खोज

Vatican News
क्विटो के सेवा निवृत महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल राऊल एदवार्दो वेला किरिबोगा क्विटो के सेवा निवृत महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल राऊल एदवार्दो वेला किरिबोगा  

कार्डिनल किरिबोगा के निधन पर संत पापा का शोक संदेश

संत पापा फ्राँसिस ने क्विटो के सेवा निवृत महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल राऊल एदवार्दो वेला किरिबोगा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनकी सेवाओं और निस्वार्थ समर्पण की याद की। कार्डिनल राऊल का निधन रविवार को हुआ।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 17 नवम्बर 2020 (रेई)- संत पापा ने इक्वाडोर की राजधानी क्वीटो के महाधर्माध्यक्ष अलफ्रेदो जोश एसपिनोत्सा मातेउस को एक तार संदेश भेजकर कार्डिनल राऊल के निधन पर शोक व्यक्त किया। 

सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष ने क्वीटो के महाधर्माध्यक्ष के रूप में 2003 से 2010 तक सेवा दी थी जिनका निधन 15 नवम्बर को कई हफ्तों तक प्रशामक देखभाल के बाद हुआ।

अपने संदेश में संत पापा ने कहा है कि वे मृत कार्डिनल के परिवारवालों एवं क्वीटो में कलीसियाई समुदाय के करीब हैं।

उन्होंने कहा है, "इस निःस्वार्थ चरवाहे की याद करते हुए जिन्होंने कई सालों तक और निष्ठापूर्ण समर्पण के साथ अपना जीवन ईश्वर एवं कलीसिया के लिए समर्पित किया, मैं उनकी आत्मा की अनन्त शांति के लिए प्रार्थना करता हूँ तथा पुनर्जीवित ख्रीस्त में ख्रीस्तीय आशा के चिन्ह स्वरूप उनके समुदाय को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान करता हूँ।"

स्वाभाविक मृत्यु

86 वर्षीय कार्डिनल का निधन स्वाभाविक रूप से क्वीटो के संत कमिल्लुस अस्पताल में 15 नवम्बर को हुआ। उनकी दफन क्रिया 17 नवम्बर को क्विटो के महागिरजाघर में सम्पन्न किया जाएगा।

इक्वाडोर के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है किन्तु इस निष्ठावान सेवक के लिए वे सांत्वना महसूस कर रहे हैं क्योंकि ईश्वर उन्हें अपनी महिमा में प्रवेश पाने देंगे। उन्होंने कहा, "हम कलीसिया एवं इक्वाडोर के लोगों के प्रति उनके उदार समर्पण के लिए ईश्वर को धन्यवाद देते हैं।" धर्माध्यक्षों ने सभी विश्वासियों को उनकी आत्मा की अनन्त शांति हेतु प्रार्थना करने का आग्रह किया है।   

संक्षिप्त जीवनी

कार्डिनल राऊल अदवार्दो वेला किरिबोगा का जन्म 1 जनवरी 1934 को रिओबाम्बा में हुआ था। उन्होंने क्वीटो के महाधर्माध्यक्ष के रूप में 2003 से 2010 तक सेवा दी।

संत पापा बेनेडिक्ट 16वें ने उन्हें 20 नवम्बर 2010 में कार्डिनल बनाते हुए विया में संत मरिया के कार्डिनल पुरोहित नियुक्त किया था।

2015 में संत पापा फ्राँसिस ने उन्हें पेरू के 10वें राष्ट्रीय यूखरिस्तीय कॉन्ग्रेस के लिए अपना विशेष दूत नियुक्त किया था।

17 November 2020, 15:30