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वाटिकन के ट्यूटोनिक गिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित करते संत पापा फ्राँसिस वाटिकन के ट्यूटोनिक गिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित करते संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

मृत विश्वासी दिवस पर संत पापा ˸ आशा ईश्वर का मुफ्त वरदान

संत पापा फ्राँसिस ने 2 नवम्बर को मृत विश्वासी दिवस पर वाटिकन के ट्यूटोनिक गिरजाघर में कलीसिया के मृत विश्वासियों के लिए पवित्र मिस्सा अर्पित किया तथा कब्रस्थान पर प्रार्थना की। उसके बाद वाटिकन ग्रोटो जाकर मृत संत पापाओं की कब्र पर प्रार्थना की।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 3 नवम्बर 2020 (रेई)- वाटिकन के ट्यूटोनिक गिरजाघर में ख्रीस्तयाग के दौरान संत पापा ने उपदेश में नबी योब के शब्दों पर चिंतन किया और कहा कि ख्रीस्तीय आशा प्रभु की ओर से एक मुफ्त वरदान है जिसको हमें मांगना चाहिए जो उस पार जाने के लिए एक लंगर है जहाँ प्रभु हमारी प्रतीक्षा करते हैं।

आनन्द की घड़ी के साथ कष्ट की घड़ी में, जब मृत्यु निकट हो, हम योब के समान दुहरायें, "मैं जानता हूँ कि मेरा मुक्तिदाता जीता है और मैं उन्हें खुद अपनी आँखों से देखूँगा, यह ख्रीस्तीय आशा है, एक वरदान है जिसको सिर्फ प्रभु दे सकते हैं यदि हम इसकी मांग करें। आज, कई भाई-बहनों के विचार, जो मर चुके हैं हमें ऊपर देखने में मदद करेगा।"

ख्रीस्तीय आशा की निश्चितता

उपदेश में संत पापा ने नबी योब के ग्रंथ से लिए गये पहले पाठ पर चिंतन किया जिसने हार का अनुभव किया था किन्तु आशा नहीं खोयी और कहा, "मैं जानता हूँ कि मेरा मुक्तिदाता जीता है और अंत में, वह पृथ्वी पर खड़ा होगा।" योब बहुत अधिक दबा हुआ महसूस कर रहा था किन्तु उस समय एक रोशनी को अपने चारों ओर पाया जो उसे ऊष्मा प्रदान की। "मैं खुद अपनी आँखों से उन्हें देखूँगा, अपनी ही आँखों से दूसरों से नहीं।"

संत पापा ने रेखांकित किया कि यह निश्चितता जो जीवन के अंतिम समय में आती है ख्रीस्तीय आशा है। यह आशा एक उपहार है, और हम इसे यों ही प्राप्त नहीं कर सकते, हमें इसे मांगने की जरूरत है, "प्रभु मुझे आशा प्रदान कीजिए।" कई बुरी चीजें हैं जो हमें निराशा की ओर ढकेलती हैं, यह सोचने के लिए विवश करती हैं कि सब कुछ का अंत हो जाएगा, मृत्यु के बाद कुछ नहीं रह जाएगा किन्तु हमें योब की आवाज सुननी चाहिए।

मृत विश्वासियों के लिए प्रार्थना करते संत पापा
मृत विश्वासियों के लिए प्रार्थना करते संत पापा

आशा जीवन को अर्थ प्रदान करती है

संत पापा ने संत पौलुस के शब्दों की व्याख्या करते हुए कहा कि आशा कभी निराश नहीं करती। आशा हमें आकर्षित करती एवं जीवन को अर्थ प्रदान करती है। यह ईश्वर की कृपा है जो हमें जीवन की ओर, अनन्त आनन्द की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

संत योहन रचित सुसमाचार पाठ में येसु इस आशा की पुष्टि देते हैं, "यह आशा हमें निराश नहीं करती। पिता जिन्हें मुझको सौंप देता है वे सब मेरे पास आयेंगे। आशा का यही कारण है कि हम येसु के पास जायेंगे।

संत पापाओं के कब्रस्थान में संत पापा
संत पापाओं के कब्रस्थान में संत पापा

संत पापा ने कहा कि आज, कई भाई बहनों की याद करते हुए जो मर गये हैं हमारे लिए अच्छा होगा कि हम कब्रों पर नजर डालें और ऊपर देखकर योब के समान कहें, "मैं जानता हूँ कि मेरा मुक्तिदाता जीता है और मैं उन्हें देखूँगा, मेरी आंखें उनका दर्शन करेंगीं और दूसरों की नहीं। यही शक्ति है जो आशा देती है, एक मुफ्त वरदान है, आशा एक सदगुण है। प्रभु हम सबों को यह वरदान प्रदान करे।

संत पौल षष्ठम की कब्र पर संत पापा प्रार्थना करते हुए
संत पौल षष्ठम की कब्र पर संत पापा प्रार्थना करते हुए

 

03 November 2020, 14:54