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ईश सेवक फादर कोन्सटंट लीबंस ईश सेवक फादर कोन्सटंट लीबंस 

7 नवम्बर के ट्वीट संदेश में भलाई करने का प्रोत्साहन

संत पापा फ्राँसिस ने दूसरों की भलाई करने का प्रोत्साहन दिया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 7 नवम्बर 2020 (रेई)- संत पापा ने शनिवार दिन के ट्वीट संदेश में कहा, "हम सभी पाने की आशा किये बिना दे सकते हैं, दूसरों की भलाई, बदले में अच्छे व्यवहार की मांग किये बिना कर सकते हैं। जैसा कि येसु ने अपने शिष्यों से कहा है। 'तुम्हे मुफ्त में मिला है मुफ्त में दे दो।'" (मती. 10:8)

भारत की कलीसिया आज ईश सेवक फादर कोंस्टंट लीबंस की पुण्य तिथि की याद करती है। वे एक बेल्जियन जेस्विट मिशनरी थे जिन्होंने भारत आकर छोटानागपुर में ख्रीस्त की ज्योति जलायी। वे 2 दिसम्बर 1881 को मिशनरी बनकर कलकत्ता पहुँचे थे और पढ़ाई के उपरांत पुरोहिताभिषेक के बाद 18 मार्च 1885 को डोरांडा (राँची) पहुँचे। सुसमाचार प्रचार हेतु दिन रात अथक परिश्रम करने के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया जिसके कारण उन्हें 1 सितम्बर 1892 को बेल्जियम लौटना पड़ा, जहाँ 7 नवम्बर 1893 को 2.30 बजे लुभेन में उनका निधन हो गया। इस तरह उन्होंने कुछ पाने की आशा किये बिना ख्रीस्त के सुसमाचार प्रचार के लिए अपना सब कुछ निछावर कर दिया, जिसका फल हम आज छोटानागपुर की कलीसिया के रूप में देख सकते हैं।   

07 November 2020, 13:14