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वाटिकन तथा सन्त पापा के अंगरक्षक स्विज़ गार्ड्स सन्त पापा फ्राँसिस के साथ, तस्वीरः 04.05.2019 वाटिकन तथा सन्त पापा के अंगरक्षक स्विज़ गार्ड्स सन्त पापा फ्राँसिस के साथ, तस्वीरः 04.05.2019  (ANSA)

स्विज़ गार्ड में भर्ती नये सदस्यों को सन्त पापा ने किया सम्बोधित

वाटिकन एवं कलीसिया के परमाध्यक्ष की सुरक्षा के लिये तैनात स्विज़ गार्ड में नये सुरक्षा सैनिकों की भर्ती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने स्विज़ गार्ड शीर्ष एवं सम्पूर्ण सेना के प्रति हार्दिक बधाई अर्पित की।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2020 (रेई,वाटिकन रेडियो): वाटिकन एवं कलीसिया के परमाध्यक्ष की सुरक्षा के लिये तैनात स्विज़ गार्ड में नये सुरक्षा सैनिकों की भर्ती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने स्विज़ गार्ड शीर्ष एवं सम्पूर्ण सेना के प्रति हार्दिक बधाई अर्पित  की।  

नये स्विज़ सैनिकों का स्वागत

स्विज़ गार्ड सेना में भर्ती नये सदस्यों का सन्त पापा ने वाटिकन में हार्दिक स्वागत किया जिन्होंने, अपने सहनागरिकों के पद-चिन्हों पर चल, अपने यौवन काल का कुछ समय सन्त पेत्रुस के उत्तराधिकारी की सेवा में व्यतीत करने का चयन किया है। सन्त पापा ने उनसे कहा, "अपने परिवारों सहित आपका वाटिकन में स्थानान्तरण परमधर्मपीठ के प्रति स्विज़ काथलिकों की भक्ति एवं समर्पण का परिचायक है।"

रोम लूटमार का स्मरण

सार्वभौमिक काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष के प्रति स्विज़ सेना के समर्पण को याद करते हुए सन्त पापा ने कहा, "आज का दिन मुझे आपके शानदार अतीत को याद करने का अवसर प्रदान करता है। मेरे विचार, विशेष रूप से, "रोम की लूटमार" की घटना के प्रति अभिमुख होते हैं, जिसमें स्विज़ गार्ड्स की सेना ने अपनी जान को ख़तरे में डालते हुए सन्त पापा की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि उस घटना की स्मृति आप में एक आध्यात्मिक "लूट" का ख़तरा उत्पन्न कर सकती है। वर्तमान सामाजिक संदर्भ में, कई युवा लोग जब केवल भौतिक इच्छाओं या आवश्यकताओं को पूरा करने की होड़ में लगते हैं तब वे अपनी आत्माओं की "लूट" का जोखिम उठाते हैं।"

रोम शहर इतिहास, संस्कृति और विश्वास का गढ़ 

सन्त पापा ने मंगलकामना की कि रोम में स्विज़ सैनिकों का प्रवास इस शहर से मिलनेवाले रचनात्मक तत्वों को ग्रहण करने का सबसे अनुकूल समय सिद्ध हो। उन्होंने कहा, "रोम शहर इतिहास, संस्कृति एवं विश्वास से परिपूर्ण समृद्ध शहर है, अस्तु, आप इस शहर से अपने सांस्कृतिक, भाषाई एवं आध्यात्मिक अनुभवों को परिपक्व करने के अवसरों को ग्रहण करें। रोम में आपका समय भ्रातृत्व भाव, परस्पर सहायता एवं हर्षपूर्ण ख्रीस्तीय होने के अनुभव का महान अवसर है, जिसे आप न खोयें। मेरी मंगलयाचना है कि प्रभु येसु ख्रीस्त की मदद तथा पवित्रआत्मा के सामर्थ्य से आप धैर्यपूर्वक अपनी नवीन जीवन शैली की सभी बाधाओं एवं चुनौतियों का सामना कर पायें।"

02 October 2020, 10:44