीकार की गई है कि "चूँकि युद्ध व्यक्ति के मन में उत्पन्न होता है अतः शांति की रक्षा भी लोगों के मन में ही स्थापित की जानी चाहिए।" संत पापा ने कहा कि 75 वर्षों पहले यूनेस्को के संस्थापक ने "सत्य की अप्रतिबंधित खोज एवं विचारों तथा ज्ञान के मुक्त आदान-प्रदान में सभी के लिए शिक्षा के पूर्ण एवं समान अवसर की मांग की थी... ताकि लोग एक-दूसरे को बेहतर रूप से जान सकें तथा एक-दूसरे के जीवन के बारे सच्चा और पूर्ण ज्ञान प्राप्त कर सकें।  

संत पापा ने कहा, "हमारे समय में जब वैश्विक शिक्षा की संधि टूट चुकी है मैं यह देखकर खुश हूँ कि सरकारें 2030 एजेंडा को अपनाते हुए तथा शिक्षा पर वैश्विक संधि पर यूएन के सतत् विकास लक्ष्यों के अनुकूल इन विचारों को एक साथ लाने हेतु अपने आपको प्रतिबद्ध कर रहे हैं।"

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि संगोष्ठी के केंद्र में इस बात को पहचानना है कि सभी के लिए समान शिक्षा हमारे आमघर की रक्षा का आवश्यक आधार है एवं मानव भाईचारा को बढ़ावा देता है।

बुजूर्गों को न भूलें

संत पापा ने अपने संदेश के अंत में शिक्षा के लिए वैश्विक समझौता एवं मिशन 4.7 के सहयोग को अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रेम की सभ्यता, सुन्दरता एवं एकता के लिए वे एक साथ काम कार्य करेंगे। उन्होंने आग्रह किया कि बुजूर्गों एवं दादा-दादियों को न भूलाया जाए जो सबसे निर्णायक मानवीय मूल्यों के वाहक हैं।

 

17 December 2020, 15:42