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सन्त पापा फ्राँसिस आम दर्शन समारोह की तस्वीरः 18.11.2020 सन्त पापा फ्राँसिस आम दर्शन समारोह की तस्वीरः 18.11.2020   (ANSA)

लातीनी अमरीकी कलीसिया से एकात्मता के प्रोत्साहन का आह्वान

सन्त पापा फ्राँसिस ने लातीनी अमरीकी कलीसिया का आह्वान किया है कि कोविद-19 महामारी का सामना करते समय वह एकात्मता को प्रोत्साहन प्रदान करे।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर, वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 20 नवम्बर 2020 (रेई,वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने लातीनी अमरीकी कलीसिया का आह्वान किया है कि कोविद-19 महामारी का सामना करते समय वह एकात्मता को प्रोत्साहन प्रदान करे।

"लैटिन अमरीका: कलीसिया, सन्त पापा फ्रांसिस और महामारी का परिदृश्य", शीर्षक से सामाजिक विज्ञान सम्बन्धी परमधर्मपीठीय अकादमी तथा लातीनी अमरीकी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा 19 एवं 20 नवम्बर को जारी एक ऑनलाईन शिविर को भेजे गये एक विडियो सन्देश में सन्त पापा ने एकात्मता का आह्वान किया।  

निर्धनों के प्रति उत्कंठा

गुरुवार को प्रकाशित अपने विडियो सन्देश में सन्त पापा फ्राँसिस ने आशा व्यक्त की कि यह शिविर लोगों में प्रत्येक व्यक्ति के लिये और विशेष रूप से हाशिये पर जीवन यापन करनेवालों के लिये प्रतिष्ठापूर्ण जीवन की गारंटी देने के लिये काम करें।  

सन्त पापा ने कहा "कोविद -19 महामारी ने पहले से कहीं अधिक समस्याओं और सामाजिक-आर्थिक अन्याय को उजागर किया है, जिससे लैटिन अमेरिका के लोग पीड़ित रहे हैं, यह महामारी निर्धनों पर और भी अधिक दबाव डाल रही है।"

पीड़ित परिवार

सन्त पापा फ्राँसिस ने उन कठिन परिस्थितियों पर चिन्ता व्यक्त की जिनका सामना कई परिवारों को करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महामारी के चलते ये समस्याएँ और अधिक बोझल हो उठी हैं, विशेष रूप से, आवास, स्वच्छ जल और स्वास्थ्य सेवाओँ की नितान्त कमी बनी हुई है।

सन्त पापा ने कहा, "इस समय, मैं अपने उन भाइयों और बहनों के बारे में सोच रहा हूं - जो महामारी के प्रभाव को सहन करने के अलावा - दुख के साथ देख रहे हैं कि उनके आसपास का पारिस्थितिकी तंत्र जंगल की आग के कारण गंभीर खतरे में है, जो, लातीनी अमरीका के फेफड़े कहे जानेवाले अमेज़ॅन वर्षावनों के विशाल क्षेत्रों को नष्ट कर रहे हैं।"

अर्थव्यवस्था पर दुष्प्रभाव

सन्त पापा ने इस तथ्य को स्वीकार किया कि महामारी के दुष्प्रभाव, विशेष रूप से, अर्थव्यस्थाओं पर बहुत दिनों बाद भी देखे जा सकेंगे। अस्तु, उन्होंने कहा अन्तरराष्ट्रीय मंचों पर विचार विमर्श करनेवालों को इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि सभी को उनका दैनिक आहार मिले। उन्होंने कहा, "समाज का संगठन योगदान, साझाकरण और वितरण पर आधारित है, कब्जे, बहिष्कार और संचय पर नहीं।"

एकात्मता प्रेम है

महामारी के संकट के समक्ष सन्त पापा ने लातीनी अमरीकी कलीसिया से तीन "त" पर ध्यान केन्द्रित करने का आग्रह किया है, स्पानी भाषा में तेको यानि घर की कमी, तियेरा यानि भूमि की कमी तथा त्राबाहो यानि रोज़गार की कमी। ख्रीस्तीय सुसमाचार के प्रकाश में सन्त पापा ने कहा, "न्याय के रूप में व्यक्त एकजुटता का मार्ग प्रेम और निकटता की सबसे अच्छी अभिव्यक्ति है।"

20 November 2020, 09:49